V sahu
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@ShrivasGouri @PMOIndia @AmitShah @NitinNabin @ChhattisgarhCMO @ajayjamwalbjp @vishnudsai @OPChoudhary_Ind पूरा दिखावा है कोई काम नहीं होता सिर्फ नाश्ता पानी हो रहा है नेताओं और अधिकारियों का
मेरे गांव से हजारों आवेदन गया होगा किसी का कुछ काम नहीं हुआ
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हमारी सरकार का सुशासन अभियान भूपेश सरकार के इवेंट कार्यक्रम भेंट मुलाकात जैसा प्रायोजित नहीं है,हमारा अभियान आम गांव ग़रीब किसान को समर्पित है जिसमे उनके समस्याओं का तुरंत निराकरण हो रहा! @PMOIndia @AmitShah @NitinNabin @ChhattisgarhCMO @ajayjamwalbjp @vishnudsai @OPChoudhary_Ind @KiranDeoBJP @santoshpandey44 @panigrahi777 @PawanSaiBJP @tokhansahu_bjp @BJP4CGState @Rachana_Nitesh
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मेरा ये मानना है कि अगर प्रधानमंत्री ने तेल और गैस की बचत को लेकर अपील की तो कौन सा पहाड़ टूट गया?
मोदी ने अगर सोना कम खरीदने को कहा, विदेशों में सैर सपाटा कम करने को कहा तो इसमें इतनी हाय-तौबा मचाने की क्या ज़रूरत?
अमेरिका से ईरान पर हमला मोदी ने तो नहीं करवाया था. दुनिया में तेल का संकट मोदी के कारण पैदा नहीं हुआ.
जिन चीजों पर विदेशी मुद्रा ज्यादा खर्च होती है, उनकी खरीदारी में किफायत बरतने में किसी को क्या समस्या हो सकती है?
ये समस्या विरोधी दलों के कुछ नेताओं की है. इस तरह की बेसिर पैर की बातें करने के कारण ही उनकी विश्वसनीयता कम हुई है और उनको लोग ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते. rajatsharma.in/?p=12520
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वैश्विक संकट ❌ कांग्रेस के घोटालों का संकट ✅
2013 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देशवासियों से सोना और ईंधन का उपयोग कम करने की अपील की थी। इसका कारण कोई युद्ध या वैश्विक महामारी नहीं, बल्कि UPA सरकार का कुशासन था।
जब आम जनता से 'त्याग' करने को कहा जा रहा था, तब कांग्रेस इन बड़े घोटालों में डूबी हुई थी:
2G घोटाला
कोयला घोटाला
CWG (राष्ट्रमंडल खेल) घोटाला
आदर्श और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला
भ्रष्टाचार के कारण महंगाई बढ़ी, रुपया कमजोर हुआ और अर्थव्यवस्था चरमरा गई।
निष्कर्ष: असली संकट कोई वैश्विक आपदा नहीं था, बल्कि वह कांग्रेस का भ्रष्टाचार और नीतिगत पंगुता (policy paralysis) थी, जिसकी भारी कीमत सालों तक आम भारतीय को चुकानी पड़ी।

