
ऐसे मासूम या फिर किसी अवसर की ताक में बैठे अति चतुर लोगों को लग रहा है कि देश में सब कुछ चंगा चल रहा है और सारी लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाएं बहुत ही नेकनीयती और पाक-साफ ढंग से निष्पक्ष होकर काम कर रही हैं ..!
दयाशंकर राय का लेख।
janchowk.com/why-it-was-nec…
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