
Janakraj Agrawal
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Janakraj Agrawal
@janakraj13
Son,husband,father& traveller,followed by Gujarat exCM @VijayRupaniBJP ji & Legend @SrBachchan ji || Gujarat President,#HinduEcosystem/ https://t.co/dLntF99H49
📍अनंत आकाश में बहुत सूक्ष्म ✨ Katılım Şubat 2011
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प्रतिभा जो बेमिसाल है..एक होनहार बच्चा मुम्बई के हैंगिंग गार्डन में मोरपंख किसी भी विदेशी भाषाओं में बेच सकता है
कृपया एक बार ज़रूर देखें 🙏🏻
@SrBachchan
@sanjay_patodiya @BeejalBhatt @EF_MahekShukla @ashokmistry4545 @prashantkawadia @PayalRohira1 @ladva_aj @SnehalRajpal
Ahmadabad City, India 🇮🇳 हिन्दी
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ऐसा प्रतीत होता है की कोई संत पुरुष बैठे हैं और संगीत सुनने में मग्न है
आपको क्या लगता है?
चुनावी प्रचार के बीच, चेन्नई में थिरु रमेश विनायकम जी और उनके परिवार से मोदी जी मिले
रमेश जी एक संगीतकार हैं और उन्होंने भारतीय संगीत को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।
उन्होंने एक गीत भी गाया, जिसे मोदी जी ने सोशल मीडिया पर साझा किया है
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@AlkaAgrawal_ef आज का समय... न्यायालय पर भी भरोसा करने नही देता
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🤣🤣 जज साहब क्या जनता मासूम है उसे नहीं पता है कि पैसा अकेला पेशकार नहीं लेता
.....केक क' टता है तो सबमें बंटता है
आजतक जले बोरे पकड़े जाने के बाद न्यायपालिका उसका कुछ नहीं उ 'खाड़ पाई तो किसी ओर का क्या उ 'खाड़ लेगी
न्यायायिक भ्रष्टाचार का पन्ना किताब से फ 'ड़वा सकते हो .....मगर सबूत रोज ऐसे ही सामने आते रहेंगे.....

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अमेरिका की मीडिया में कई दिनों से ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध पर नरेंद्र मोदी की एकदम चुप्पी खामोशी पर काफी लिखा जा रहा है
वैसे सभी मीडिया का कहना है की ट्रंप ने जो पिछले कई महीनो से मोदी पर बयान बाजी कर रहे थे भारत पर बयान बाजी कर रहे थे ऑपरेशंस दूर पर मोदी को और भारत पर फालतू के बयान दे रहे थे जबकि उन सब चीजों के ना कोई प्रमाण थे ना कोई सबूत थे उन्हीं चीजों की वजह से मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से एकदम दूरी बना ली है
अब भारत की पॉलिसी है कि जब तक ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति रहेंगे अमेरिका के साथ रिश्तों को ना कहू से दोस्ती ना काहू से बैर वाली नीति पर चलाया जाएगा
ट्रंप के जाने के बाद से ही भारत अमेरिका के साथ नए सिरे से रिश्ते बनाएगा
अमेरिका की मीडिया ही नहीं बल्कि यूरोप की भी मीडिया का कहना है कि अगर मोदी इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करते तो बात कुछ और होती
कुछ दिनों पहले फिनलैंड के राष्ट्रपति ने एक मीडिया से यही बात की थी कि भारत के संबंध इजरायल ईरान और अमेरिका तीनों से बहुत अच्छे है
लेकिन ट्रंप ने जिस तरह से मोदी के खिलाफ लगातार बयान दिया है फालतू के बकवास किए हैं तो नरेंद्र मोदी ने इस लड़ाई को इन तीनों देशों के भरोसे छोड़ दिया है
और इसमें सबसे शानदार चीज हैं कि हम रूस से भी तेल खरीद रहे हैं हम ईरान से भी तेल ले रहे हैं हम होरमुज स्ट्रेट से भी अपना टैंकर निकाल कर ला रहे हैं
और हम अमेरिका से भी एलपीजी और तेल ले रहे हैं
और साथ ही साथ इजरायल के साथ हमारे कई ह 'थियार बनाने के फैक्ट्री चल ही रहे हैं
यानी हम सबके साथ हैं हमारी दुश्मनी किसी के साथ में नहीं है
✍️Jitendra Singh
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@ibmindia20 मोदी युग में लगभग सभी एयरपोर्ट का नवीनीकरण हुआ है
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@ibmindia20 कपड़ों से नहीं, व्यवहार से इंसान की पहचान होती है।
और असली ताकत पद में नहीं, सही फैसले लेने की समझ में होती है।
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एक साधारण दिखने वाली महिला को ट्रेन से उतार दिया गया… वजह - “टिकट नहीं है”
लेकिन कुछ ही देर बाद सच्चाई सामने आई, और पूरा रेलवे सिस्टम हिल गया।
दिल्ली से लखनऊ जा रही एक्सप्रेस अपने पूरे वेग में थी। एसी कोच में बैठे लोग अपनी-अपनी दुनिया में डूबे थे - कोई मोबाइल में, कोई नींद में, तो कोई परिवार के साथ बातचीत में।
उसी कोच के एक कोने में एक महिला बैठी थी। साधारण कपड़े, शांत चेहरा, लेकिन आँखों में अजीब-सा आत्मविश्वास। वह बार-बार मोबाइल देख रही थी - नेटवर्क गायब था, और उसे अपना ई-टिकट खोलना था।
तभी कोच में टीटीई राजेश दाखिल हुआ। सख्त रवैया, तेज आवाज - यही उसकी पहचान थी।
“टिकट दिखाइए,” उसने रुखाई से कहा।
महिला ने विनम्रता से जवाब दिया,
“सर, मोबाइल में है… बस नेटवर्क आने दीजिए।”
राजेश झल्ला गया -
“मुझे बहाने नहीं सुनने, जल्दी दिखाइए!”
