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@itsokkrishna

श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम...

बनारस / गाजीपुर Katılım Ocak 2023
40 Takip Edilen18 Takipçiler
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
भाटी, हुमायूँ कबीर, मौर्या टाइप के लोग खुल्ला क्यों घूमते हैं?
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श्री
श्री@shree_2_2·
One side secularism in Tamilnadu.
Română
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
प्रिय धर्मेंद्र प्रधान, ज्ञान देना बंद करो, मंत्रालय छोड़ो! बच्चे मर रहे हैं।
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Upadhyay Krishna
Upadhyay Krishna@itsokkrishna·
@AnupamNawada मैं मानता हूं कि ईशान किशन की जगह इस पैसे को नये खिलाड़ी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था, पर इससे एक चीज हो सकती है ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को यह राशि देकर बिहार की ब्रैंडिंग कि जा सकती है और नये खिलाड़ीयों को प्रोत्साहित भी किया जा सकता है..
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Anupam K. Singh
Anupam K. Singh@AnupamNawada·
ईशान किशन 8 साल पहले ही ₹6.20 करोड़ में बिके थे, 2022 में उनकी सालाना IPL फीस ₹15.25 करोड़ की हो गई। फिर 2025 में ₹11.25 करोड़ में बिके। उन्हें BCCI से मिलते हैं सो अलग। विज्ञापनों से जो कमाई होती है सो अलग। पिछले एक दशक में ईशान किशन सिर्फ़ IPL फीस से ₹94 करोड़ कमा चुके हैं। ऐसे खिलाड़ी को ₹1 करोड़ देने की बजाए बिहार के 100 किशोर खिलाड़ियों को ₹1-1 लाख रुपए की धनराशि दी जा सकती थी। इसका इम्पैक्ट ज़्यादा होता। खेल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। एक अदद मैदान नहीं है बिहार में जहाँ IPL के भी मैच हो सकें, वो तैयार करने पर ध्यान करना चाहिए। इसी तरह, कुछ दिनों पहले वैभव सूर्यवंशी को ₹50 लाख रुपए की सम्मान-राशि दी गई थी। उनकी भी आईपीएल फीस करोड़ से ऊपर है। ये सब बिहार के धरोहर हैं खेल के क्षेत्र में, इनका सम्मान पूरा होना चाहिए लेकिन इन्हें वित्तीय मदद देने की ज़रूरत नहीं है - सीधी बात है। हाँ, बिहार में खेल व खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए इनका सहयोग लेना हो तो लीजिए।
SOURAV RAJ@souravreporter2

बिहार सरकार की ओर से ईशान किशन को ₹1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान किए जाने को आप कैसे देखते हैं ? #IshanKishan #Bihar

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Nitish Rajput
Nitish Rajput@nitishrajput·
How NTA tender rules were changed to favor...
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Comrade M
Comrade M@ComradeMalal·
यह विषय इतना बड़ा है कि देश के लगभग 15-20 लाख परिवार प्रत्यक्ष रूप से इमोशनली जुड़े हुए हैं। इतने ही लोग आने वाले वर्ष में एग्जाम देने वाले हैं , उनकी भी आशा एग्जाम के प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ी हुई है। विपक्ष अगर ऐसे मुद्दों के लिए सड़क पर नहीं उतरता है , लाठी नहीं खाता है , संघर्ष नहीं करता है तो लोकतंत्र एक-पक्षीय और एक दलीय हो जाने से कोई रोक नहीं पाएगा। जब जनता के मुद्दे पर आप जनता के साथ नहीं आयेंगे तो जनता भी आपके जरूरत पर नहीं आएगी। लोकतंत्र का सबसे प्रमुख हथियार है मैसेजिंग।
Comrade M@ComradeMalal

