Shekhar vishvas

2.8K posts

Shekhar vishvas banner
Shekhar vishvas

Shekhar vishvas

@master0shekhar

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा हम बुलबुले है इसकी ये गुलसिता हमारा

दिल्ली Katılım Şubat 2012
3.3K Takip Edilen2.3K Takipçiler
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@surya_samajwadi जिस दिन तेरे चचा ने टीएमसी को समर्थक दिया था उसे दिन से टीएमसी का लसुन लग गया था बड़ा राजनीति विशेषज्ञ बनता है
हिन्दी
0
0
0
91
Surya Samajwadi
Surya Samajwadi@surya_samajwadi·
8 बजे काउंटिंग शुरू होगी 12 बजे तक TMC के पार्टी ऑफिस में ढोल नगाड़े बजने शुरू हो जाएँगे 2 बजे ममता दीदी पश्चिम बंगाल की जनता को धन्यवाद देते हुए पोस्ट करेंगी 6 बजे ममता दीदी पार्टी ऑफिस पहुंचेगी और निर्ममता वाले दादा के ख़िलाफ़ जोरदार भाषण देंगी 8 बजे मोदी जी ममता बनर्जी को चौथी बार जीतने की बधाई देंगे 🤣
हिन्दी
603
72
634
96.3K
Zubair
Zubair@Zubair99778·
12000 का नकद इनाम और 2 साल के लिए ब्लू टिक दूंगा, कल TMC की सटीक सीटों की संख्या बताने वाले को कल शाम 8 बजे दिया जाएगा। फटाफट अपना आंकलन बताओ और पोस्ट को रिपोस्ट जरूर करना और हां बुकमार्क भी ताकि याद रहे
हिन्दी
2.2K
418
1.4K
95.6K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@Gobhiji3 क्या दिन आ गया रे बाबा झूठ बोल के 10 15 दिन जेल जाओ चलेगा लेकिन पार्टी को फायदे पहुंचाओ
हिन्दी
0
0
1
283
VIKRAM
VIKRAM@Gobhiji3·
पवन खेड़ा इस व्यक्ति ने असम की जीत चांदी की थाली में सजा कर कांग्रेस को दे दी थी मौजूदा मुख्यमंत्री पर बहुत ही संगीन आरोप लगाए थे बीच चुनाव प्रचार में जबरदस्त हमला किया था पूरा देश इनके सवालों का जवाब चाहता था मौजूदा मुख्यमंत्री पूरी तरह से घिर गए थे लेकिन फिर हमेशा की तरह कांग्रेस ढीली पड़ गई मुख्यमंत्री ने पुलिस पावर इस्तेमाल करके डराने की नीति अपनाई कोर्ट कचहरी का डर दिखाया,गिरफ्तारी की बात कही और कांग्रेस के पास अव्वल दर्जे के वकीलों की फौज होने के बावजूद कोई भी तन कर खड़ा नहीं हुआ नतीजा खेड़ा जी हंसिए में धकेल दिए गए उन्हें छुप कर रहना पड़ा सोचिए कि वो क्या शानदार दिन होता जब खेड़ा जी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते शान से आरोप दुबारा दोहराते और गिरफ्तारी का ओपन चैलेंज करते फिर गुवाहाटी एयरपोर्ट पर भी तन कर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वही आरोप दोहराते उनके पीछे कांग्रेस के दिग्गज नेता भी आरोप दोहराते और गिरफ्तारी का चैलेंज देते होता भी तो क्या होता? राजनीतिक आरोप थे,मुश्किल से 10,15 दिन में जमानत हो जाती लेकिन कांग्रेस को देश भर में अपने कार्यकर्ताओं में जान फूंकने का मौका मिलता एक सशक्त विपक्ष के रूप में कांग्रेस का स्थान और बड़ा हो जाता लेकिन पार्टी ने इतना बड़ा मौका गंवा दिया आप राजनीतिक पार्टी होते हुए भी अगर जेल जुर्माने से डरते हैं तो आपको राजनीति में रहने का कोई हक नहीं है आप आराम से घर में बैठकर पोगो देखें ऐसे मौके राजनीति में बहुत कम ही आते हैं कांग्रेस के पास सामने से ऐसा मौका आया लेकिन पार्टी में इसे भी गंवा दिया यह एक बहुत बड़ी लॉस्ट अपॉर्चुनिटी थी
