किताबालय

2.2K posts

किताबालय banner
किताबालय

किताबालय

@kitabalay

|कविता|•|काव्य|•|कहानी|•|शायरी|•|पुस्तक समीक्षा|•|विचार|•|दोहा| Promotion For DM• Instagram @kitabalay

Katılım Mayıs 2021
49 Takip Edilen26.8K Takipçiler
किताबालय
ग़लत से ग़लत वक़्त में भी सही से सही बात कही जा सकती है ~ कुँवर नारायण
हिन्दी
0
0
11
484
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
पाँच पहर धंधे गया, तीन पहर गया सोय। एक पहर हरि नाम बिन, मुक्ति कैसे होय॥ - कबीरदास
हिन्दी
0
1
9
584
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है  कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है  ~ज़ेहरा निगाह
हिन्दी
0
2
11
619
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
इंसान नहीं बोलता,उसके दिन बोलते हैं जब दिन नहीं बोलते, इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता! - अज्ञात
किताबालय tweet media
हिन्दी
1
6
45
1.6K
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे लगा है कि हम असमर्थताओं से नहीं संभावनाओं से घिरे हैं, हर दीवार में द्वार बन सकता है और हर द्वार से पूरा का पूरा पहाड़ गुज़र सकता है। ~ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना 🌷
हिन्दी
1
1
13
788
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
ये मासूम सुबहें ये शामें सुहानी ज़रा याद रखना, यहाँ की कहानी। ये पेड़ों के झुरमुट ये अनजानी राहें हमें देखती ये शहर की निगाहें मिले थे यहीं पर कभी आग-पानी। ज़रा याद रखना, यहाँ की कहानी। - कुँअर बेचैन
हिन्दी
1
2
13
785
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
अगर दोबारा बनी ये दुनिया तो पहले तेरी गली बनेगी। ~ स्वप्निल तिवारी
हिन्दी
2
3
10
996
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
चलो ये इश्क़ नहीं चाहने की आदत है कि क्या करें हमें दू्सरे की आदत है तू अपनी शीशा-गरी का हुनर न कर ज़ाया मैं आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है - अहमद फ़राज़
हिन्दी
1
1
8
726
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
वे भूखे हैं पर आदमी का मांस नहीं खाते प्यासे हैं पर लहू नहीं पीते नंगे हैं पर दूसरों को नंगा नहीं करते उनके सिर पर छत नहीं है पर दूसरों के लिए छत बनाते हैं। -ओमप्रकाश वाल्मीकि
हिन्दी
0
1
6
950
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
जिस दिन ईश्वर मारा जाएगा और जोड़ियाँ रब नहीं बनाएगा उस दिन बचा लेंगे मैं और तुम युद्ध से कराहती धरती में थोड़ी-सी ज़मीन मुहब्बत के लिए। - आलोक आज़ाद
किताबालय tweet media
हिन्दी
1
0
4
928
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
सोच रहा हूं उस पल आख़िर राम पे क्या बीती होगी गिरते बरगद के होंठों पर अंतिम कलमा था हे राम -इरशाद ख़ान सिकंदर 🌸
हिन्दी
0
0
1
757
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
किताबालय tweet media
हिन्दी
0
0
3
873
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
जिंदगी... अक्सर वहां मोड़ लेती है जहां हमने कभी सोचा भी नहीं होता। लेकिन हर मोड़ कुछ सिखाने आता है बस नज़र चाहिए शिकायत नहीं। #Kitabalay #किताबालय📖
किताबालय tweet media
हिन्दी
0
0
3
876
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
घर में ईश्वर के दर से अधिक सुकून है इसलिए नहीं कि बहुत सुख सुविधा है घर पर बस इसलिए कि, 'माँ' रहती है घर पर माँ! माँ जो, कमाने नहीं जा पाती, इसलिए खुद को ही खर्च कर देती है घर पर! ~ प्रह्लाद पाठक
हिन्दी
0
5
16
1.1K
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। #Kitabalay #किताबालय📖 #hindidiwas
किताबालय tweet media
हिन्दी
0
1
7
876
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
ज्ञानरंजन उन रचनाकारों में थे जिन्होंने हिंदी कहानी को नए अनुभव-बोध, सामाजिक चेतना और वैचारिक साहस के साथ समृद्ध किया. उनके संपादन में निकलने वाली ‘पहल’ में छपना, हिंदी रचनाकारों के लिए उपलब्धि की तरह था. वे हमेशा स्मृतियों में रहेंगे #gyanranjan #Kitabalay
किताबालय tweet media
हिन्दी
1
1
4
934
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
“धर्म का काम आदमी को इंसान बनाना है, उसे अंधा बनाना नहीं।” प्रेमचन्द
किताबालय tweet media
हिन्दी
0
2
5
800
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
तुम बर्फ़ के समान विशुद्ध रहो और हिम के समान पवित्र, तो भी लोकनिंदा से नहीं बचोगे। - विलियम शेक्सपियर
हिन्दी
0
0
5
719
किताबालय
किताबालय@kitabalay·
तुम्हारा प्रेम अलाव है मेरे लिए इस जाड़े में मेरा प्रेम हल्के गर्म दिन की तरह है तुम्हारे लिए जाड़े की धुंध को भगाते हुए घाटी में जाड़े का सबसे अच्छा अनुवादक बनकर। - शहंशाह आलम 🌸
किताबालय tweet media
हिन्दी
0
0
3
786