Mukul Srivastava

2K posts

Mukul Srivastava banner
Mukul Srivastava

Mukul Srivastava

@mukulmedia

Professor of Journalism & Mass Communication ,University of Lucknow Freelance Journalist & GNI Trainer in Fact check & Verification,

Lucknow Katılım Ekim 2009
363 Takip Edilen1.4K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
आज का युवा कोरियन ड्रामा, स्पेनिश थ्रिलर और हॉलीवुड सुपरहीरो फिल्में भारतीय घरों में उतनी ही सहजता से देखी जा रही हैं जितनी कभी हिंदी धारावाहिक देखे जाते थे। इस व्यापक बदलाव के केंद्र में सिर्फ ओटीटी प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि डबिंग का वह उभरता हुआ उद्योग भी है, जिसने वैश्विक कंटेंट को स्थानीय अनुभव में बदल दिया है। एक समय फिल्मों का डब होना एक लंबी, महंगी और जुझारू प्रक्रिया हुआ करती थी। किसी फिल्म या सीरीज़ के रिलीज़ होने के महीनों बाद उसका डब वर्ज़न दर्शकों तक पहुँचता था। कई बार तो डबिंग की जगह उस कहानी को स्थानीय बाज़ार के हिसाब से पूरी तरह रूपांतरित कर किसी दूसरी भाषा में नई फिल्म के तौर पर रिलीज़ कर दिया जाता था। इसका नतीजा यह होता था कि मूल फ़िल्म के कलाकारों, निर्देशक और पूरी रचनात्मक टीम को न तो पूरा श्रेय मिल पाता था और न ही उनकी मूल पहचान दर्शकों तक पहुँचती थी। पढ़ें आज के दैनिक जागरण में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
1
31
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
कोई भी खेल 'कौशल का खेल' तब कहलाता है जब उसमें खिलाड़ी की मानसिक योग्यता, रणनीति, निर्णय लेने की क्षमता और अनुभव जीत का मुख्य आधार होते हैं। इसके विपरीत, 'किस्मत का खेल' वह है जहाँ परिणाम पूरी तरह से भाग्य या संयोग पर निर्भर करता है, जैसे सट्टेबाजी या लॉटरी। नए नियम इस अंतर को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्ती से लागू करते हैं। सरकार ने 'रियल मनी गेमिंग' के उन रूपों को प्रतिबंधित कर दिया है जो सट्टेबाजी (Betting) के करीब थे, जबकि 'ई-स्पोर्ट्स' और कौशल आधारित खेलों को बढ़ावा देने का रास्ता साफ किया है। यह स्पष्टता निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण थी, क्योंकि बिना परिभाषा के करोड़ों का निवेश हमेशा जोखिम में रहता था।पढ़ें आज के प्रभात खबर में प्रकाशित लेख। इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है।#DigitalEducation #HigherEducation #MukulMedia #PrabhatKhabar #AcademicShift
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
2
28
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
BCG रिपोर्ट 2025 द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत 92% AI एडॉप्शन दर के साथ विश्व के अग्रणी देशों की सूची में पहले स्थान पर है। यह आंकड़ा न केवल भारत की डिजिटल शक्ति को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत भी देता है।भारत की इस बढ़त के पीछे कई तर्क दिए जा सकते हैं |जिसमें सबसे प्रमुख है भारत की विशाल युवा आबादी 'डिजिटल नेटिव' है।संज्ञानात्मक लचीलापन (Cognitive Flexibility) युवाओं में अधिक होता है, जिससे वे नई जटिल तकनीकों को शीघ्र आत्मसात कर लेते हैं और भारत इसमें अपवाद नहीं है|दूसरा है लीपफ्रॉगिंग (Leapfrogging) की प्रवृत्ति मतलब भारत ने कई पारंपरिक चरणों को छोड़कर सीधे उन्नत डिजिटल समाधानों को अपनाया है।पढ़ें आज के अमर उजाला में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
2
40
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
यूँ कहने को तो हम इंसानी सभ्यता की सबसे ज्यादा कनेक्टेड पीढ़ी हैं लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा अकेली है। ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया, रील्स की शोर-शराबे वाली दुनिया ने हमें अंदर से थका दिया है। इसी थकान और तनाव से बचने के लिए आज की जेन जी पीढ़ी ने एक नया तरीका ढूंढ लिया है जिसे बेड रॉटिंग कहते हैं। इसका मतलब है जानबूझकर घंटों या दिनभर बिस्तर पर पड़े रहना और निष्क्रिय गतिविधियों में लिप्त रहना जैसे फोन स्क्रॉल करना, फिल्म देखना या बस लेटे रहना। पढ़ें आज के प्रभात खबर में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
0
27
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
पिछले दिनों यूपी फिल्म कॉन्क्लेव 2026 का आगाज लखनऊ में हुआ |जिसमें मुझ नाचीज को भी सम्मानित किया गया |आयोजको को साधुवाद |
Mukul Srivastava tweet mediaMukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
1
6
77
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
शुक्रिया आयुष
Aayush Tiwari (آیوش تیواری)@AayushTiwari854