VIKRAM tweet media
हिन्दी
332
249
1.5K
195.6K
रुद्रभक्त
रुद्रभक्त@Rudrabhakt_JB·
दो भाई दोनो तबाही..😂 सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह, मयंक यादव अब इन सबके बाद ये प्रिंस यादव के पीछे पड़ गए हैं। प्रिंस यादव अच्छा बॉलर है लेकिन जहां इन्होंने बढ़िया खिलाड़ी मे यादव ढूढ़ लिया वही से उसकी बर्बादी सुरु।😂🔥
रुद्रभक्त tweet mediaरुद्रभक्त tweet media
हिन्दी
5
3
14
323
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@ThePushprajX @AnilYadavmedia1 यादव प्लेयर का करियर ये लोग खराब कर रहे है जितने भी यादव का सपोर्ट किया सब का डाउनफॉल चालू हो गया है डाउनफॉल ka लीजेंड है एक बार किसे यादव को प्रमोट किया तो सोचो हो गया करियर का सतनाश
हिन्दी
0
0
1
16
Pushpraj sharma
Pushpraj sharma@ThePushprajX·
मिलिए पनौती ऑफ द सेंचुरी @AnilYadavmedia1 से ,इस भाऊ श्री वाले ने कल बोला था कि आज ब्रह्मा जी भी लखनऊ को जीतने से नहीं रोक पाएंगे क्योंकि मयंक यादव और प्रिंस यादव दोनों खेल रहे है... मतलब सीधा ब्रह्मा जी को चैलेंज कर दिया और नतीजा ये हुआ कि लखनऊ बुरी से बुरी तरह मैच हार गया और तो और इसी मयंक यादव की वजह से मैच हारा क्योंकि इसको 4 ओवर में 56 रन पड़े.. और एक बात जब तक लखनऊ इन दोनों को टीम से बाहर नहीं रखेगी तब तक लखनऊ का यही हाल रहेगा... 🔔 का लेजेंड.
Pushpraj sharma tweet media
हिन्दी
14
24
53
1.6K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@CommonBS786OM सबसे बड़ा घोटाला ही किताब लिखना है थोड़ा नाम होने के बाद एक किताब लिख दो 1 लाख तक में ना बिकने वाला कापीराइट को लोग करोड़ों में खरीद लेते है एक तो गोभी भी करोड़ों में बेचा था फोटो भी बना सकते हो 100 खर्चा आएगा लेकिन बिकेगा करोड़ों में और यह घोटाला में नहीं आएगा
हिन्दी
0
0
0
83
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما@CommonBS786OM·
नाम - ममता बनर्जी उपलब्धि - देश की सबसे गरीब और ईमानदार मुख्यमंत्री. आप बोलोगे तीन बार की CM गरीब कैसे हुईं?लेकिन ये सच है, डिटेल में जान भी लीजियेगा कुल सम्पति - 15 लाख 37 हज़ार नकद रूपये - 76 हज़ार रूपये बैंक बैलेंस - 12 लाख रूपये मात्र गहने और ज्वेलरी - 10 ग्राम सोना, जिसकी कीमत 1-50 लाख रूपये के करीब है. गाड़ी और घर कितने - नहीं हैँ एक भी सैलरी नहीं लेतीं , विधायक की और Cm की.. कोई पेंशन, भत्ता भी नहीं लेतीं. फिर इनका खर्चा कैसे चलता है. इनके द्वारा लिखित किताबों, रचित गीत और संगीत की आने वाली रॉयल्टी से. यही कारण है कि बीजेपी इनके खिलाफ भरस्टाचार और बेईमानी के सबूत नहीं ढूंढ पाई आजतक. Ed, सीबीआई और इलेक्शन कमीशन लगाने के बाद भी बीजेपी की हालत पतली है.. मोदीजी की तरह 10 लाख का सूट नहीं, सफ़ेद साड़ी और हवाई चप्पल पहनती हैँ. इसलिए तो इस चुनाव में नारा बुलंद हुआ है. हवाई चप्पल, सफ़ेद साड़ी, एक नारी पूरी बीजेपी पर भारी...
