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Kumar jai Maurya
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Kumar jai Maurya
@kumarjaimuarya
जो लिखेंगे दुनिया वही पढ़ेगी, तन सरकारी मन निजी...
India Katılım Mart 2017
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@askrajeshsahu @askshivanisahu पापा बनने की बधाई हो , हम थोड़े देर बाद मालूम हुआ..
चाचा बनने की ख़ुशी में पार्टी मेरे तरफ से
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नए यूज़र्स के लिए पूरी गाइड ब्लू टिक से लेकर पेआउट तक 💰
अगर आप X पर कमाई शुरू करना चाहते हैं, तो ये पोस्ट आपके बहुत काम आएगी।
👉 ब्लू टिक कब लेना चाहिए?
• अगर आप रोज़ एक्टिव रहते हैं तो 500 फॉलोअर्स पर ले सकते हैं।
• अगर एक्टिविटी कम है तो 1000+ फॉलोअर्स होने पर बेहतर रहेगा।
👉 कौन सा प्लान सबसे सही?
प्रीमियम प्लान ही बेस्ट है
• वेब पर लगभग ₹427
• ऐप पर करीब ₹470
(दोनों में फीचर्स वही रहते हैं।)
👉 ब्लू टिक लेने के बाद अगले स्टेप?
अब पूरा ध्यान रखें मॉनिटाइजेशन पर।
👉 मॉनिटाइजेशन के लिए ज़रूरी कंडीशन्स:
1. आपका अकाउंट प्रीमियम होना चाहिए।
2. पिछले 3 महीनों में 5 मिलियन से ज्यादा ऑर्गेनिक इंप्रेशन।
3. कम से कम 500 ब्लू टिक फॉलोअर्स।
बाकी चीजें तो आपकी एक्टिविटी से अपने आप होती रहती हैं।
👉 5 मिलियन इंप्रेशन कैसे बढ़ाएँ?
• बड़ी IDs के पोस्ट पर क्वालिटी कमेंट करें।
• रोज़ 400–500 कमेंट करने की कोशिश करें।
• ब्लू टिक यूज़र्स से अधिक कनेक्ट रहें।
• दिन में 7–10 पोस्ट करें और एक पोस्ट हमेशा पिन रखें।
👉 पेआउट कब मिलता है?
हर दूसरे शुक्रवार को जनरेट होता है और बुधवार तक बैंक में क्रेडिट हो जाता है।
पहला पेआउट ज़्यादा आता है, क्योंकि उसमें आपके पिछले 3 महीनों की एक्टिविटी जुड़ती है।
👉 एंगेजमेंट रेट क्या होना चाहिए?
5% से 11% तक बहुत अच्छा माना जाता है।
लाइक्स + कमेंट + रीपोस्ट सब मिलकर एंगेजमेंट बनाते हैं।
👉 अगर आपका पेआउट $10 से कम है?
तो वो बनता नहीं है, अगले साइकिल में जोड़कर आ जाता है।

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✉️ इंद्रदेव के नाम एक खुला पत्र
(बलिया जिले के किसानों की ओर से)
विषय: “हे इंद्रदेव! कृपा करिए, मंथा को अब वापस बुला लीजिए…”
हे इंद्रदेव,
आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम 🙏
हम जानते हैं कि आपकी कृपा से ही धरती हरी-भरी रहती है, खेतों में अन्न लहलहाता है और जीवन संभव होता है। परन्तु इस बार जो “मंथा” आपने बलिया जिले की धरती पर भेजी है, उसने कृपा नहीं, कहर बनकर बरसात दी है।
लगातार कई दिनों से बिना वजह की यह वर्षा किसानों की आंखों से नींद, चेहरों से मुस्कान और खेतों से हरियाली सब कुछ छीन रही है। 🌾
हे देव, दस दिन बाद हमारे खेतों में धान की कटाई होने वाली थी।
धान के बालियों पर सुनहरी चमक दिखने लगी थी, मेहनत का फल सामने था।
पर यह बेवजह की बारिश — उस सारी मेहनत को बहा ले जा रही है।
किसानों के सपनों के साथ खेतों में अब कीचड़ और टूटे तनों की लकीरें हैं।
अब गाँवों में हर आँगन में वही चर्चा है —
“कब रुकेगी ये बारिश?”
“धान अब सूखेगा कैसे?”
“बैलगाड़ी और मशीन कैसे चलाएँगे इस दलदल में?”
हे इंद्रदेव!
किसानों की मजबूरी अब आपसे छिपी नहीं है।
खेतों में खड़ी फसलें डूब रही हैं, न घर में मुस्कान है, न आँखों में उम्मीद।
यह बारिश अब जीवन नहीं, विपत्ति बन गई है।
आपसे प्रार्थना है प्रभु —
अब दया करिए, मंथा को वापस बुला लीजिए।
धान सूखने दीजिए, ताकि किसान की रोटी बच सके।
आपका आशीर्वाद तभी सार्थक होगा जब किसान की हथेली फिर से हल पकड़ सके,
जब उसके बच्चे फिर से रोटी खा सकें,
जब खेतों में फिर से भोर की रौनक लौटे।
🙏 इंद्रदेव, अब रहम करिए।
बलिया के किसान folded hands से यही प्रार्थना कर रहे हैं —
कृपा करें, इस मंथा को रोक लें।
धरती को फिर से मुस्कुराने दीजिए।
आपका विनम्र याचक,
बलिया जिले का हर वह किसान,
जिसके खेतों में आज पानी नहीं,
बल्कि आँसू भरे हैं… 💧🥲
पोस्ट साभार- देहाती बगावत

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मैं देख रही हूँ कि जैसे ही किसी के थोड़ा फ़ॉलोअर्स बढ़ जाते हैं वो किस तरह से छोटे अकाउंट वालों को नज़रअंदाज़ करने लगते हैं।
शायद उन्हें पता नहीं कि X दिखावे का नहीं, सोच का प्लेटफ़ॉर्म है। यहाँ बहुत समझदार और बुद्धिजीवी लोग हैं। किसी के फ़ॉलोअर्स देखकर उसकी सोच या काबिलियत को नहीं आँका जा सकता।
मैं खुद ऐसे कई अकाउंट्स को जानती हूँ जिनके पास सिर्फ़ 50 फ़ॉलोअर्स हैं, लेकिन वो लोग बहुत बड़े पद पर हैं कोई वैज्ञानिक, कोई डॉक्टर कोई ऐसी संस्था से जुड़ा जहाँ पहुँचना सबके बस की बात नहीं।
लोग सोचते हैं – इतने छोटे अकाउंट को क्या जवाब देना लेकिन यही छोटे अकाउंट्स के पीछे कभी IAS, कभी प्रोफ़ेसर, कभी कोई मिशन पर काम करने वाला इंसान होता है।
X की असली खूबसूरती यही है कि यहाँ दिखावा नहीं, सोच चलती है। इसलिए आज भी अगर कोई 60 फ़ॉलोअर्स वाला व्यक्ति मेरे पोस्ट पर कुछ लिखता है तो मैं उसे पूरे सम्मान से जवाब देती हूँ।
क्योंकि मैं जानती हूँ यहाँ असली ताकत फ़ॉलोअर्स में नहीं जुड़ाव और सोच में है। 🤗
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