Apurwa Srivastava

1.3K posts

Apurwa Srivastava banner
Apurwa Srivastava

Apurwa Srivastava

@masakaliii__

22 | Jharkhandi | Studied hindi/french lit at BHU | Studies Masters in dept. of hindi at BHU

Varanasi, India Katılım Mart 2018
81 Takip Edilen2.8K Takipçiler
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा! 🇮🇳 #RepublicDay2026
हिन्दी
0
0
9
194
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा कुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तिरा इब्न-ए-इंशा
हिन्दी
1
0
16
590
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
मूर्ति का निर्माण हो सकता है, मृत्तिका का नहीं। उसी मिट्टी से अच्छी प्रतिमा भी स्थापित की जा सकती है, बुरी भी, पर जहाँ मिट्टी ही न हो, वहाँ कितने ही प्रचार से, कितनी भी शिक्षा से, कितने भी जाज्वल्यमान बलिदान से मूर्ति नहीं बन सकती। शेखर एक जीवनी — १
हिन्दी
0
0
10
444
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
जीवन संग्राम कितना विकट है। वैसे इसे संग्राम कहना ही भ्रम है। संग्राम की उमंग, उत्तेजना, वीरता और जय-ध्वनि यहां कहां! यह संग्राम नहीं, ढेलम-ढेल, धक्का-पेल है। प्रेमचंद / कहानी 'दीक्षा' से
हिन्दी
0
0
9
351
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
मैं एक भागता हुआ दिन हूँ और रुकती हुई रात— मैं नहीं जानता हूँ मैं ढूँढ़ रहा हूँ अपनी शाम या ढूँढ़ रहा हूँ अपना प्रात! श्रीकांत वर्मा
हिन्दी
0
0
18
328
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
उसी एकान्त में घर दो कि जिस में सभी आवें-मैं न आऊँ। नहीं मैं छू भी सकूं जिसको मुझे ही जो छुए, घेरे, समो ले। क्योंकि जो मुझसे छुआ जा सका मेरे स्पर्श से चटका । अज्ञेय
हिन्दी
0
0
7
266
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
पैर पत्नी का फिसलता है हमेशा, पति का कभी नहीं। घर की आग भी बड़ी सयानी होती है। हमेशा बहू को लगती है। बेटी को कभी भी नहीं। स्वदेश दीपक / कोर्ट मार्शल
हिन्दी
0
2
14
368
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
खुबसूरत कागज सुन्दर तो होता ही है, लेकिन यदि वह कोरा हुआ और उसमें कोई मर्मवचन लिखे हुए न रहे तो सौन्दर्य में रहस्य ही क्या रहा? सौन्दर्य में रहस्य न हो तो वह एक खूबसूरत चौखटा है। मुक्तिबोध / एक साहित्यिक की डायरी
Apurwa Srivastava tweet media
हिन्दी
1
0
13
326
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
राजेश जोशी 🌸
Apurwa Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
14
376
Apurwa Srivastava retweetledi
Neer
Neer@neerajthepoet·
शब्दों में भरे जा सकते हैं गहन-गहन अर्थ लेकिन अर्थों में कैसे सिमट सकेगी— अनुभूति? फिर एक शाम तुम्हारी हथेली पर क्या बचेगा अधसुलगा एक सिगरेट और अनसुलझे कई सवाल! ~ अपूर्वा श्रीवास्तव
Neer tweet mediaNeer tweet mediaNeer tweet mediaNeer tweet media
हिन्दी
2
1
3
346
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
कौन सी बात कैसे कही जाती है 🥀
Apurwa Srivastava tweet media
हिन्दी
3
0
45
1.1K
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
डाल दो डेरा वहीं, जहाँ नूर ज़रा-सा देखो तुम — बानी
Apurwa Srivastava tweet media
हिन्दी
1
1
33
1.4K
Apurwa Srivastava
Apurwa Srivastava@masakaliii__·
मौत का एक दिन मुअ'य्यन है नींद क्यूँ रात भर नहीं आती —मिर्ज़ा ग़ालिब
Apurwa Srivastava tweet media
हिन्दी
1
6
81
2.5K