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما tweet media
हिन्दी
946
1.5K
5K
162.7K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@SonOfBharat7 X अब रोजगार देने में मनरेगा को पीछे छोड़ दिया बस आप दिन भर लीजेंड बन के हर विषय में ज्ञान देते रहो chapgtp gimini meta AI तो है ही कॉपी पेस्ट मटेरियल देने के लिए ज्यादा दिहाड़ी चाहिए तो जात पात गली गलौज ये सेक्सुअल कॉन्टेक्ट ले आओ X नाम बदल के डिजिटल रोजगार गारंटी योजना हो गया है
हिन्दी
0
0
1
1.1K
Deepak Sharma
Deepak Sharma@SonOfBharat7·
अनिल यादव जैसे जाति के कीड़े समाज के कैंसर हैं 🚨 वैसे तो एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते मुझे मयंक यादव और प्रिन्स यादव दोनों ही बेहतरीन गेंदबाज़ लगते हैं अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो प्रसंशा भी करते हैं... लेकिन सिर्फ शर्मा लगे होने की वजह से मैंने कभी ये नहीं बोला कि आज अभिषेक शर्मा और अशोक शर्मा दोनों टीम में खेल रहे तो आज खुदा टीम को हरा नहीं सकता पता है क्यों... बस यही फर्क है कीड़ों की सोच और इंसानों की सोच में..... आप जानते हैं अनिल यादव ने सिर्फ गंदी नाली के कीड़े की सोच की वजह से ब्रह्मा शब्द इस्तेमाल किया.. क्यूंकि इस घटिया छिद्र से निकले घटिया कीड़े को पता था कि इस शब्द को लिखने से इसको ब्रह्मा के अनुयाई हज़ारों गालियां देंगे जिसकी वजह से इसकी इंगेजमेंट बढ़ेगी और पेआउट अच्छा आएगा इस बेरोजगार का.... हद है नीचता की....
Deepak Sharma tweet mediaDeepak Sharma tweet media
हिन्दी
175
432
1.8K
68.7K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@Kanatunga युवाओं का मुद्दा नहीं बोले शाम होते ही अंग्रेजी ठेका
हिन्दी
0
0
0
939
Kana
Kana@Kanatunga·
जनता के मुद्दे - 1- सेक्स 2- भीषण गर्मी 3- भीषण गर्मी में सेक्स 4- सेक्स में भीषण गर्मी 5- भीषण गर्मी में सेक्स में भीषण गर्मी सरकार के मुद्दे - 1- वंदे मातरम् 2- पाकिस्तान 3- हिंदू मुस्लिम 4- मुझको गाली दी विपक्ष के मुद्दे - 1- EVM हटाओ 2- जाति जनगणना 4- लोकसभा स्पीकर हटाओ 5- वोट चोरी मीडिया के मुद्दे - 1- सीमा हैदर का छठा बच्चा 2-मुस्कान को जेल में बेटी हुई है 3- आम काट कर खाते हो या चूसकर
हिन्दी
131
592
3.5K
281.3K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@Manish_Pandit01 सरकारी स्कूल की टीचर में कमी ओ लोग ढूंढते हैं जो कभी सरकारी स्कूल के टीचर बनने का सपना देखता था नौकरी लगी नहीं तो खोट निकलने लगे हैं एक बार जॉब में आ जाओ पता चलेगा 80 हजार में 8 प्राइवेट टीचर जैसे टेंशन मिलता हैं
हिन्दी
0
0
1
8
MANISH KUMAR PATHAK
MANISH KUMAR PATHAK@Manish_Pandit01·
