Iqrambar
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दिल जो करता है इतना रोने को
इक तअल्लुक़ है तर्क होने को
शर्म आती है हाल पर अपने
कुछ भी हासिल नहीं है खोने को
शुक्र इतना है,मेरे दामन पर
दाग़ कोई नहीं है धोने को
शेर उसको नहीं सुनाऊँगी
उसने पीतल कहा है सोने को
उसको पाने का रास्ता है मगर
दिल नहीं करता जादू टोने को
@iqrambar ✍️
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@Kavya_Ras bahot bahot shukriya 👏👏🥰🥰
काव्यरस@Kavya_Ras
#ग़ज़ल बेहतर यही है लौट जा मुझको पुकार कर मेरी तरह तू आग का दरिया न पार कर गुज़रे हैं अपने दिन जो मुलाक़ात के बग़ैर वो दिन भी मेरे हिज्र में जानाँ शुमार कर मैं उसके सामने नहीं आती हूँ इसलिये कैसे नज़र मिलाएगा दिल से उतार कर ~इकरा अम्बर @iqrambar
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खेल नये शब-ओ-रोज़ दिखाती है दुनिया
रोज़ सबक नया हमको सिखाती है दुनिया
शै न लगाव-वगाव सी कोई दिल में वो
देख मफ़ाद को उंस जताती है दुनिया
जो भी असर कोई होना अगर तो हो जाये
आग तो ख़ूब वो घर में लगाती है दुनिया
* उंस : लगाव
~ दिलीप जोशी 'दीवाना'
#बज़्म #बज़्म_काव्यमंच
#बज़्मकाव्यमंच@BazmKavyamanch
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