
एक छात्र जो लगातार मेहनत करता है, एक प्रतियोगी जो लगातार प्रतियोगी परीक्षा को पास करने की कोशिश करता है, 90 अंक लाकर भी सेलेक्ट नहीं हो पाता, जबकि वह देखता है कि दूसरा एक छात्र मात्र 40 अंक पाकर सेलेक्ट हो जाता है। तो क्या ऐसे 90 अंक लाने वाले को सरकार को कुछ compensation नहीं देना चाहिए? क्या ऐसे छात्र को लगातार आगे बढ़ाने के लिए कोई स्कॉलरशिप नहीं मिलनी चाहिए? आप उसे छात्र को नौकरी नहीं दे रहे हैं आप उसे कॉलेज में प्रवेश नहीं दे रहे हैं तो कम से कम जब तक वह कोई नौकरी नहीं पा जाता या किसी कॉलेज में सिलेक्ट नहीं हो जाता, तब तक सरकार उसे कुछ राशि प्रतिमाह नहीं दे सकती? आप वंचितों को आगे बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन जिसकी कीमत पर आगे बढ़ा रहे हैं, सरकार उसको किसी भी तरह की कोई सुविधा देने के लिए तैयार क्यों नहीं है?






























