प्रियंका वाड्रा का बंगला शिमला से बाहरी इलाके में जंगलों और पहाड़ पर स्थित है
प्रियंका वाड्रा कानून के तहत यहां मकान नहीं बना सकती थी ना जमीन खरीद सकती थी
लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार यानी उस वक्त के वीरभद्र सिंह ने सिर्फ और सिर्फ प्रियंका वाड्रा के लिए कैबिनेट की विशेष मीटिंग बुलाकर प्रियंका वार्ड्रा के लिए नियम एक दिन के लिए बदल दिए ताकि प्रियंका वाड्रा रजिस्ट्री करा सके
उसके बाद वन विभाग के नियमों में छूट दी गई और यहां स्थित हजारों पेड़ों को काटने की इजाजत दिया गया तथा ब्लास्ट करके पहाड़ों को समतल करने की इजाजत दिया गया जो आज तक शिमला में किसी के साथ नहीं किया गया
उसके बाद जब प्रियंका वाड्रा के सपनों का शीशमहल बना रहा था तब कई बार सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा उसका निरीक्षण करने जाती थी तब हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह किसी चपरासी की तरह हाथ बंधे वहां खड़े रहते थे जैसे पूछते हो मैडम और बताइए और आपके लिए मैं नियम में क्या बदलाव कर दूं
प्रियंका वाड्रा ने अपने सपनों का यह शीश महल में देवदार और चीड़ की लकड़ी का काफी इस्तेमाल किया है यह बंगला पहाड़ी शैली का बना है और इसे बनाने में करीब 800 चीड़ के पेड़ काटकर उनकी लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है
और हां आज यही प्रियंका और यही राहुल गांधी पर्यावरण बचाने निकले हैं
मतलब यह दोगले यह चाहते हैं कि यह कॉर्पोरेट जेट में घूमें यह हजारों गाड़ियों का काफिला लेकर चलें यह अपने सपनों के महल को बनाने के लिए हजारों पेड़ काटे पहाड़ी को विस्फोट से उड़ाए तब ठीक है
लेकिन भारत सरकार भारत की सुरक्षा के लिए नेबल बेस आर्मी बेस और एयर फोर्स बेस ना बनाएं