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में दूसरी बार नीट परीक्षा के पेपर लीक हो गए हैं। इसबार 22 लाख छात्रों ने एग्जाम दिया था , कंजर्वेटिव आंकड़ा भी लेते हैं तो लगभग 11 लाख छात्र गंभीर रूप से तैयारी करते होंगे। दिन के न्यूनतम दस घंटे पढ़ते होंगे। अगर लीक हुआ पेपर 50 हज़ार छात्रों तक भी पहुँचा होगा तो इन छात्रों के दो-तीन साल के मेहनत का अब कोई फ़ायदा नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में मोदी सरकार की रेपुटेशन वैसे ही लालू यादव जैसी है। धर्मेंद्र प्रधान ने इसे राबड़ी देवी के कार्यकाल जैसा बना लेने का ठान लिया है। कांग्रेस में अगर कोई भी दिमाग वाला बचा हो तो दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी करनी चाहिए। पूरे देश भर से NSUI के छात्रों को बुलाओ और दिल्ली भर दो। कम से कम हर युवा के फ़ोन में यह न्यूज़ जानी चाहिए कि कांग्रेस उसके हक़ के लिए गंभीरता पूर्वक लड़ रही थी। नरेंद्र मोदी चाहें बहुमत के अकड़ में रहें और जनता/विपक्ष की सुने या ना सुने।

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Comrade M
Comrade M@ComradeMalal·
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में दूसरी बार नीट परीक्षा के पेपर लीक हो गए हैं। इसबार 22 लाख छात्रों ने एग्जाम दिया था , कंजर्वेटिव आंकड़ा भी लेते हैं तो लगभग 11 लाख छात्र गंभीर रूप से तैयारी करते होंगे। दिन के न्यूनतम दस घंटे पढ़ते होंगे। अगर लीक हुआ पेपर 50 हज़ार छात्रों तक भी पहुँचा होगा तो इन छात्रों के दो-तीन साल के मेहनत का अब कोई फ़ायदा नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में मोदी सरकार की रेपुटेशन वैसे ही लालू यादव जैसी है। धर्मेंद्र प्रधान ने इसे राबड़ी देवी के कार्यकाल जैसा बना लेने का ठान लिया है। कांग्रेस में अगर कोई भी दिमाग वाला बचा हो तो दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी करनी चाहिए। पूरे देश भर से NSUI के छात्रों को बुलाओ और दिल्ली भर दो। कम से कम हर युवा के फ़ोन में यह न्यूज़ जानी चाहिए कि कांग्रेस उसके हक़ के लिए गंभीरता पूर्वक लड़ रही थी। नरेंद्र मोदी चाहें बहुमत के अकड़ में रहें और जनता/विपक्ष की सुने या ना सुने।
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ANUPAM MISHRA
ANUPAM MISHRA@scribe9104·
कीर्तन कभी कर्तन (कटाई) की जगह नहीं ले सकता, हनुमान जी कीर्तन की जगह कीर्तन और कर्तन (⚔️) की जगह कर्तन (⚔️) करते थे चैतन्य महाप्रभु कीर्तन करते रहे और बंगाल हाथ से निकल गया, आज वो होते तो उन्हें बहुत दुख होता दो क्षत्रिय राजकुमारों (बुद्ध और महावीर ) ने असमय क्षात्र धर्म (⚔️) को छोड़कर अहिंसा का मार्ग अपनाया और उनकी नक़ल करते-करते देश की दुर्गति हो गयी क्षत्रियों को अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहिए ~ जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज
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General Category not Modi ka Parivar
यूजीसी इक्वलिटी रेगुलेशन -2026। उन्होंने मुस्लिम ओबीसी जोड़ दिया, मुस्लिम ST जोड़ दिया। सिर्फ सामान्य वर्ग - सवर्ण को निकाल दिया। इसका जस्टिफिकेशन मुझे दीजिए, भाजपाइयों।
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Upadhyay Krishna
Upadhyay Krishna@itsokkrishna·
@ajeetbharti जिसने पहल की है उसके खुद के नाम में “राम” है
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
कफन तो नीला रख लेते यार! ‘रा’ को ‘भी’ से बदल कर नया पंथ बना लिया!
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
सपा काल के कारनामे: मैनाठेर में जब DIG को ही मुसलमानों ने मरणासन्न कर दिया और अखिलेश की सरकार ने केस वापस ले लिया!
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Arpit
Arpit@ag_arpit1·
Is Dhurandhar just a movie, or is it showing us the ugly truth? The way Javed Khanani died right after demonetization matches real-life intelligence reports and US sanctions perfectly. This isn't just "entertainment" it’s a direct look at the dangerous networks and fake currency rackets hitting our country. Is it propaganda, or finally the truth? #Dhurandhar2
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Voice Of Brahmins
Voice Of Brahmins@VoiceOfBrahmins·
हर बात में ब्राह्मणवाद से आज़ादी। 🤣 - सर्वेश तिवारी
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Upadhyay Krishna
Upadhyay Krishna@itsokkrishna·
@AjiHaaan आपसे सिर्फ एक सवाल और सीधा और सरल उत्तर की अपेक्षा है "आप भी नये UGC Act के समर्थन में हैं???” पहले से ही हम लोग समाज में SC ST Act को झेल रहे थे अब सरकार क्या चाहती है हमारे भाई-बहन भी समाज में आने से पहले उस एक्ट को झेले।।
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AjiHaan
AjiHaan@AjiHaaan·
आप अपने आपको बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण समझ रहे हैं..आपने ना आंदोलन की अपील की ना आपसे किसी ने पूछा था कि किस डेट को आंदोलन करना है..यहाँ तक कि आप कोर whatsapp ग्रुप के मेम्बर भी नहीं हैं. ना आपसे पूछ कर इन्होने 31 जनवरी वाली मीटिंग रखी, ना आपसे पूछ कर रामलीला मैदान या जंतर मंतर तय हुआ. हाउस अरेस्ट करने वालों से सिर्फ़ आपको नहीं हम जैसों को भी शिकायत है कि अच्छा खासा सब सामने आने ही वाला था उन्होंने पुलिस भेज के ख़ामख़ा का बखेड़ा इकट्ठा किया. रही बात 50 दिन की तैयारी की तो इस भोलेपन पे मैं वारी जावां वाला मामला है.. नए नए बने गुरुजी लोगों से पूछियेगा कि कितने साल से नेटवर्क बना रहे हैं और सिटी वाइज चैप्टर पहले से तैयार हैं..यहाँ तक कि इस आंदोलन में जो मिस कॉल नम्बर use किया गया है उसी नम्बर से २ साल से मेम्बरशिप बनाई जा रही थी.. पर खैर लच्छेदार बातें करना आसान है, व्यावहारिक बातों को समझने में थोड़ा ज़ोर लगता ही है. All animals are equal, some are more Equal than others. दोस्ती अपनी जगह है, अपने पक्ष पर अड़ना अपनी जगह है. हमारे लिए मोदी-योगी स्टेबल रहेंगे तो और भी हज़ारों लक्ष्य साधने हैं. मार्केट में लंच हुए इन नए रंगे सियारों पर अपना भरोसा नहीं है तो नहीं है. ✌️
Ajeet Bharti@ajeetbharti

