

Satire Anuj
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@itsAnuj
ब्राम्हण हूं, और शून्य हूं..,,, Voice Of People ✊



President Trump called me tonight. He had a clear message: “𝐈 𝐥𝐨𝐯𝐞 𝐏𝐫𝐢𝐦𝐞 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐌𝐨𝐝𝐢. 𝐖𝐞’𝐯𝐞 𝐧𝐞𝐯𝐞𝐫 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐜𝐥𝐨𝐬𝐞𝐫 𝐭𝐨 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚. 𝐈’𝐦 𝐚 𝐛𝐢𝐠, 𝐛𝐢𝐠 𝐟𝐚𝐧 𝐨𝐟 𝐏𝐫𝐢𝐦𝐞 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐌𝐨𝐝𝐢…”







युवाओं का दर्द असली है, लेकिन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम पर चल रहा डिजिटल तमाशा नकली है। रील्स के व्यूज से नीतियां नहीं बदलतीं, नीतियां संसद और सड़क की गंभीर बहस से बदलती हैं। इसलिए कॉकरोच पार्टी के फालतू चुटियाप बंद करो..!!

देश की समस्याओं पर हक से सवाल पूछिए, सरकार को कटघरे में खड़ा कीजिए... लेकिन भारत को अस्थिर करने वाले विदेशी एजेंडे का हिस्सा मत बनिए।.. सतर्क रहें सावधान रहें, सुरक्षित रहें..!!

बड़े-बड़े एक्टर्स स्क्रीन पर देशभक्ति बेचकर दुबई शिफ्ट हो जाते हैं। बड़े नेताओं के बच्चे विदेशों में सेटल हैं। आखिर कब तक हम भारत के लोग इन चेहरों को 'भगवान' बनाकर पूजते रहेंगे? 😡

कॉकरोच वाला चुटियापा खत्म होना चाहिए, देश में और भी बहुत जरुरी मुद्दे हैं,, हम सभी को उस पर बात करनी चाहिए..!!

अगर खुरपेंच और कॉकरोच जनता पार्टी में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे? खुरपेंच - एक ऐसा नाम जिसके नाम से भ्रष्टाचारी और गलत प्रक्रिया से लाभ लेने वालों की रूह कांप जाती है, एक ऐसा नाम जो बिना किसी पक्षपात, किसी पार्टी या नेता से इनफ्लुएंस होकर काम नहीं करता, सबको एक ही तरह से एक्सपोज करता है। कॉकरोच जनता पार्टी - एक ऐसा नाम जो एक विशेष पार्टी से इनफ्लुएंस और विशेष पार्टी के लिए ही काम करता है, कई सारे X के पोस्टों में इनकी मंशा साफ झलकती है जो कि सही नहीं है, एक ऐसा नाम जो Gez Z की आड़ में एक विशेष पार्टी के मुद्दों को सही साबित करना चाहता है। बाकी फैसला आपके लेना है साथ किसका देना है।


जिस इंसान के सामने कभी आधी दुनिया के घुटने कांपते थे, उसका अंत एक बंद बंकर के अंदर हुआ। ताकत और खौफ के दम पर आप लोगों को डरा तो सकते हैं, लेकिन उनका सम्मान कभी हासिल नहीं कर सकते।

हिटलर के दौर में जिस तरह मीडिया और प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल करके पूरी जनता का ब्रेनवाश किया गया, आज का सोशल मीडिया युग भी कुछ वैसा ही है। अगर आप आज बिना सोचे-समझे इंटरनेट नैरेटिव के पीछे भाग रहे हैं, तो आप भी उसी भेड़चाल का हिस्सा बन रहे हैं। अपनी आँखें खोलिए

आदमी एक ही जगह झुकता है... जब बात इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाह हिटलर की आती है, तो यह सच और गहरा हो जाता है। जिसके अहंकार ने करोड़ों लोगों की जान ले ली, वह भी कहीं न कहीं अपनी हार और फितरत के आगे झुकने को मजबूर हुआ। इतिहास गवाह है, अहंकार कभी किसी का नहीं रहा!