Jp Singh
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इस महिला का रोना आपका कलेजा चीर देगा...💔😢
ये कोई साधारण महिला नही बल्कि यूपी की योगी सरकार मे CM हेल्प लाइन 1076 की महिला वर्कर है !!
इनका कहना है कि- अपनी मागो को लेकर सरकार के पास जाने से इन्हे पुलिस द्वारा रोका जा गया और दुर्दांत तरीके का व्यावहार कर इन्हे परेशान किया जा रहा...
पूरे यूपी की समस्या ये महिलाए सुनती है पर इनकी समस्या सुनने वाला कोई नही !!
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IAS रिंकू सिंह राही जी को 8 महीने से कोई काम नहीं दिया गया है।
मतलब ये है कि अगर कोई अधिकारी करप्शन का पर्दाफाश करता है, तो उसे सजा दी जाती है।
ऐसे में सवाल है 👇
• क्या देश में ऐसे ईमानदार अधिकारियों की जरूरत नहीं है?
• क्या किसी अधिकारी को दलित होने की सजा दी जाएगी?
: कांग्रेस SC विभाग के चेयरमैन @AdvRajendraPal जी
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आज 2 अप्रैल है, आज ही के दिन 8 वर्ष पहले एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बहुजन समाज मुठ्ठी बांधकर सड़कों पर उतरा और केंद्र सरकार को कुछ ही घंटों में झुकना पड़ा
आंदोलन का स्तर इतना बड़ा था कि पूरे देश में सरकार ने 20 हजार से अधिक युवाओं को गिरफ्तार किया और आंदोलन पर हुए हमलों में 13 बहादुर योद्धा शहीद हो गये
आज मैं पुनः उस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए उन 13 वीर शहीदों को भी नमन करता हूं 🙏🏼🙏🏼
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आइए झुक कर सलाम करें उनको, जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है।
बहुत खुशनसीब होते हैं वह योद्धा, जिनका लहू मिशन के काम आता है।
2 अप्रैल बहुजनों के ऐतिहासिक आंदोलन में बलिदान हुए हमारे वीर शहीदों को नमन, आप सब हमारे दिलों में हमेशा जिंदा है और रहेंगे।
#2अप्रैल_बलिदान_दिवस

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उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर आईएएस अधिकारी दलित समाज के मंत्रियों के साथ प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर एक दलित आईएएस अधिकारी उपेक्षा के चलते इस्तीफा देने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और सवालों से भरी है।
रिंकू सिंह राही, जो दलित समाज से आते हैं, उनका इस्तीफा किसी एक अधिकारी का व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है; एक ऐसा अधिकारी जिसने 2009 में भ्रष्टाचार उजागर किया, जानलेवा हमले में 7 गोलियां खाईं, फिर भी सिस्टम के भीतर रहकर जनसेवा करना चाहता रहा। आज वही यह कहने को मजबूर है कि उसे काम ही नहीं दिया जा रहा और इसी उपेक्षा के कारण उसे इस्तीफा देना पड़ा।
अभी तीन दिन पहले ही कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण जी को मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया गया, लेकिन 45 मिनट तक इंतजार कराया गया और अंत में बिना कार्यक्रम के लौटना पड़ा।
वहीं, पिछले साल भूतपूर्व राज्यपाल और वर्तमान कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य जी द्वारा अपने गृह जनपद आगरा में बुलाई गई किसानों की बैठक में अधिकारी पहुंचे ही नहीं, जिससे उन्हें बैठक स्थगित करनी पड़ी।
यह विरोधाभास केवल संयोग नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर मौजूद गंभीर असंतुलन और सवालों की ओर इशारा करता है।
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बड़ी खबर 🚨
"मुकेश मोहन" के समर्थन में आए नगीना सांसद एवं @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद🔥
चन्द्रशेखर आजाद ने स्पष्ट कहा कि- "हम उनके साथ खड़े हैं, वो घबराएं ना"
#IstandwithMukeshMohan
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कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण जी के साथ भाजपा के “डबल इंजन” वाले मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के राज में हुआ यह व्यवहार केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर बैठी जातिगत मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।
समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री जो खुद प्रशासनिक सेवा से आए एक अनुशासित अधिकारी रहे हैं उन्हें मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया जाता है, लेकिन 45 मिनट तक इंतजार कराया जाता है, कार्यक्रम को किसी और के आने से जोड़ा जाता है, और अंत में उन्हें बिना कार्यक्रम के लौटना पड़ता है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। भूतपूर्व राज्यपाल और वर्तमान कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य जी के साथ भी आगरा में 8 सितंबर 2025 को यही प्रशासनिक असंवेदनशीलता देखने को मिली। किसान बैठक बुलाई गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे ही नहीं। नाराज होकर मंत्री को बैठक स्थगित करनी पड़ी।
यानी तस्वीर साफ है एक जगह मंत्री को बुलाकर इंतजार कराया जाता है दूसरी जगह मंत्री के बुलाने के बावजूद अधिकारी किसानों की सुनवाई से दूर रहते हैं।
आखिर किसके इशारे पर चुनिंदा ब्यूरोक्रेट्स जनप्रतिनिधियों पर इतने हावी होते जा रहे है?
क्या इस तथाकथित ‘रामराज्य’ में संवैधानिक पदों का सम्मान भी अब वर्ण व्यवस्था से तय किया जा रहा है?
सोचिए जो सरकार दलित समाज से आने वाले अपने ही मंत्रियों को सम्मान नहीं दे सकती तो आम दलितों-पिछड़ों का इस सरकार में क्या हश्र होगा?

