Neeraj Badhwar

27.6K posts

Neeraj Badhwar banner
Neeraj Badhwar

Neeraj Badhwar

@nirajbadhwar

Podcasting | Satire | Ideas 🎙️ Live Hindustan ✍️ Author × 2 | Creator: Fake It India यहाँ भावनाएँ आहत की जाती हैं Work queries: [email protected]

New Delhi Katılım Mayıs 2011
1.2K Takip Edilen88.1K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
Neeraj Badhwar
Neeraj Badhwar@nirajbadhwar·
एप्सटीन फाइल्स: सत्ता, सेक्स और नैतिकता एप्सटीन फाइल में बिज़नेसमैन Bill Gates से लेकर धर्मगुरु Deepak Chopra तक, लेखक Noam Chomsky से लेकर Stephen Hawking, Bill Clinton और Donald Trump—सबके नाम हैं। ये सभी वो लोग हैं जो अपनी-अपनी फील्ड में टॉप पर रहे हैं। लगभग इन सभी पर यौन अपराध या एप्सटीन से संबंध रखने करने के इल्ज़ाम हैं, जिनमें 12 साल तक की बच्चियों के साथ संबंध बनाना, इंसानी मांस खाना शामिल है। कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक ज़िक्र है कि कुछ छोटे बच्चों को टॉर्चर करते थे, क्योंकि बेहद तनाव की स्थिति में बच्चों के शरीर में Adrenochrome जैसा कैमिकल बनता है, जिसे पीकर जवान बने रह सकते हैं। अभी ये कहना संभव नहीं है कि इनमें से कितने लोग इन सभी अपराधों के बारे में जानते थे या उसमें शामिल थे। लेकिन इतना तय है कि इनमें से लगभग सभी अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए एप्सटीन के टापू पर जाते थे। जब हम ये सारी बातें सुनते या पढ़ते हैं, तो पहला सवाल ज़ेहन में यही आता है कि कोई इतना कैसे गिर सकता है। इस सवाल से डील करने के दो तरीके हो सकते हैं। पहला तो ये कि आप इन लोगों की सिर्फ़ बुराई करके, इन्हें घटिया बताकर बात ख़त्म कर लें। दूसरा तरीका ये हो सकता है कि हम समझने की कोशिश करें कि दुनिया के सबसे बेहतरीन दिमाग अपराध और नैतिकता को देखते कैसे हैं। इच्छाओं से अपराध तक की मनोवैज्ञानिक यात्रा पहले मैं यौन इच्छाओं के सवाल पर आता हूं, फिर हम इसके नैतिक पक्ष की बात करेंगे। आपको याद होगा, कुछ साल पहले Tiger Woods के एक सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ हुआ था। पता लगा था कि कैसे हाई-प्रोफाइल कॉल गर्ल्स के साथ संबंध बनाने के लिए उन्होंने पूरा एक नेटवर्क बना रखा था। एक पूरी टीम इसी काम में लगी थी। Tiger Woods का ये भंडाफोड़ उस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी ख़बर बना। उस समय वो अपने खेल में टॉप पर थे। ख़बर सामने आने के बाद जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जो जवाब दिया, वो हमें बताता है कि मानव मस्तिष्क सोचता कैसे है। वुड्स ने कहा—“मैंने यहां तक पहुंचने में बहुत मेहनत की। बहुत पैसा कमाया, नाम कमाया। और जब मैंने ये सब पा लिया, तो मुझे लगा कि मुझे पूरा हक़ है अपनी temptations को पूरा करने का। अगर मेरा मन है कि मैं हर दिन एक लड़की से संबंध बनाऊं और मैं इसके लिए पैसे खर्च कर सकता हूं, तो क्यों नहीं?” Tiger Woods की ये सोच ही, सफलता के शिखर पर पहुंचे बहुत से लोगों की सोच बन जाती है। अब होता ये है कि ज़्यादातर लोग अपनी पूरी ज़िंदगी बुनियादी सवालों से जूझते रहते हैं। उनकी जो यौन इच्छाएं होती हैं, वो उस बारे में कुछ नहीं कर पाते और