Khushi💗

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@mhealer75

God is the solution for every problem and I am the mediator between you and God ✨🧡 Prepaid sessions available https://t.co/kzTl1Ib0vS

Katılım Mayıs 2025
301 Takip Edilen522 Takipçiler
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
Happy Gupta Navratri 🙏 Book your tarot reading and manifestation session at minimal prices 💗 Do book your sessions asap 🙂‍↕️
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Shivaaaayy
Shivaaaayy@Shivaaywho_·
I hate waking up with no money.😭
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
The only thing worse than a bad guy is a good guy who plays you the same 💀
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Deepak Shekhawat🔆
Why doesn’t the government or some independent authority conduct a separate surprise exam for the NEET protesters and see how many marks they score? Then it will be crystal clear what kind of students they are
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ब्रह्मऋषि
ब्रह्मऋषि@TheSengarSahab·
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर आज पूरे देश में आक्रोश की ज्वाला भड़क रही है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद और लगातार होते अन्य पेपर लीक मामलों के बावजूद भी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं आता है। इन्हीं समस्याओं और जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सोनम वांगचुक धरना-प्रदर्शन पर बैठते हैं। धीरे-धीरे उनके इस आंदोलन से नीट का मुद्दा भी जुड़ जाता है। यह स्वाभाविक है कि जब भी कोई जन-आंदोलन शुरू होता है, तो सत्ता की विफलताओं से पीड़ित अन्य आंदोलन भी उसमें जुड़ते चले जाते हैं। लेकिन इसी बीच इसमें अभिजीत दीपके की एंट्री होती है, जो कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक बनते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने किसी अन्य संदर्भ में टिप्पणी की थी कि आजकल युवा कॉकरोच की तरह हाथों में मोबाइल लेकर पत्रकार बने घूम रहे हैं। इसी बात को आधार बनाकर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू कर दिया। अब ज़रा समझिए कि यह अभिजीत दीपके कौन हैं। ये एक दलित परिवार से आते हैं और इनका सबसे बड़ा दावा यही है कि ये एक पिछड़े वर्ग से हैं। दलित शब्द का अर्थ दबा, पिछड़ा और गरीब होता है, लेकिन इनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखें तो संभाजीनगर में स्थित इनका तीन मंज़िला आलिशान मकान स्पष्ट करता है कि ये एक उच्च-मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। इन्होंने संभाजीनगर के एसबी कॉलेज से इंजीनियरिंग शुरू की, फिर मन बदला तो पुणे से पत्रकारिता की, और उसके बाद बोस्टन यूनिवर्सिटी चले गए। बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंपर्क का कोर्स करने में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। जो व्यक्ति ढाई करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके विदेश से पढ़ाई करके लौटा हो, क्या वह केवल अपनी पृष्ठभूमि के नाम पर नया नेतृत्वकर्ता बन सकता है? सोनम वांगचुक का मुद्दा जलवायु परिवर्तन और शिक्षा सुधार से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर और वास्तविक मुद्दा था। आज से दस साल पहले हम दोपहर की धूप में जिस तरह सामान्य रूप से निकल पाते थे, आज वैसी स्थिति नहीं है। भविष्य में हमें और अधिक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने होंगे क्योंकि पर्यावरण की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। सोनम वांगचुक एक पर्यावरण कार्यकर्ता होने के साथ-साथ महान शिक्षा सुधारक भी हैं, जिनके सिद्धांतों को दुनिया भर में सराहा गया है। लेकिन जैसे ही अभिजीत दीपके जैसे लोग इस आंदोलन में प्रवेश करते हैं, सोनम वांगचुक जैसा सच्चा नेतृत्व पीछे छूट जाता है। अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं, भले ही वे इससे इनकार करें। वे इस आंदोलन के मूल जनक नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया की पहुँच के बल पर बीच में आकर बैठ गए हैं। इनके आने के बाद वास्तविक जन-मुद्दे और सोनम वांगचुक का संघर्ष नेपथ्य में धकेल दिया गया। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सवाल यह उठता है कि असली मुद्दा क्या है? असली मुद्दा हमारे छात्रों का है, देश के भविष्य का है और उस प्रशासनिक व्यवस्था का है जो केवल अफ़सरशाही को बढ़ावा दे रही है। यदि शिक्षा मंत्री की विफलता पर इस्तीफा माँगा जा रहा है, तो माँग बिल्कुल वाजिब है। लेकिन केवल राजनीतिक इस्तीफ़ों से काम नहीं चलेगा। गाज़ उन भ्रष्ट अधिकारियों और पेपर लीक करने वाले भू-माफियाओं पर भी गिरनी चाहिए। जब तक ऐसे घोटालों में लिप्त लोगों के लिए आजीवन कारावास या कठोरतम दंड का प्रावधान नहीं होगा, तब तक देश में सुधार संभव नहीं है। क्या हमारे देश में पेपर लीक पहली बार हुआ है? क्या केवल नीट का पेपर लीक होता है? पुलिस भर्ती से लेकर तमाम सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार का यही खेल चल रहा है। यह हमारी प्रशासनिक संरचना की बुनियादी समस्या है। लोकतंत्र के नाम पर जो अफ़सरशाही खड़ी की गई है, वह आज आम जनता और युवाओं के शोषण का साधन बन चुकी है। जब मुख्य आंदोलन का नेतृत्व कमजोर पड़ता है, तो भटके हुए तत्व अपने निजी एजेंडे साधने के लिए राष्ट्रविरोधी और विवादित नारे लगाने लगते हैं। जो व्यक्ति इस देश की शिक्षा व्यवस्था पर कभी भरोसा नहीं कर सका, जो यहाँ के विद्यार्थियों के संघर्ष से कभी नहीं गुज़रा, वह इस देश के भविष्य की नींव कैसे रख सकता है? यह विचार करना आपका और हमारा कर्तव्य है। मैं जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर उन जिम्मेदार हुक्मरानों से तीखे सवाल पूछूँगा। आख़िर कब तक देश का युवा सड़कों पर अपना खून-पसीना बहाकर क्रांति की भीख माँगता रहेगा? आख़िर किस दिन इस भ्रष्टाचार की नींव हिलाने के लिए जनता का आक्रोश इन अधिकारियों के दरवाज़ों तक पहुँचेगा? यह निर्णय अब आपको और हम सभी को मिलकर करना होगा। जय हिंद
