दर्द देकर खुद सवाल करते हो, तुम भी गालिब कमाल करते हो.
देख कर पूछ लिया हाल मेरा, चलो इतना तो ख्याल करते हो.
शहर-ए-दिल में उदासियाँ कैसी, ये भी मुझसे सवाल करते हो.
मरना चाहे तो मर नही सकते, तुम भी जीना मुहाल करते हो.
अब किस-किस की मिसाल दूँ तुमको, तुम हर सितम बेमिसाल करते हो ।।
_"अपनी ख्वाहिशों को उसने हंसकर मार दिया,_
_मेरी एक मुस्कान पर अपना सब कुछ वार दिया।_
_खुद पुराने कपड़ों में रहा, पर मुझे नया पहनाया,_
_बड़े भाई ने चुपके से, अपना हर सपना मेरे नाम कर दिया।"_
"अजीब सा नशा है तुम्हारी यादों में,
सारा दिन गुजर जाता है बस तुम्हारी ही बातों में।
तुम्हें खबर भी नहीं और हम तुम्हारे हो गए,
कितनी सादगी है मेरे इन जज्बातों में।"
😇🤌🥰