सरकारी मास्टर 80 हजार लेता है, करता क्या है....? जवाब सुन लो, फिर बोलना. एक सरकारी अध्यापक का दिन...... 7:00 AM - स्कूल पहुंचो, झाड़ू लगाओ, ताला खोलो. 8 :00 AM - प्रार्थना कराओ, अटेंडेंस लो, MDM रजिस्टर भरो .... 9:00 AM से 2:00 PM - 50 बच्चों की क्लास, अकेले 5 सब्जेक्ट पढ़ाओ . 2:00 PM - MDM खिलाओ, बर्तन गिनो, बच्चों को घर भेजो.. 3:00 PM - DBT फीडिंग, UDISE, आधार सीडिंग, PFMS शाम 6:00 PM - घर-घर जाकर ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लाओ 80 हजार के बदले काम गिन लो 1. पढ़ाना - हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान. 2. BLO ड्यूटी - वोटर लिस्ट, चुनाव, रात-रात भर जागना. 3. जनगणना - घर-घर सर्वे, गाली भी खाओ; 4. पल्स पोलियो - संडे को भी दवा पिलाओ. 5.बोर्ड परीक्षा - 50 KM दूर सेंटर, खुद के खर्चे पर जाओ. 6. MDM का हिसाब - 5.45 रु में बच्चों को पेट भर खाना दो. 7. स्कूल चलाओ  - चपरासी, क्लर्क, प्रिंसिपल सब एक ही आदमी. 8.. ट्रेनिंग - शनिवार-रविवार DIET भागो 9. ऑनलाइन काम - प्रेरणा ऐप, दीक्षा ऐप, मानव संपदा, 50 दूसरे एप्स सरकारी वाला 80 हजार पाता है तो 50 बच्चे + 20 सरकारी काम + गांव की गाली* भी उसी सैलरी में करता है 50 बच्चों में से 40 के मां-बाप अनपढ़. कॉपी-पेंसिल टीचर दिलाता है, यूनिफॉर्म का पैसा दिलवाता है। बच्चा बीमार हो तो डॉक्टर के पास टीचर ले जाता है। छुट्टी कितनी...? गर्मी की छुट्टी में BLO ड्यूटी, ट्रेनिंग, सर्वे। दिवाली-होली पर बोर्ड कॉपी चेक करो। कलम छोड़ो, पहले एक महीना प्राइमरी में पढ़ाकर देखो। 80 हजार दिख रहा है, जिम्मेदारी नहीं दिख रही. एक बच्चे की जान जाए तो FIR मास्टर पर.. बच्चा फेल हो तो *गाली मास्टर को* मिड-डे-मील में कमी हो तो *सस्पेंड मास्टर* सैलरी सबको दिखती है, सर्विस कोई नहीं देखता।_ सम्मान दो सरकारी टीचर को...... जो आपके गॉव के बच्चों को शिक्षित कर रहा है... 🙏 वो तुम्हारे टैक्स से पल रहा है तो तुम्हारे बच्चे का भविष्य भी बना रहा है।
हिन्दी
365
229
1K
150.2K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@Kabir6198 @nehafolksinger रोजगार क्या है ? सरकारी नौकरी? तो सोच लो सभी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती रोजगार मतलब किसे भी प्रकार के कम से होता है मैडम सिर्फ सरकारी नौकरी का उम्मीद मत करो अपना रोजगार स्किड डेवलप करो सरकारी मिली तो अच्छा नहीं तो अपना खुद का कुछ करो
हिन्दी
5
0
0
20
kabir
kabir@Kabir6198·
@master0shekhar @nehafolksinger aapke baat se lag rha hai ki aapko "chay pakoda rojgaar hai" "reel banana rojgaar hai" jaisi insensitive baaton se koi farq nahi padta. kya sach me aapko aisi baaton se jara bhi taqleef nahi hoti ?