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सारा विश्व आज एक अभूतपूर्व संकट की स्थिति में है मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया सीधे युद्ध की स्थिति में हैं। यूरोप में यूक्रेन और रूस का युद्ध वर्षों से चल रहा है। इज़राइल और गाज़ा लेबनान के बीच युद्ध जारी है तथा अमेरिका और ईरान के बीच पुनः युद्ध की स्थिति बनी हुई है। यहां तक कि थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों की सीमाओं पर भी तनाव है। ताइवान को लेकर भी समय-समय पर तनावपूर्ण समाचार आते रहे हैं।
ऐसे अभूतपूर्व वैश्विक संकट के समय, जब पूरी दुनिया सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और ऊर्जा संकट से भी जूझ रही है, अमेरिका में पेट्रोलियम के दाम 20-40%, यूरोप में 20-40% और अफ्रीकी देशों में 60% तक बढ़ चुके हैं।
ऐसे समय में यदि प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने देशवासियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सजगता, सतर्कता और सावधानी बरतने के लिए विदेशी मुद्रा को मितव्ययिता के साथ खर्च करने का आह्वान किया है, तो वह हम सभी की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
इस पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस वैश्विक संकट के समय विपक्ष को अपनी विद्वेषपूर्ण राजनीति से बाज आना चाहिए।
प्रधानमंत्री जी ने जो कहा है, वह सरकार का कर्तव्य है। विपक्ष एक बार फिर वही गलती कर रहा है, जब वह सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते देशविरोध की सीमा तक पहुंच जाता है।
विपक्ष से हमारे तीन सवाल हैं ।
1 - आज विपक्ष बताए कि विश्व का कौन-सा क्षेत्र ऐसा है जो इस समय आर्थिक, सामरिक या ऊर्जा संकट से नहीं जूझ रहा है?
2 - हम विपक्ष से पूछना चाहते हैं कि क्या आप भारत के भविष्य की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्ष में हैं या नहीं?
3 - जैसे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में विपक्ष अराजकता उत्पन्न करना चाहता है वैसे ही क्या आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में अव्यवस्था उत्पन्न करना चाहता है ?
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मेरी देश के हर नागरिक से अपील है कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें।
मेट्रो का उपयोग करें, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें, कार पुलिंग को बढ़ावा दें।
जिनके पास कार है, वो एक गाड़ी में ज्यादा लोगों को साथ लेकर चलें।
डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतना कुछ आसान बना दिया है कि टेक्नोलॉजी की मदद भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद होगी।
ये जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों ही दफ्तरों में वर्चुअल मिटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम की प्राथमिकता दी जाए।
- पीएम @narendramodi
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अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना “नाकामी” है, तो फिर आपके प्रिय नेहरू जी भी क्या “Compromised PM” थे?
खुद नेहरू जी ने कहा था कि जब दूसरे देशों में युद्ध होता है तो उसका असर भारत में महंगाई के रूप में पड़ता है। क्या तब भी यह “बहाना” था, या तब यह जिम्मेदार नेतृत्व माना जाता था?
सच यह है कि हर वैश्विक संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि एक जिम्मेदार नेतृत्व जनता को सच बताकर, साझी भागीदारी से चुनौतियों का सामना करने की अपील करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से त्याग नहीं मांगा, बल्कि राष्ट्रहित में जागरूक विकल्प चुनने की अपील की है, जैसे ऊर्जा बचत, स्वदेशी को बढ़ावा, विदेशी मुद्रा संरक्षण और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना।
लेकिन कांग्रेस की समस्या यही है, उन्हें राष्ट्रहित में जनभागीदारी हमेशा “उपदेश” लगती है, क्योंकि उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता तक सीमित रही, राष्ट्रनिर्माण तक नहीं।
Rahul Gandhi@RahulGandhi
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले श्री @SuvenduWB जी से मिलकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं!
@narendramodi @AmitShah @NitinNabin @BJP4Bengal


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भाजपा पश्चिम बंगाल विधायक दल के नेता चुने जाने पर श्री सुवेंद्र अधिकारी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! @SuvenduWB @AmitShah

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@ShrivasGouri 500 में सिलेंडर और 57000 शिक्षक भर्ती की बात पर तो तेरी भी बोलती बंद कर दी थी
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झालमुड़ी
अब सिर्फ बंगाल की गली का स्वाद नहीं, दुनिया की थाली का हिस्सा बनने जा रही है।
कभी कोलकाता की सड़कों, रेलवे प्लेटफॉर्म और मेलों में मिलने वाला झालमुड़ी आज वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी के एक साधारण से उल्लेख ने इस लोकल स्वाद को इंटरनेशनल पहचान दे दी।
जिस झालमुड़ी को दुनिया नहीं जानती थी, आज वही गूगल और सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले शब्दों में शामिल हो रही है।
वीडियो, पोस्ट और तस्वीरें लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच रही हैं।
यह सिर्फ एक स्नैक की कहानी नहीं है,
यह “लोकल से ग्लोबल” बनने की कहानी है।
अब कल्पना कीजिए की जान बंगाल की झालमुड़ी 5 स्टार होटल्स के मेन्यू में शामिल होगी, शादियों और बड़े आयोजनों में एक स्पेशल बंगाली स्टॉल लगेगा, फूड फेस्टिवल में “Bengal Jhaal Muri” एक ब्रांड के रूप में उभरेगा !!
इससे सबसे बड़ा फायदा होगा बंगाल के छोटे विक्रेताओं, किसानों और मसाला बनाने वाले कारीगरों को। मुरमुरा, सरसों का तेल, मूंगफली, मसाले, इन सबकी मांग बढ़ेगी। यानि बंगाल की अर्थव्यवस्था के छोटे पहियों को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यही खासियत है, वे सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट नहीं बनाते, वे भारत की संस्कृति, स्वाद और परंपरा को दुनिया के सामने रखते हैं।
जिस तरह योग, मिलेट्स और बनारसी साड़ी को वैश्विक पहचान मिली, वैसे ही अब झालमुड़ी भी दुनिया की पहचान बन सकती है।
यह है मोदी का करिश्मा, जहाँ एक साधारण बंगाली स्नैक भी दुनिया के मंच पर पहुंच जाता है।
लोकल स्वाद… अब ग्लोबल पहचान।
#JhaalMuri
#VocalForLocal
#ModiMagic
#TasteOfBengal