आप विधाता हैं, आप ही ने ब्रह्मांड रचा है, आप कभी गलत नहीं हो सकते। आप इतने बड़े आकलनकर्ता हैं कि आप एक करोड़ लोगों की रैली चाहते हैं। नहीं आए लोग रैली में, नहीं थी यूनिटी सवर्णों में, झाँट नहीं उखाड़ सकते सवर्ण! यही है न आपका आकलन? फिर इस बात का उत्तर दीजिए (पर आप कैसे देंगे क्योंकि आप शाह-मोदी से अधिक तो नहीं जानते होंगे) कि हाउस अरेस्ट की नौबत क्यों आ गई? इसका है कोई उत्तर? रहने दीजिए। आपको अन्ना टाइप आंदोलन चाहिए? याद है कितने महीने की तैयारी थी? आप पचास दिन में चाहते हैं कि रामलीला मैदान में एक करोड़ भर जाए? और आपको यह लगता है कि सारा सवर्ण रैली में उतर जाएगा? जिस समूह की आज तक कोई चिंता ही नहीं हुई, न कोई संगठन है, आपकी माँग है कि दस लाख लोग सड़कों पर क्यों नहीं आए! ये है आपकी समझ? आप क्या सामान्य वर्ग को नहीं समझते या राजनैतिक समूहों के रैली में मोबिलायजेशन को? केजरीवाल की फंडिंग और ये 10-12 लोगों के व्यक्तिगत आह्वान को आप एक स्तर पर देख रहे हैं, वो भी 50 दिनों में! ईश्वर आपकी इच्छा पूरी करेगा, हर आंदोलन ऐसे ही दर्जन भर लोग आरंभ करते हैं। मैं तो आंदोलन चाहता भी नहीं, मैं तो इस जातिवादी मानसिकता से संचालित सरकार को झकझोड़ कर जगाना मात्र चाहता हूँ कि अपनी ही क्षति मत करो। क्या मुझे नहीं दिख रहा कि हर बीतता दिन इन पर कितना भारी पड़ेगा और कौन चुपचाप ‘अपना’ काम बनता देख कर आनंद में हैं? सवर्ण प्रभाव दिखाएगा। आप ही बोल रहे हैं न 2022-24 का? नकारात्मक हो या सकारात्मक, प्रभाव यूपी में दिखा या नहीं? मैं भी तो उनको गरिया ही रहा था कि ये जातिवाद मत करो, मेरा बल भी आपके साथ था, फिर भी प्रभाव पड़ा या नहीं? तो आप, संख्या गिनते रहो। मेरा कोई संगठन नहीं है, और मैं दो कौड़ी का हूँ फिर भी मेरे लिए बारह पुलिसकर्मी आते हैं कि मत जाओ। मेरे जैसों का प्रभाव हमने इकट्ठा हो कर भी दिखा दिया जब आप और आप जैसों ने ‘चार लोग नहीं आएँगे’ का कटाक्ष किया था। सवर्णों का प्रभाव भीड़ में भी दिखेगा, वोट में भी। आप और आपके जैसे जितने भी लोग हैं, जितना उपहास करोगे, उतनी ही पार्टी और विचारधारा को क्षति पहुँचेगी। बाकी, जैसा कि माननीय मोदी जी पानी पीते हुए कहते हैं: दोस्ती, बनी रहे!

