
दादा जी का पोता हूँ मैं दादा जी की तरह बड़ा बन दिखलाऊँगा एक नया इतिहास रचूँगा , दादा जी की ही तरह बेमिसाल बन जाऊँगा दादा जी की ऊँगली पकड़ कर कर्तव्य - पथ पर आगे बढ़ता जाऊँगा सबके दिल पर राज करूँगा सबकी आँखों का तारा और सबों का दुलारा बन जाऊँगा मुझमें भी तो खून दादा जी का याद रखेगी दुनिया सारी मैं ऐसा परचम लहराऊँगा दादा जी का ही पोता हूँ मैं उनकी विरासत , पापा , परिवार और देश का मान बढ़ाऊँगा




