एक वक्त बाद वही इच्छाएं कुंठा बन जाती हैं। उनके लिए किसी पसंदीदा रेस्टोरेंट में जाकर मनपसंद खाना ही बड़ा इंद्रिय सुख होता है। वो जीवन में किसी बड़ी या छोटी सफलता को खा-पीकर सेलिब्रेट कर लेते हैं। यही खाना-पीना उनके लिए अपनी temptations को भोगने का चरम होता है। और जिनकी यौन उत्तेजना ज़्यादा होती है और जिनके पास थोड़ा ज़्यादा पैसा भी होता है, वो उसे पैसे के ज़रिए बाहर जाकर पूरा कर लेते हैं। मगर जो लोग जीवन में इतना पैसा कमा लेते हैं कि पैसे के दम पर कुछ भी हासिल करना उनके लिए मुश्किल नहीं होता, जहां कोई भी सामान्य चीज़ उन्हें उत्तेजना नहीं देती। जहां दुनिया की सबसे महंगी शराब या कॉल गर्ल भी उनके लिए बड़ी बात नहीं रह जाती। अब इन्हें अपने इस इंद्रिय सुख के लिए एक नया high चाहिए होता है। तभी आप देखेंगे—फैशन इंडस्ट्री हो, फिल्म इंडस्ट्री हो—जहां शराब और सेक्स बहुत सहज हैं, वहां उस अगले high के तौर पर लोग नशे की तरफ़ जाते हैं। क्योंकि बाकी चीज़ों में उन्हें अब कोई sensation महसूस नहीं होता। ये एक तरह का पागलपन है। ऐसी चीज़ से प्यास बुझाने की कोशिश, जिसे आप जितना पीएंगे, उसकी प्यास उतनी ही बढ़ती जाएगी। आपकी senses हर दिन आपसे कुछ नया demand करने लगती हैं। Jeffrey Epstein के टापू पर छोटे बच्चों के साथ जो यौन अपराध हुए उसका एक मनोवैज्ञानिक पहलू तो है ही, लेकिन मोटे तौर वो इसी पागलपन की अगली कड़ी थे। अब सवाल उठता है—अगर पैसे और इच्छापूर्ति का यही नैसर्गिक चढ़ाव है, तो हर पैसे वाले आदमी को इसी गति तक पहुंच जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है। और यही वजह है कि एप्सटीन फाइल में अमेरिका का हर प्रभावशाली और अमीर आदमी नहीं है। कितने लोग ऐसे भी रहे होंगे जिन्होंने एप्सटीन के निमंत्रण को नकार दिया होगा। लेकिन जो हैं—वो किन कारणों से यहां तक पहुंचे—यह उसकी एक मनोवैज्ञानिक व्याख्या हो सकती है। ताक़त बनाम नैतिकता अब दूसरा और ज़्यादा महत्वपूर्ण सवाल ये है कि इतने बड़े-बड़े लोग अपनी इच्छापूर्ति के लिए इतना कैसे गिर सकते हैं। क्या उन्हें ये सब करना अनैतिक नहीं लगा? Bill Gates से लेकर Donald Trump तक, Stephen Hawking तक—इन सबने न सिर्फ़ यौन अपराध किए, बल्कि अपनी पत्नियों को भी धोखा दिया। इस सवाल का जो जवाब है, वो बहुत खतरनाक है। इतना खतरनाक कि वो सच्चाई, जीवन और नैतिकता को लेकर आपकी सारी मान्यताओं को ध्वस्त कर सकता है। Steve Jobs के बिज़नेस पार्टनर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जॉब्स उनसे निजी बातचीत में कहा करते थे—“मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि बच्चे क्या सोचते हैं या उनके मां-बाप क्या चाहते हैं। मुझे बस ये पता है कि वो वही चाहेंगे जो मैं चाहूंगा।” Bill Gates 2015 से अगले पैनडेमिक की बात कर रहे थे। ये भी सामने आया है कि WHO भी इसमें शामिल था। कौन-सी दवा कंपनियां वैक्सीन बनाएंगी—ये भी पहले से तय था। आप Jeffrey Epstein के इंटरव्यू सुन लीजिए। समाज, जीवन और मानव स्वभाव पर उसकी बातें किसी भी बड़े दार्शनिक को शर्मिंदा कर सकती हैं। कुल मिलाकर, दुनिया में टॉप पर बैठे ये वही लोग हैं जो शेयर बाज़ारों में उतार-चढ़ाव लाते हैं, बड़ी-बड़ी बीमारियां लाते हैं, अदालतों को