हिन्दी
1
0
0
15
Neha Singh Rathore
Neha Singh Rathore@nehafolksinger·
क्रिकेट नहीं रोज़गार चाहिए. सरकार ने पूरी ताक़त लगा रखी है कि बेरोज़गार युवाओं को उनकी बदहाली का एहसास न होने पाए. BCCI अरबपति बन चुका है, बाज़ार मोटा मुनाफ़ा कमा रहा है और खिलाड़ी सात पुश्तों की व्यवस्था करके रिटायर हो रहे हैं… …लेकिन इस क्रिकेट के बहाने अपना ग़म भुलाने वाले बेरोज़गार युवाओं के हाथ कुछ नहीं लग रहा है. मैं जिनके हितों के लिए आवाज़ उठा रही हूँ, वो मुझे अपना दुश्मन समझ रहे हैं...तो क्या मै चुप हो जाऊँ? 32 साल की उम्र में बाप के पैसों से खरीदे मोबाइल में बाप के पैसे से ही नेटपैक डलवाकर क्रिकेट प्रेमी बनने वाले बेरोजगार आदमी...क्रिकेट और हिन्दू-राष्ट्र जैसे झुनझुनों से ख़ुद को कब तक बहलाओगे? तुमको पता है! तुम्हारे पसंदीदा खिलाड़ी को तुम्हारी बेरोज़गारी और अवसाद से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. तुमने अपने जीवन के सैकड़ों-हज़ारों घंटे उनके लिए बर्बाद कर दिये, उनकी तरफ़दारी में कीबोर्ड पर उँगलियाँ घिस डालीं…लेकिन उनकी तरफ़ से आपके रोज़गार के लिए दो ट्वीट तक नहीं हुए! क्यों करेंगे वो? उनका एक-एक ट्वीट लाखों-करोड़ों का होता है…और आप! आप जाकर अपना बाज़ार भाव पता कीजिए.😐
Neha Singh Rathore tweet media
हिन्दी
1K
1.9K
6.4K
142.9K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@nehafolksinger मजदूरों के हक के लिए आवाज उठाई लेकिन असामाजिक तत्व को तो मत बचाए साजिश मजदूर नहीं करता साजिश करना वाला कोई और है
हिन्दी
0
1
3
235
Neha Singh Rathore
Neha Singh Rathore@nehafolksinger·
शोषण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने पर 400 मजदूरों को गिरफ़्तार कर लिया गया लेकिन मजदूरों का शोषण करने वाले कितने उद्योगपति गिरफ़्तार हुए? मजदूरों का गुस्सा दिख रहा है लेकिन उनका शोषण और तकलीफ़ नहीं दिख रही? मजदूर ट्रेनों में हज़ारों किलोमीटर लटककर कमाने-खाने आए हैं दंगा करने नहीं. अख़बारों की औक़ात नहीं है कि उद्योगपतियों के ख़िलाफ़ एक लाइन लिख दें. विदेशी साज़िश तक ढूँढ ली लेकिन देसी कंपनियों के हाथों होने वाला शोषण नहीं देख पाये! लानत है! 😕 मजदूरों से मेरा निवेदन है कि ठंडे दिमाग़ से काम लें. असली शोषक सरकार है. सब उसी की देखरेख में हो रहा है. अपनी समस्या का समाधान समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से करें. हिंसक न हों! 🙏
Neha Singh Rathore tweet media
हिन्दी
127
1.2K
2.8K
26.3K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
नोएडा में जो मजदूर आंदोलन कर रहे है अपने हक मांग रहे है समय रहते इनके मांग मान लिया जाता तो इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता सरकार किसे का भी रहे मजदूर की समस्या को नजरअंदाज क्यों करते है राष्ट्रीय निर्माण में मजदूरी का हाथ सबसे ज्यादा होता है और इसे वर्ग को सही हक आज तक नहीं मिला
Shekhar vishvas tweet media
हिन्दी
0
0
2
31
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@TechAndCricket सरकार ने अगर थोड़ी सैलरी बढ़ाई तो आंदोलन रोक देना चाहिए धीरे धीरे ही सही बढ़ेगा कोशिश करते रहे आंदोलन किसे भी उद्योग को कही और मूविंग करने में प्रोत्साहित करता है नोएडा में आसपास के लोगों को लाखों नौकरी दी है अगर उद्योग ओह से मूव कर ले तो दीगर राज्य जाना पड़ेगा नौकरी के लिए
हिन्दी
0
0
1
9
Ankit Verma
Ankit Verma@TechAndCricket·