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Arpita Gupta
Arpita Gupta@Ar81200·
जय मां कामख्या 🚩
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निशांत 👷🏻
निशांत 👷🏻@kunwarsaheb02·
एक बेहतरीन व्यक्तित्व को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं🥳 @mhealer75 बजरंग बली की कृपा हमेशा आप पर बनी रहे! 🙌❤🌸 हमेशा यूँ हीं बने रहिये हँसते- मुस्कुराते-खिलखिलाते हुये!
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ASURA
ASURA@mahamatyasarp·
@mhealer75 Kaisi h or studies kaisi chl rhi
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
~ खयाल - ए - इश्क़🥀 ज़ख्म - ए - इश्क़ 🥀 मरीज़ - ए - इश्क़ 🥀
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dobu🚩
dobu🚩@sandipd32251017·
Solo date ☕ Not because I had no one to go with @mhealer75 but because I wanted to spend time with the one person who has stood by me through every high every low every silence and every storm I've learned that peace begins when you enjoy your own company and self-love is the strongest foundation you'll ever build No expectations No pretending Just good tea, quiet moments and a heart that finally feels at home within itself Sometimes the most meaningful date you'll ever have is the one with yourself 🤍 @mhealer75
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dobu🚩
dobu🚩@sandipd32251017·
@mhealer75 When you learn to enjoy your own company loneliness loses its power ❤️
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
Out on solo date coz I'm the only one who always stays with me in every situation 🙂‍↕️🙌
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🌺Sai🌺
🌺Sai🌺@Sai60012·
जय कामाख्या माता 🚩🙏
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dobu🚩
dobu🚩@sandipd32251017·
@mhealer75 इश्क़ वो एहसास है जो रूह को भी सुकून दे देता है इसलिए शायद लोग कहते हैं इबादत और इश्क़ में फ़र्क़ बहुत कम होता है 🌹
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
@sandipd32251017 Ibadat bhi toh ishq hi hai Kya nhi hai ishq sb kuch hi toh hai wo
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dobu🚩@sandipd32251017·
@mhealer75 ज़ख्म-ए-इश्क़ की शिकायत कैसी जब मरहम भी उसी का नाम हो हारना भी मंज़ूर है हमें अगर जीत का इनाम वो हो 🌹
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Arpita Gupta
Arpita Gupta@Ar81200·
जय मां कामख्या 🚩
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
@Aashusingh1131 Pind daan ke baad dard do guna nhi ho jayega uski yaadon ne itna dard diya hai uske pind daan dard kitna hoga soch kr hi ruh kaamp rhi hai
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मेरा गांव मेरा देश
@mhealer75 खुशी ज़ी यदि आप केवल कोशिश करते रहेंगे, तो कभी भी पिंडदान नहीं कर पाएँगे। एक बार आँखें बंद करके पिंडदान कर दीजिए, कभी कभी अपनी खुशी और मन की शांति के लिए स्वार्थी बनना भी आवश्यक होता है, विशेषकर तब, जब सामने वाला आपकी भावनाओं का सम्मान करना ही न चाहे।
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Khushi💗
Khushi💗@mhealer75·
इस रोग से मुक्त करो प्रभु अब बर्दाश्त के बाहर है ये सब ❤️‍🔥 (भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे) #जय_श्री_राम 🙏
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मेरा गांव मेरा देश
@mhealer75 ज़ब पिंडदान कर देते हैं, तो हम उनसे नहीं, बल्कि उनकी यादों, उनकी बातों और उनसे जुड़े मानसिक बोझ से मुक्त हो जाते हैं। अन्यथा उनकी यादें और उनकी बातें निरंतर मन को परेशान करती रहती हैं। इसलिए, मन की शांति के लिए जीवित रहते हुए ही उस इंसान का पिंडदान कर देना अधिक उचित होता है।
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Khushi💗@mhealer75·
@Aashusingh1131 Pind daan bohot badi baat krdu aapne ye toh soch kr hi ghabra gyi main
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मेरा गांव मेरा देश
@mhealer75 यह ऐसा रोग है, जिससे जीवन के किसी न किसी मोड़ पर लगभग प्रत्येक व्यक्ति का सामना होता है। इससे पूर्णतः मुक्त हो जाना सरल नहीं, परंतु उससे ऊपर उठने का प्रयास अवश्य किया जा सकता है।जीवन को हल्का और शांत रखना है तो कुछ लोगो का पिंडदान करना सीखिए जो भावनाओं को ना समझे
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