महिला ने शांत रहकर कहा,
“आप चाहें तो पीएनआर चेक कर लीजिए…”
लेकिन राजेश ने सुनना जरूरी नहीं समझा।
चार्ट देखा, नाम जल्दी में छूटा… और फैसला सुना दिया -
“अगले स्टेशन पर उतरिए। बिना टिकट सफर कर रही हैं।”
पूरा डिब्बा खामोश हो गया।
लोगों की नजरें बदल गईं… शक, तिरस्कार, दूरी।
महिला ने सिर्फ इतना पूछा -
“क्या आपको पूरा भरोसा है अपने फैसले पर?”
राजेश बोला -
“मैं अपना काम कर रहा हूँ।”
🚉 ट्रेन रुकी… और महिला उतर गई।
जैसे ही प्लेटफॉर्म पर कदम रखा, नेटवर्क वापस आ गया।
मोबाइल खुला… टिकट कन्फर्म था।
महिला मुस्कुराई… और एक कॉल मिलाया -
“मैं ट्रेन नंबर 12578 से उतारी गई हूँ… तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना दीजिए।”
बस… यहीं से खेल पलट गया।
कुछ ही मिनटों में स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
फोन पर एक ही सवाल -
“क्या रेलवे बोर्ड की सीनियर अधिकारी वहाँ मौजूद हैं?”
स्टेशन मास्टर भागते हुए प्लेटफॉर्म पहुँचा…
और महिला को देखते ही समझ गया - गलती बहुत बड़ी हो चुकी है।
उधर ट्रेन को अगले स्टेशन पर रोकने का आदेश जारी हुआ।
टीटीई राजेश के पैरों तले जमीन खिसक गई।
“जिसे उतारा था… वो सीनियर अधिकारी निकली…”
उसका गला सूख गया।
कुछ देर बाद, ऑफिस के कमरे में आमना-सामना हुआ।
राजेश ने हाथ जोड़ दिए -
“मैम, गलती हो गई…”
महिला ने शांत लेकिन तेज आवाज में कहा -
“गलती?
गलती तब होती है जब अनजाने में हो…
आपने तो मुझे बोलने तक का मौका नहीं दिया।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
फिर उसने अपना मोबाइल टेबल पर रखा -
ई-टिकट साफ दिख रहा था।
राजेश की आँखें झुक गईं।
“आपको क्यों लगा मैं झूठ बोल रही हूँ?”
महिला ने सीधा सवाल किया।
कुछ पल चुप्पी… फिर जवाब आया -
“मैम… आपके कपड़े…”
कमरे में बैठे हर इंसान ने सच्चाई समझ ली।
महिला बोली -
“तो साधारण कपड़े पहनने वाला इंसान झूठा होता है?”
राजेश टूट गया।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई।
महिला ने कहा -
“अगर मैं अधिकारी नहीं होती… तो आज एक आम इंसान के साथ क्या होता?”
यह सवाल सीधे सिस्टम पर वार था।
फिर उसने एक रिकॉर्डिंग चलाई…
जिसमें हर शब्द कैद था -
रुखाई, जल्दबाजी, और अपमान।
अब फैसला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था -
पूरा सिस्टम कटघरे में था।
जांच शुरू हुई…
और जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया -
👉 बिना वजह जुर्माने
👉 टिकट होते हुए भी फाइन
👉 और कई जगह रिश्वत के मामले
अगले ही दिन बड़े फैसले हुए -
✔ कई टीटीई सस्पेंड
✔ अधिकारियों पर जांच
✔ नया नियम - बिना पूरी जांच के कोई यात्री नहीं उतारा जाएगा
राजेश डरा हुआ था… उसे लगा नौकरी खत्म।
लेकिन उसे बुलाया गया।
महिला ने कहा -
“सजा मिलेगी… लेकिन सुधार का मौका भी।”
उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया।
कुछ महीने बाद…
वही ट्रेन, वही रूट… लेकिन राजेश बदल चुका था।
अब उसकी आवाज में सख्ती नहीं, संवेदनशीलता थी।
एक बुजुर्ग महिला टिकट ढूंढ रही थी…
वह मुस्कुराकर बोला -
“आराम से देखिए, कोई जल्दी नहीं।”
तभी पीछे से आवाज आई -
“लगता है आपने सीख लिया…”
वह मुड़ा -
वही महिला खड़ी थी।
राजेश ने सम्मान से सिर झुका दिया।
महिला ने कहा -
“अब आप सही मायनों में अधिकारी हैं।”
✨ अंतिम संदेश:
पद नहीं, व्यवहार इंसान को बड़ा बनाता है।
और सिस्टम तब बदलता है… जब सोच बदलती है।

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