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ऐसे ही चुनाव नहीं जीतती भारतीय जनता पार्टी!!
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर विधानसभा में आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का रोड शो था।
आयोजन को व्यवस्थित करने के दौरान चिलचिलाती गर्मी में जब पसीने से तर-बतर, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा पार्टी के युवा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हों, तो फिर जीत सुनिश्चित होनी ही है।
गजब लगन है।
अभी बहुत कुछ सीखना और करना है हम कार्यकर्ताओं को 🙏🙏
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@ShrivasGouri कथित यूथ आइकन
सोशल मीडिया से तो भाग रहा है ब्लाक कर के
कुछ दिन पहले नालंदा से भी भाग गया 🤭🤭
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आज सिविल सर्विसेज डे है और आज ही के दिन 2013 में देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के हाथों शिक्षा के क्षेत्र में किए अभूतपूर्व कार्यों के लिए सम्मानित हुए थे यूथ आइकॉन ओपी चौधरी...
जो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर हैं वो खूब पढ़ाई करके मेहनत करके अपने जीवन में सफल हो सकते हैं ,शिक्षा से ही नक्सलवाद का खात्मा किया जा सकता है, दिल्ली के बड़े स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को दूर पिछड़े क्षेत्र के और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के परीक्षा में असमानता को दूर करने के लिए जिन्होंने प्रदेश को RTE पारदर्शिता दिया ,जिसके तहत गरीब परिवार के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में एडमिशन ले सकें।
जिनकी पढ़ाई छूट गई हो क्या वो समय निकल जाने का अफसोस जताएं ? बिल्कुल नहीं, उनके हाथों में स्कील देकर उनको आगे बढ़ने प्रोत्साहित कर लाइवलीहुड कॉलेज जिन्होंने दिया । जिन बच्चों के मां बाप को नक्सलियों द्वारा मार दिया गया , जो बच्चे शारीरिक रूप से अक्षम हैं, जो जंगलों के बीच बड़े सपने नहीं देख पाते थे उनको जिन्होंने एजुकेशन सिटी ,आस्था , पोटा केबिन जैसे शिक्षा के मन्दिर दिए ।
किताबों के अभाव में कोई बच्चा अपने लक्ष्य से दूर न रहे जिसके लिए नालंदा परिसर जैसी वर्ल्ड क्लास लाइब्रेरी जिन्होंने दिया । शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिन्हे 2 बार प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है ऐसे व्यक्तिव को आज सिविल सर्विसेज डे के दिन जरूर याद करना चाहिए । 21 अप्रैल 2013 को पहली बार ओपी चौधरी जी को भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
@OPChoudhary_Ind @narendramodi @AmitShah @NitinNabin


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माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में चार रैलियों के व्यस्त कार्यक्रम के बीच झाड़ग्राम में स्थानीय स्वादिष्ट झालमुरी का आनंद लिया।
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आज माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी का राष्ट्र के नाम संबोधन एक संवेदनशील, जवाबदेह और दृढ़ नेतृत्व का पर्याय दिखा।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की वजह से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए आवश्यक संविधान संशोधन न हो पाने पर देश की महिलाओं में जो हताशा थी, उसे समझकर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने नारीशक्ति को विश्वास का नया पथ दिखाया है।
राष्ट्रनिर्माण में नारीशक्ति का योगदान सुनिश्चित करने के लिए श्री मोदी जी का संकल्प यह स्पष्ट करता है कि “भले ही कल महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिला है लेकिन नारीशक्ति के सम्मान की यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है” और श्री मोदी जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य को अवश्य हासिल करेंगे।
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मैं सभी सांसदों से कहूंगा...
आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...
देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।
उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।
ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।
आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।
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दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व कम हो जाने के कांग्रेस और विपक्ष के झूठे नैरेटिव पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी का तथ्यों के आधार पर करारा जवाब:
इस संविधान संशोधन से दक्षिण भारत की शक्ति कम नहीं हो रही, बल्कि बढ़ रही है। इस विधेयक के पारित होने स न केवल दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा बल्कि लोक सभा में दक्षिण भारत के प्रतिनिधित्व का प्रतिशत भी बढ़ेगा।
अभी लोक सभा की कुल 543 सीटों में कुल मिलाकर साउथ से 129 सांसद आते हैं। इस बिल के पारित होने के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएगा।
कांग्रेस और विपक्ष द्वारा जो झूठ फैलाया जा रहा है, वह सरासर गलत है और जनता को गुमराह करने वाला है।
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