नोएडा में जो धरना प्रदर्शन चार रहा था उसको लेकर योगी सरकार ने थोड़े पैसे बढ़ाने का निर्णय लिया। जिसमें से इस प्रकार से बढ़ाया जाएगा। • अकुशल: 2,377 रुपए • अर्धकुशल: 2,614 रुपए • कुशल: 2,928 रुपये लेकिन कर्मचारी इतने में खुश नहीं हैं। कर्मचारी 20 हजार रुपए सैलरी की मांग कर रहे हैं। आप लोगों की भी पता है 20000 रुपए से कम में नोएडा शहर में रहना और खर्च चलाना। फिर थोड़ा घर भी भेजना कैसे संभव होगा। मान लो किसी के घर शादी है तो कैसे काम चलाएगा।
Ankit Verma tweet media
हिन्दी
18
8
44
1.6K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@RahulGandhi राहुल जी सरकार आपकी पार्टी की भी रही है मजदूरों को उस का सही हग कभी नहीं मिला ज्यादातर मजदूर बीजेपी से उम्मीद छोड़ चुके है एक उम्मीद आपसे है चुनाव से पहले inc शासित राज में असंगठित मजदूरों के लिए मिनिमम मजदूरी आज के हिसाब से निर्धारित करो ताकि आने वाला चुनाव में आपको फायदा मिले
हिन्दी
0
0
2
1.6K
Rahul Gandhi
Rahul Gandhi@RahulGandhi·
कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया। नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है। तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई ज़िंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज़ की गहराई में डुबा देती है - यही है “विकसित भारत” का सच। एक महिला मज़दूर ने कहा - “गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं।” इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा। यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ़ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं - पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है। मगर, अमेरिका के टैरिफ़ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन - इसका बोझ Modi जी के “मित्र” उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मज़दूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज़ खाता है। वो मज़दूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई - जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार। एक और ज़रूरी मुद्दा - मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाज़ी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया। जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस क़र्ज़ लेकर भरता है - क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? और जो उसका हक़ हर रोज़ मार रहा है - वो “विकास” कर रहा है? नोएडा का मज़दूर ₹20,000 माँग रहा है। यह कोई लालच नहीं - यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं - जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।
हिन्दी
1.1K
9.8K
30.3K
584.2K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@SupriyaShrinate मैडम आपके पार्टी भी कम जिम्मेदार नहीं है किसी को ज्ञान देने से पहले एक बार अपने पार्टी के सीएम को बोलो उनके राज्य में जल्द से जल्द न्यूनतम सैलरी की व्यस्था करे श्रमिक का शोषण रोकने विशेष फोर्स की गठन हो आखिर श्रमिक ही विकाश की नीव हैं पहल आपके राज्य से हो
हिन्दी
0
0
1
224
Supriya Shrinate
Supriya Shrinate@SupriyaShrinate·
नोएडा में कर्मचारियों ने प्रदर्शन में कहा उनकी तनख्वाह ₹10,000 है, 12-13 घंटे काम यह तो बंधुआ मजदूरी से भी बदतर है लोगों ने बताया कि पिछले 10-12 साल से उनकी यही तनख़्वाह है. जबकि इस बीच घर का किराया, बच्चों की फ़ीस, खाना पीना, दवाई सब महंगा हुआ है मोदी जी, विकास किसका हुआ है?
हिन्दी
893
3K
8.1K
97.3K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@ajeetbharti सरकार कानून तो बना देती है पर कानून को जमीनी हकीकत पे लाने वाले भी कम जिम्मेदार नहीं है ऐसे घटनाओं का न्यूनतम वेतन हर किसे का हक है 8 घंटे काम उस के बाद स्वैच्छिक ओवर टाइम ओवरटाइम का डबल सैलरी यही तो नियम है लेकिन जो कंपनी संस्था इसे इग्नोर कर रहे है वर्षों से उस का नतीजा है