@mukulmedia सर आपको जन्मदिन की मंगलकामनायें. प्रभु श्रीराम आरोग्यवान स्वास्थ्य एवं दीर्घायु प्रदान करें। 💐 आयुष तिवारी

हिन्दी
0
0
2
57
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
शुक्रिया पुलकित, इतने स्नेह के लिए ।
Pulkit Singh.@ppulkitsingh

जिन के किरदार से आती हो सदाक़त की महक उन की तदरीस से पत्थर भी पिघल सकते हैं! मां वागेश्वरी के विशेष आशीर्वाद से अनुग्रहित @mukulmedia सर को जन्मदिन की अशेष बधाई यूं ही सलाहियत की महक बिखेरते रहने की असीम शुभकामनाएं ,आप हमेशा सेहतमंद और सक्रिय रहें प्रकृति से यही सद्कामनाएं💙🙏🏻

हिन्दी
0
1
3
108
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
साल 2024 में आई हॉलीवुड फिल्म हियर में एआई के इस्तेमाल ने दर्शकों को चौंका दिया था, जिसमें एआई का उपयोग करके टॉम हैंक्स और रॉबिन राइट जैसे कलाकारों को कम उम्र का दिखाया गया था। इसके अलावा टॉप गन मैवरिक फिल्म में अभिनेता वाल किलमर की आवाज को एआई वॉयस क्लोनिंग की मदद से पुननिर्मित किया गया था, क्योंकि उनकी वास्तविक आवाज बीमारी के कारण प्रभावित हो चुकी थी। भारतीय संदर्भ में भी एआई के प्रयोग के उदाहरण सामने आने लगे हैं। पढ़ें आज के दैनिक जागरण में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है|
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
1
3
61
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
ये माइक्रो ड्रामा बड़े बजट, बड़े सेट या बड़े एक्टर्स के मोहताज नहीं होते हैं। बस अच्छी कहानी और कुछ ठीक-ठाठ कलाकारों से भी काम चल जाता है। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने की राह देख रहे एक्टर्स-इंफ्लुएंसर्स के लिए भी यह एक अच्छा मंच है। साथ ही इसे बनाने में खर्च भी काफी कम होता है और शूटिंग भी जल्दी खत्म हो जाती है। इसलिए कंटेंट इडस्ट्री और प्लेटफॉर्म्स इस तरह के कंटेंट पर अच्छा खासा निवेश कर रहे हैं। अब तो इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर इन्फुलएंसर्स और कंटेंट क्रियेटर्स खुद का माइक्रो ड्रामा बना रहे हैं। वे अपने लंबे वीडियो को छोटे-छोटे क्लिप्स में काटकर हर क्लिप का अंत ऐसा रखते कि लगे अगले पार्ट में क्या होगा। इससे दर्शक खुद ही अगले पार्ट के लिए बेताब हो जाते है।पढ़ें आज के प्रभात खबर में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
1
6
65
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-1), लखनऊ के तत्वावधान में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, उपसथान प्रभाग, लखनऊ द्वारा 20 मार्च 2023 को आयोजित राजभाषा सम्मेलन सह तकनीकी संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में विशेष वक्ता के रूप में सहभागिता करने सुअवसर प्राप्त हुआ |
Mukul Srivastava tweet mediaMukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
1
4
102
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
बीते कुछ समय में भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुँच बड़े पैमाने पर बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि यूट्यूब सबसे उपयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में सामने आया है। दूरदारज के गाँवों और छोटे शहरों के लोग अपनी भाषा में कंटेंट बना और देख रहे हैं। जिससे स्थानीय क्रिएटर्स को भी अवसर मिले हैं। साल 2024 में यूट्यूब इंडिया और स्मिथगिगर की एक रिपोर्ट में सामने आया कि 83 प्रतिशत जेन जी युवा स्वयं को कंटेंट क्रिएटर कहते हैं और 75 प्रतिशत का मानना है कि कंटेंट बनाना उनका वास्तविक करियर है। वहीं भारत की एक क्रिएटिव ऊर्जा ने अर्थव्यवस्था को भी खासा बल दिया है। यूट्यूब के सफल होने से कई अन्य उद्यम जैसे डिजिटल एजेंसियाँ, एड प्रोडक्शन स्टूडियो, मार्केटिंग सर्विसेज भी उभरे हैं जिससे कई नई इकोसिस्टम कंपनियों को रोजगार मिला है। पढ़ें आज के दैनिक जागरण में प्रकाशित लेख |इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.comपर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
1
45
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
