ANONYMOUS

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@itz_awashya

Etawah|Delhi| Raipur.📍 Trusting Journey|Learning|Growing|Evolving.🤍 |Social Media Executive|Political.🗳 |Science Student.🎓

raipur Katılım Ekim 2021
96 Takip Edilen530 Takipçiler
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ANONYMOUS@itz_awashya·
पहाड़ कठोर हैं इसलिये नदियॉं छोड़ जाती हैं या पहाड़ इसलिये कठोर हैं क्योंकि नदियॉं छोड़ जाती हैं।
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ANONYMOUS@itz_awashya·
अब मैं जोर से नहीं बोलता… बस धीरे धीरे कह देता हूँ कि हाँ, ठीक हूँ. ताकि किसी को बोझ न लगूँ और खुद को भी याद दिलाता रहूँ कि नरमी में भी एक किस्म की ताक़त होती है जो दुनिया समझ नहीं पाती, पर दिल महसूस करता है.
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ANONYMOUS@itz_awashya·
नरमी कमजोरी नहीं होती। कई बार ये उन लड़ाइयों का सबूत होती है जो हम चुपचाप अकेले जीतते हैं। लोग पूछते हैं बदल क्यों गए। कौन बताए कि टूटकर भी मुस्कुराना पड़े तो लहजे में सख़्ती नहीं बचती।
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ANONYMOUS@itz_awashya·
अब अपने लहजे में नरमी बहुत ज़्यादा है… जैसे ज़िंदगी ने मुझे धीरे बोलना सिखा दिया हो। पहले हर बात में तेज़ी थी, झुंझलाहट थी, मान लेने की जल्दी थी। अब खामोशी ज़्यादा है, दर्द थोड़ा गहरा है, और शब्दों की रफ़्तार धीमी हो गई है। #छोटा_दरवाजा
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ANONYMOUS@itz_awashya·
शायद इसी खामोशी में मैं खुद को फिर से पा लूँ. शायद यहीं आधे अधूरे जवाब भी मिल जाएँ. कभी कभी दूर जाना खोना नहीं होता. खुद को पा लेना होता है. #छोटा_दरवाज़ा
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ANONYMOUS@itz_awashya·
दुनियादारी से दूरी अब मेरी जरूरत है. जब रिश्तों ने सवाल ज्यादा दिए और सुकून कम. तब मन ने खुद को ऐसे रास्तों पर भेज दिया जहाँ कोई शोर नहीं. कोई दिखावा नहीं. सिर्फ मैं हूँ और पहाड़ों की रातें हैं जो सब सुनती हैं पर कुछ कहती नहीं.
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ANONYMOUS@itz_awashya·
मैं अकेला एक यात्रा पर निकला हूँ. धर्मशाला की सर्दियों का मौसम. पहाड़ों की ठंडी रातें. हवा में घुला सन्नाटा. और मेरे भीतर उमड़ते अनकहे किस्से जिनका जवाब मुझे कभी नहीं मिला मैं बाहर की ओर चल रहा हूँ पर असल में यह यात्रा भीतर की है. उन सवालों की जो मैंने दबा दिए थे. क्या हुआ मुझे
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ANONYMOUS@itz_awashya·
Dil ki uljhanon ko kaun samjhe…
isliye hum khud hi khamosh ho gaye.
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ANONYMOUS@itz_awashya·
लेकिन शायद यही सेंसिटिव लोग असल मायनों में ज़िंदगी को महसूस करना जानते हैं। क्योंकि वही लोग छोटी-सी खुशी से भी रो पड़ते हैं और छोटे-से प्यार से भी जी उठते हैं। #छोटा_दरवाजा
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ANONYMOUS@itz_awashya·
ओवरथिंकिंग दिमाग और सेंसिटिव दिल का मेल एक सजा जैसा है। क्योंकि जहाँ दुनिया आगे बढ़ जाती है, वहीं तुम वही पल बार-बार जीते रहते हो। सोचते रहते हो कि क्या गलत हुआ, क्या सही होना चाहिए था।
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ANONYMOUS@itz_awashya·
"ज़िंदगी आसान नहीं होती जब तुम्हारे पास एक सोचने से न रुकने वाला दिमाग और बेहद नाज़ुक दिल हो। ऐसी हालत में छोटी-सी बात भी तुम्हें अंदर तक तोड़ देती है, और छोटी-सी चुप्पी तुम्हें घंटों बेचैन कर सकती है।
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ANONYMOUS@itz_awashya·
@ShivamSanghi12 तोड़िएगा भी तो केंद्र से सरकार चल देगा मोदी जी का।
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Shivam Tyagi (Modi Ka Parivar)
Shivam Tyagi (Modi Ka Parivar)@ShivamSanghi12·
ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे……..: बिहार की जनता का एनडीए परिवार की तरफ़ से आभार 🙌
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ANONYMOUS@itz_awashya·
@TheBahubali_IND Main likh ke deta hoon ye khud daru peeke gaya hai shutter band karne 😂🤣
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Amrendra Bahubali 🇮🇳
Amrendra Bahubali 🇮🇳@TheBahubali_IND·
देश का युवा जाग रहा है देश बदल रहा है सनातनी भाइयों ने मथुरा में की नशा मुक्ति की मांग शराब की दुकानों का गिरा दिया शटर शेरो को नमन लगे रहो हम तुम्हारे साथ हैं 🔥💪
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ANONYMOUS@itz_awashya·
इंसान का दिल अजीब है चाहे जितना टूटा हो फिर भी हर बार नए रास्तों की तलाश करता है. शायद इसलिए कि मोहब्बत और उम्मीद का रिश्ता कभी खत्म नहीं होता. हर दरवाज़े हर दरीचे के पीछे यही ख्वाहिश रहती है. शायद इस बार कोई आ ही जाए. #छोटा_दरवाजा
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ANONYMOUS@itz_awashya·
ज़िंदगी में जब किसी की आहट महसूस होती है तो लगता है जैसे हर दरवाज़ा उसी के लिए खुला हो. हर रास्ता उसी की तरफ जाता हो. लेकिन जब कोई नहीं आता तो वही रास्ते वीरान हो जाते हैं. वही ख्वाब बोझ लगने लगते हैं. और वही तसव्वुर दिल को चुभने लगता है.
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ANONYMOUS@itz_awashya·
तसव्वुर ख़्वाब दरवाज़े दरीचे ये सब इंसान के अंदर बसे हुए वो रास्ते हैं जो हमेशा किसी के आने का इंतज़ार करते रहते हैं. कभी कोई ख़्वाब दरवाज़े पर दस्तक देता है. कभी कोई तसव्वुर खिड़की से झाँकता है. और कभी दिल की गहराइयों से उम्मीदें बाहर निकल आती हैं.
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ANONYMOUS@itz_awashya·
सर रख कर रोने के लिये शहाना चाहिए था, मैं अकेला था तुझे आना चाहिए था। शहाना(कंधा)
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