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हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi
#UGC_RollBack एकदम दुरुस्त मांग है, लोकतांत्रिक है, संवैधानिक है और मेरा स्पष्ट मानना है कि, समानता की आड़ में यूजीसी के घटिया नियम कभी लागू नहीं हो सकेंगे। सरकार इस मसले पर घिरी और उसे ठंडे बस्ते में डालना लाने का प्रयास किया। बहुत से लोगों को लगता है कि, समानता के नाम पर सवर्णों के बच्चों के साथ अन्याय का यह कानून कभी भी लागू हो सकता है, जमकर विरोध कर रहे हैं। यहां तक सब ठीक है, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से जंतर मंतर या रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने वालों की गिरफ्तारी, हाउस अरेस्ट पूर्णतया अनुचित है। इसका दुष्परिणाम देखने को मिल सकता है।
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Nitin Shukla 🇮🇳
Nitin Shukla 🇮🇳@nshuklain·
ये अघोषित आपातकाल है, जहाँ शांतिपूर्ण तरीके से आप अपनी बात नहीं कह सकते, पोस्टर बैनर फाडे जा रहे हैं और UGC का विरोध करने वाले बच्चो को हिरासत में लिए जा रहा है, सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख दो तो उसे डिलीट करवाया जा रहा है, इतना डर ??? किस से ?? अपने ही सपोर्टर्स से ?? क्या जनता यह सब बर्दाश्त करेगी? या जनता इसका विरोध करेगी? लेकिन सवाल यह है कैसे? क्योकि फ़िलहाल तो विरोध करने की भी इजाज़त नहीं है देश में
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
#March8DelhiChalo जंतर-मंतर, रामलीला मैदान…
MR
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
“सच्चा गाइड वही है जो जगहें नहीं, उनकी आत्मा महसूस करवा दे”🔥
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
दो न्याय अगर तो आधा दो पर उसमें भी यदि बाधा हो तो दे दो केवल पाँच ग्राम रखो अपनी धरती तमाम @narendramodi @PMOIndia @BJP4India @AmitShahOffice
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