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Katılım Mayıs 2021
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ख़ूँ बहाया जा रहा इंसान का सींगवाले जानवर के प्यार में! क़ौम की तक़दीर फोड़ी जा रही मस्जिदों की ईंट की दीवार में। - रामधारी सिंह दिनकर #poetry #RamdhariSinghDinkar
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यदि वह तुम्हें बेहतर, सुन्दर और सरल नहीं कर रहा है तो चाहे जो हो, वह प्रेम नहीं है। -बाबुषा कोहली
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किताबालय@kitabalay·
ट्रेन या बस से सफर करते हुए एक शहर से दूसरे शहर परीक्षा देने जाते हुए तुम पाओगे की इस दुनिया की सबसे लम्बी यात्रा असफलता से सफलता की यात्रा है। ~ प्रवीण
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किताबालय@kitabalay·
मैं आदमी हूँ बहुत कुछ छोटा-छोटा जोड़कर बना हूँ और उन सभी चीज़ों के लिए जिन्होंने मुझे बिखर जाने से बचाए रखा मेरे पास आभार है मैं शुक्रिया करना चाहता हूँ... अवतार सिंह संधू 'पाश'
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माँ… तू कहानी नहीं, एक पूरी जिंदगी है जिसका कोई अंत नहीं होता। _ @aruneshgolu #MothersDay
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इंक़लाब आएगा रफ़्तार से मायूस न हो बहुत आहिस्ता नहीं है जो बहुत तेज़ नहीं -अली सरदार जाफ़री
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किताबालय@kitabalay·
सारी उम्र एक ही गलती हमने बार बार दोहराई अन्धों को आँसू दिखलाये बहरों को आवाज़ लगाई ! ~ज्ञानप्रकाश आकुल
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किताबालय@kitabalay·
जो भी पड़े सहना पर जिसे सच समझो तुम केवल वही केवल वही कहना..... ~धर्मवीर भारती
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उसी को जीने का हक है जो इस ज़माने में इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए - वसीम बरेलवी
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मैं उस मृत्यु के बारे में अक्सर सोचता हूँ जो क्षण-क्षण घटित हो रही है-- हम में, तुम में, सब में। - धर्मवीर भारती🌷
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ज़रा देखो कि कहाँ है हवा? कहाँ है पानी? कहाँ है स्त्री? जहाँ भी है ये तीन चीज़ें वहाँ ज़िन्दगी है। -अंजना वर्मा
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त्वचा में नहीं, पहले आत्मा में ख़त्म होती हैं सिहरनें। ~ महेश वर्मा
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ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं, पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है। ~ बशीर बद्र
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आनंद, मनुष्य न पैदा होता है न मरता है सिर्फ गुज़रता है बेमतलब सँवरना बेमतलब सँवरता है। -श्रीकांत वर्मा
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हमने ईश्वर नहीं देखा, न ईश्वर ने हमें देखा: फिर भी हम एक-दूसरे पर इतना भरोसा करते हैं। ~ अशोक वाजपेयी
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ग़लत से ग़लत वक़्त में भी सही से सही बात कही जा सकती है ~ कुँवर नारायण
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पाँच पहर धंधे गया, तीन पहर गया सोय। एक पहर हरि नाम बिन, मुक्ति कैसे होय॥ - कबीरदास
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अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है  कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है  ~ज़ेहरा निगाह
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इंसान नहीं बोलता,उसके दिन बोलते हैं जब दिन नहीं बोलते, इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता! - अज्ञात
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