हिन्दी
0
0
0
2.2K
Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
नोएडा में जो कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा है, उसे कह दिया जाएगा कि चुनावों के समय में ‘करवाया’ गया है। परंतु कुछ प्रश्नों के उत्तर दीजिए: १. 13,000/महीने, दस-दस घंटे की नौकरी किस तर्क से उचित है? बगल के गुड़गाँव में न्यूनतम सैलरी ₹19,000 कर दी गई है। २. ओवरटाइम का पैसा सामान्य कैसे हो सकता है? डेढ़ या दो गुणा माँगना अनुचित नहीं। ३. आग लगाने की स्थिति पहुँची कैसे? अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं थी? क्या आंदोलनकारियों ने अपनी माँगें ज्ञापन के रूप में प्रशासन को नहीं दी थी? मैं तो अब वामपंथी बता दिया जाऊँगा क्योंकि मैं आंदोलनकारियों की माँगे बता रहा हूँ। परंतु, सत्य यह है कि सरकारें जब अधिकारियों की बात सुन कर सोई रहती है तब विरोधी ऐसे आंदोलन करते हैं, या कराते हैं। एक और आंदोलन हुआ था हाल ही में। उसकी सूचना सरकार तक पहुँची भी नहीं। नोएडा में ही बाल्मीकी समुदाय के लोगों ने 30-30 वर्षों से कार्य करने के बाद भी परमानेंट न होने पर आंदोलन किया। ये लोग सड़कें साफ करते हैं, सीवर में उतरते हैं। सीवर में उतरने के लिए सेफ्टी की माँग की। ये उस समाज के लोग हैं जिनके वोट के लिए सरकार मरी जा रही है। क्या अम्बेडकर के तीर्थ और मूर्तियों की स्थापना बाल्मीकी समाज के नौकरी को स्थाई बना देंगी? फ़ैक्ट्री के कर्मचारी कौन हैं? उसी ‘दलीत-पीड़ीत-शोषीत-वंचीत’ समाज से आते हैं अधिकतर। तो @narendramodi और @myogiadityanath क्या इस समाज के लिए भी मूर्ति और लेखों के अलावा कुछ कर रहे हैं? किसी ने आज बताया कि हाल ही में कूड़ा फेंकने वालों की सैलरी नोएडा में कम कर के दी गई। फिर बहुत बवाल हुआ और कर्मियों ने यह कहा कि कूड़ा नहीं उठाएँगे, तब पूरी सैलरी दी गई है। मैं तो चलो वामपंथी हूँ, सपाई हूँ, कॉन्ग्रेस से फंडेड हूँ, राज्यसभा चाहिए, पर आप लोग तो नेता हैं। आपको यदि दिख रहा है कि चुनावों के पूर्व ऐसी आग लगाई जा सकती है तो आप अग्निशमन के प्रयास क्यों नहीं कर रहे?
हिन्दी
331
2.2K
8.1K
262.8K
Ranvijay Singh
Ranvijay Singh@ranvijaylive·
• सैलरी: 9 से 13 हजार रुपए • काम: 10 से 12 घंटे • मांग: 20 हजार रुपए सैलरी/8 घंटे काम नोएडा में कर्मचारियों ने क्यों बवाल किया, उसकी वजह समझिए. सोचिए 9 से 13 हजार में कोई कैसे गुजारा करता होगा. ऊपर से 12 घंटे काम का शोषण. क्या मंत्रियों के बच्चे 10 हजार में काम करेंगे? और ये सिर्फ एक जगह की बात नहीं. पूरे देश का यही हाल है. आपको याद होगा पिछले दिनों यूपी में CM हेल्पलाइन के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी सैलरी भी 7 हजार रुपए थी और वो बस 15 हजार रूपए के लिए लड़ रहे थे. एक तरफ आम आदमी 15-20 हजार के लिए लड़ मर रहा है. दूसरी तरफ नेताओं के बच्चे क्रिकेट की मस्ती से हर दिन करोड़ों कमा रहे हैं. ये है असल भारत
हिन्दी
273
2.4K
6.5K
186.8K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@AnilYadavmedia1 पत्रकार महोदय हो जानकारी तो आपको भी होगा कि बैठक व्यस्था कैसे होता है
हिन्दी
0
0
0
30
ANIL
ANIL@AnilYadavmedia1·
विश्वगुरु के विदेश मंत्री बहुत पीछे बैठे हैँ, AI इमेज़ तो नहीं है,
ANIL tweet media
हिन्दी
204
161
1.3K
40.7K
Shekhar vishvas
Shekhar vishvas@master0shekhar·
@Kabir6198 @nehafolksinger 70 साल से गरीबी हटाई जा रही है क्या गरीबी हटा नहीं ना तो रोजगार का भी 2 cr ka वादा पूरा 70 साल में भी नहीं होगा अपना समय का सही उपयोग करो सरकारी जॉब ना मिल रही है तो कुछ और में रोजगार पाने की कोशिश करो
हिन्दी
1
0
0
29