आज की डबिंग इस सीमित दृष्टि से बाहर निकल चुकी है। अब यह केवल भाषा परिवर्तन नहीं, बल्कि स्थानीयकरण और रचनात्मक पुनर्लेखन यानी ट्रांसक्रिएशन का माध्यम बन चुकी है। इस प्रक्रिया में केवल शब्द बदलना नहीं होता, बल्कि भाव-रूप में री-क्रिएशन किया जाता है। उदहारण के तौर पर, यदि किसी अमेरिकन टीवी शो में कोई स्थानीय अंग्रेज़ी मुहावरा या चुटकुला है जिसे सीधे हिंदी में समझाया नहीं जा सकता, तो उसे भारतीय संदर्भ में समतुल्य हंसी-मज़ाक या कहावत से बदला जाता है, ताकि संस्कृति का रंग बना रहे। इसी प्रयास से आज के हिंदी डायलॉग में हिन्दी के लोक-गीत, कहावतें, आलंकारिक भाषा और क्षेत्रीय हास्य तत्व शामिल किए जाते हैं। इसलिए कहा जा सकता है कि आधुनिक डबिंग अब केवल अनुवाद नहीं, बल्कि एक रचनात्मक स्थानिक अनुकूलन बन चुकी है|पढ़ें आज के प्रभात खबर में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
2
5
97
Mukul Srivastava retweetledi
Anamika Pal
Anamika Pal@BindasWith·
@mukulmedia प्रणाम सर 🙏🏻 ऐसा कंटेंट टाइमलाइन पर कम ही दिखता है।
हिन्दी
0
1
2
43
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
आज की जेन-ज़ी पीढ़ी अपने कमरे की चारदीवारी में सिमटकर, मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन के सामने पूरा दिन बिताना ज्यादा सहज महसूस करती है। खाना ऑर्डर करना हो तो ऑनलाइन, दोस्तों से बात करनी हो तो ऑनलाइन, जैसे वास्तविक दुनिया से जुड़ने की उनकी इच्छा धीरे-धीरे मिटती जा रही हो। दरअसल आज का युवा सूचनाओं के ऐसे महासागर में जी रहा है, जो कभी शांत नहीं होता, अंतहीन फीड्स, नेटफ्लिक्स, असीमित कंटेंट यह सब मिलकर डिजिटल ओवरस्टिम्यूलेशनका माहौल बनाते हैं। जिससे दिमाग को कभी आराम नहीं मिलता और बिस्तर एक आरामदायक ठिकाना बन जाता है। वहीं सोशल मीडिया पर सेल्फ केयर की गलत व्याख्या से इसे और अधिक बल मिलता है।पढ़ें आज के दैनिक जागरण में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
3
7
154
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
आज का सोशल मीडिया भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से ज्यादा डाटा का बाजार बन गया है। हर क्लिक, हर लाइक, हर सेंकेंड बदलती स्क्रीन सब कुछ बेचा जा रहा है। और इस बाजार की मुद्रा है अटेंशन इकॉनॉमी। इस इकॉनमी में वही कंटेंट टिकता है जो चौंकाता है, डराता है या भावनाओं को उत्तेजित करता है। नतीजन हर घंटें हजारों पोस्ट, वीडियो, रील्स हमारे सामने से गुजर जाते हैं जिनमें गुणवत्ता से अधिक सतहीपन झलकता है। युवाओं में भी एक बड़ा वर्ग अब कंटेंट को सोचने के लिए बल्कि रिएक्ट करने के लिए देखता है। वहीं असहमति और आलोचना के डर से एक बड़ा वर्ग अब चुप्पी साध रहा है। यहीं से शुरु होती है एक डिजिटल त्रासदी, स्पाइरल ऑफ साइलेंस। पढ़े आज के अमर उजाला में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है |
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
2
2
7
156
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम बिग न्यूज़ - बिग एनालिसिस में ए आई समिट पर आयोजित चर्चा में अपनी बात कहने का मौक़ा मिला |कार्यक्रम का लिंक youtube.com/watch?v=nyEtp1…
YouTube video
YouTube
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
3
58
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के यूथ जंक्शन के विशेष एपिसोड में चर्चा हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षाओं इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, |कार्यक्रम का लिंक youtu.be/AX6F5Mc-aV8
YouTube video
YouTube
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
1
3
5
97
Mukul Srivastava
Mukul Srivastava@mukulmedia·
जेन जी के लोग हमारी पीढ़ी से की मामले में अलग हैं जैसे उन्होंने इंटरनेट के साथ अपनी आँखें खोलीं |वे इंस्टा रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स के साथ पाले बढ़े.तरह तरह के मोबाईल के बारे जानना और चलाना उनके लिए बच्चों का खेल है पर हम लोगों को सब सीखना पड़ा. उन्ही एप की दुनिया में तरह-तरह के मेसेजिंग एप हैं. जिनमें प्रमुख हैं चैटिंग एप जैसे व्हाट्स एप। जब मैं ये लेख लिख रहा था तभी मुझे किसी व्हाट्स एप ग्रुप में यह चुटकुला पढ़ने को मिला. “कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है... अगर तुम १०:३० बजे ही सो जाती है तो तुम्हारे व्हाट्सएप्प पर "लास्ट सीन २:३० ए एम" क्यों दिखाता है? पढ़ें आज के प्रभात खबर में प्रकाशित लेख |इसे मेरे ब्लॉग mukulmedia.blogspot.com पर भी पढ़ा जा सकता है .
Mukul Srivastava tweet media
हिन्दी
0
0
6
71