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उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP
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देशभक्ति, पराक्रम एवं बलिदान के अद्वितीय प्रतीक महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
#ShaheedDiwas
#BhagatSingh #भगतसिंह

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@priyanshu__63 @Uppolice इस मामले को संज्ञान में लेकर कानूनी कार्रवाई करें
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खुलेआम एक चुने हुए सांसद व देश के विशालकाय समाज के जनप्रतिनिधि चन्द्रशेखर आजाद जी को मारने की बातें कहीं जा रही हैं👇🏼
मैं @Uppolice से पूछना चाहता हूं अगर भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? आखिर पुलिस-प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा है??
चन्द्रशेखर आजाद आज के दौर में कोई मामूली व्यक्ति नहीं हैं। उनके पीछे देश के करोड़ों लोग खड़े हुए हैं। उनपर किसी प्रकार का हमला समाज में वह खाई पैदा करेगा जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी
और सबसे ज्यादा शर्म @Barabankipolice को आनी चाहिए, आखिर क्या मजबूरी है जो ऐसे लोग बाहर घूम रहे हैं। समाज में शांति व्यवस्था बहाल रखकर ऐसे गुंडों पर लगाम नहीं लगा सकते तो क्या यह वर्दी सिर्फ गरीबों को प्रताड़ित करने के लिए पहनी है?
माननीय @AmitShah जी कृपया मामले का संज्ञान लें, देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आप अंतिम जिम्मेदार व्यक्ति हैं। लोकतंत्र में ऐसी गुंडागर्दी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। ऐसे गुंडा तत्वों पर NSA लगाकर जेल में डालें...!!
@AmitShahOffice @HMOIndia @dgpup @DM_Barabanki
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उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति आज जंगलराज का जीता-जागता उदाहरण है। प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि दिनदहाड़े हत्याएं, बेटियों के साथ दरिंदगी और संगठित अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
बदायूँ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट के डीजीएम सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की ऑटोमैटिक हथियारों से दिनदहाड़े हत्या ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं है। बताया जा रहा है कि हर्षित मिश्रा ने 4 फरवरी को आरोपी के खिलाफ थाना मूसाझाग में मुकदमा दर्ज कराया था और सुरक्षा की मांग भी की थी। इतना ही नहीं, लगातार मिल रही धमकियों के कारण सुधीर गुप्ता इतने भयभीत थे कि उन्होंने वीआरएस तक ले लिया था और 31 मार्च को चार्ज छोड़ने वाले थे। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं मिलना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
वहीं संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जहां घर में अकेली मौजूद एक किशोरी को गांव के ही कुछ युवकों ने घर में घुसकर अगवा कर लिया, उसका मुंह दबाकर जबरन बाइक पर बैठाकर जंगल की ओर ले गए और एक खेत में उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपियों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने पीड़िता के भाई को फोन कहा कि ‘कर दिया रेप’
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर प्रदेश में आम नागरिकों और खासकर बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और न्याय मिले तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
प्रदेश की जनता भय और असुरक्षा में नहीं, बल्कि न्याय और संविधान के भरोसे के साथ जीना चाहती है।
@CMOfficeUP



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उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गाँव में पाल समाज के बुजुर्ग को जातंकवादियों द्वारा सरेआम “मुर्गा” बनाना, पैरों में माथा रगड़वाना और डंडा लेकर गाली-गलौज व धमकी देना अमानवीय और बेहद चिंताजनक है। किसी भी बुजुर्ग के साथ इस तरह का अपमान सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इससे भी अधिक भयावह बात यह है कि जातंकवादियों ने खुलेआम ऐलान किया है कि यदि किसी ने पीड़ित की मदद की तो उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। यह कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 7 मार्च को हुई इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित बुजुर्ग और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और समाज में कानून का भरोसा कायम रहे।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
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रिपोस्ट रुकना नहीं चाहिए🖐️🚨
हेलो @jaunpurpolice उक्त अभियुक्त विनोद यादव जो थाना सिंगरामऊ का निवासी है!!
इसके द्वारा ब्राह्मण,ठाकुर,चमार जाति और बाबा साहब अंबेडकर जी पर बेहद अभद्र टिप्पणी कर वीडियो प्रसारित कर रहा है!!
@IgRangeVaranasi तत्काल संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करे😡

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@Bahujansenaa @jaunpurpolice @IgRangeVaranasi @BHEEM_BAUDH @tarunjatav50 @KishanASP @vkjatav84 @Nikhilchavdagj1 @speak000000 @SurajpalJatav @love_donor_abhi @CloudX_2 Arrest Him ASAP✊🤬........
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