कंट्रोल करते हैं। Deep State के ज़रिए दूसरे देशों की सरकारें गिराते हैं। दूसरे शब्दों में कहूं तो इनका cause and effect पर इतना ज़बरदस्त कंट्रोल है कि ये Sacred Games के Nawazuddin की तरह खुद को भगवान समझने लगते हैं। वो भगवान, जो जानता है कि नैतिकता, अच्छा-बुरा, नियम-कानून जैसी चीज़ें सिर्फ़ कमज़ोर लोगों को कंट्रोल करने के लिए बनाई गई हैं। कमज़ोर लोग अपनी नौकरी के लिए, तरक्की के लिए, और सज़ा से बचने के लिए व्यवस्था पर निर्भर होते हैं। जबकि ताक़तवर लोग जानते हैं—व्यवस्था वही हैं। तभी आप देखिए—छोटे देशों पर दबाव बनाने के लिए UN है, लेकिन अमेरिका के लिए कोई UN नहीं। वो चाहे तो Venezuela के राष्ट्रपति को उसके घर से उठा सकता है। आपकी गाड़ी से दो पेटी शराब मिल जाए, तो पुलिस जेल में डाल देगी। इधर Supreme Court के जज के घर से 15 करोड़ रुपये बोरे में मिलते हैं और कुछ नहीं होता। हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद 13 दिन तक शोक होता है। इधर Ajit Pawar की पत्नी ने उनकी मौत के पांचवें दिन उपमुख्यमंत्री की शपथ ले ली। क्योंकि दुनिया के हर हिस्से का ताक़तवर आदमी जानता है— व्यवस्था, नियम, क़ायदा, नैतिकता, ईश्वर—जैसी कोई चीज़ नहीं होती। जिसके पास पैसा है, ताक़त है—वही व्यवस्था है और वही ईश्वर है। भारत में नेताओं से लेकर जजों, अफसरों और पुलिस में जो हद दर्जे की निर्लज्जता आप देखते हैं, उसके पीछे भी यही सोच है—“हम ही व्यवस्था हैं। हमारा कोई क्या ही बिगाड़ लेगा।” और इसमें मैं हर धर्म और मज़हब के पाखंडी गुरुओं को भी शामिल करता हूं। “हमारा कोई क्या ही बिगाड़ लेगा”— यही अहसास हर बड़े अपराध की जड़ है। अमेरिका में तो एक Epstein Files सामने आई है। लेकिन यक़ीन मानिए दोस्तों—भारत के कोने-कोने में ऐसी न जाने कितनी Epstein Files दबी पड़ी हैं। जिनमें निर्दोष लोगों की चीखें हैं, क़त्ल हैं, और उन पर हुए ज़ुल्म शामिल हैं। और जिस दिन वो फाइलें खुलीं—धर्म से लेकर राजनीति तक, न जाने कितनी सत्ताएं एक साथ ध्वस्त हो जाएंगी। #EpsteinFiles #BillGates #Trump -Neeraj Badhwar
Neeraj Badhwar tweet media
हिन्दी
57
328
762
55.8K
Tarun Tyagi
Tarun Tyagi@AuthorTarun·
@nirajbadhwar ये दोनों हमज़ा के आदमी निकलेंगे 🤣😆😂😝
Tarun Tyagi tweet mediaTarun Tyagi tweet mediaTarun Tyagi tweet media
हिन्दी
1
1
17
1K
Shivam
Shivam@ddbyomkeshcash2·
@nirajbadhwar Aur background mein gaana bajega , Ae tirchi topi wale
Indonesia
1
0
2
594
Ayush
Ayush@Ayush_2_0_4_0·
@nirajbadhwar Mujhe to lagta ye sare hi Indian agent hai kisi ko shak na isiliye raid mar rahe hai
हिन्दी
1
0
8
520
Neeraj Badhwar
Neeraj Badhwar@nirajbadhwar·
क्या Iran ने Trump को पागल कर दिया है? #usiran #trump #Israël
हिन्दी
1
1
4
506
Neeraj Badhwar retweetledi
Anand Ranganathan
Anand Ranganathan@ARanganathan72·
This day back in 2003, in Nadimarg, Kashmir, Pakistani Zia Mustafa lined up 23 Kashmiri Hindus and shot them point blank. As Zia was fleeing he heard a baby cry. "Ye karnawun chupe" ordered his friend. The baby became the 24th victim. To forgive Pakistanis is to forget Indians.
