Narvada patel retweetledi

31 महीने जेल, कंपनी हाथ से गई, और अंत में अदालत ने कहा—सबूत नहीं थे। अगर आरोप साबित ही नहीं हुए, तो एक कारोबारी की ₹3300 करोड़ की कंपनी किस आधार पर बिक गई? सवाल सिर्फ एक कंपनी का नहीं, सिस्टम की निष्पक्षता और जवाबदेही का है।
Video by - @Geet_reports
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