Anand Ranganathan tweet media
English
413
10.9K
24.4K
305K
Neeraj Badhwar retweetledi
`
`@worshipVK·
In Dhurandhar 1, hamza coughs when he smokes for the first time as it’s prohibited in sikhism. Later, he smokes throughout the movie. But when he reaches India, the first thing he does is crush the cigarette box before wearing his Sikh attire to meet his family. Aditya dhar’s portrayal of Sikhism is commendable. Peak detailing
` tweet media
English
127
3K
29.2K
717K
Neeraj Badhwar retweetledi
Ram Gopal Varma
Ram Gopal Varma@RGVzoomin·
ME with the POWER COUPLE. The reel HUMZA @RanveerOfficial destroyed the Pakistani terrorists and the real HUMZA @AdityaDharFilms is destroying the Indian film makers 🙏 Terrorists can run to save their lives,but where will film makers run to save their films from his brilliance?
Ram Gopal Varma tweet media
English
632
7K
66.3K
881.9K
Vjpath
Vjpath@VijyPath·
@nirajbadhwar सर "गैस बन रही है" ,,," हलवे की जगह गु " मतलब मजा आ गया क्या अनुपम उपमाये दि है आपने
हिन्दी
1
0
1
23
Neeraj Badhwar
Neeraj Badhwar@nirajbadhwar·
@IRAJENDRAMEENA Propaganda movie aur movie me thoda propaganda hone me farq hai. Is par Kal ek video banaya tha
हिन्दी
1
0
0
35
RAJENDRA MEENA
RAJENDRA MEENA@IRAJENDRAMEENA·
@nirajbadhwar सर, मुझे तो प्रोपेगैंडा मूवी ही लगी, बाकी मैं आपकी हर पोस्ट से सहमत होता हूं लेकिन यहां नहीं हो पाऊंगा। #Dhurandhar2
हिन्दी
1
0
0
54
raghav
raghav@Raghav25626·
@nirajbadhwar Sabse accha review ...aapki analysis ka AC ho gaya hoon
Filipino
1
0
3
126
Neeraj Badhwar retweetledi
Ram Gopal Varma
Ram Gopal Varma@RGVzoomin·
After last nights watch of #Dhurandhar2 in terms of it’s sheer cumulative impact in every which way , whether on it’s expected collections , audience euphoria , social influences , cinematic grammar breaking , and above all the psychological audio visual impact , it will be a SHOLAY x 100 level magnificence and is bound to make all the greatest films made so far starting from MUGHAL E AZAM. onwards look like TV SERIALS This is the BIRTH of a NEW CINEMATIC ORDER and the ruthless extinction of everything that that ever existed before.in the previous WORLD of CINEMA The very spelling of the word DIRECTOR will start from @adityadharfilms name , and it will be prudent and wise for even STEVEN SPIELBERG and CHRISTOPHER NOLAN to drop everything they are doing, and catch #Dhurandhar2 FIRST DAY FiRST SHOW
English
577
2.9K
16.9K
1.5M