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एक जिम्मेदार विपक्ष क्या होता है आपको इस तस्वीर से पता चलेगा यह तस्वीर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट की है ,तस्वीर में तीन प्रमुख लोग हैं इंदिरा गांधी तत्कालीन भारत की प्रधानमंत्री,शेख मुजीबुर रहमान और उस वक्त भारत में विपक्षी दल जनसंघ के प्रमुख केदारनाथ_साहनी जी !
यह तस्वीर तब की है जब ईरान के शाह के दखल से बांग्लादेश बनने के बाद पाकिस्तान ने शेख मुजीबुर रहमान को रिहा किया और उन्हें ईरान के एक विमान से दिल्ली लाया गया था।
अब यह सोचिए कि उस वक्त विपक्ष कितना जिम्मेदार हुआ करता था विपक्षी दल जनसंघ के नेता केदारनाथ साहनी जी इंदिरा गांधी के साथ शेख मुजीबुर रहमान को रिसीव करने पालम एयरपोर्ट पर गए थे !
बंगलादेश बनाने में भारत का नुकसान:
बांग्लादेश बनने से भारत का कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि भारत ने अपने 40 लड़ाकू विमान खो दिए ,दो युद्धपोत और चार पनडुब्बी खो दिए एक विशाल युद्धपोत INS खुखरी पर एडमिरल महेंद्र नाथ मुला 176 नौसैनिकों और 18 नौसैनिक अधिकारियों और अपने युद्धपोत के साथ यह कह कर जल समाधि ले लिए कि मैं अपने युद्धपोत को जब तक नहीं छोडूंगा जब तक हर एक सैनिक को बचा नहीं लिया जाता है पाकिस्तान की टारपीडो ने आईएनएस खुखरी पर हमला किया और इसमें सिर्फ 44 भारतीय नौ सैनिक ही बचाए जा सके थे और 200 से ज्यादा नौसेना के जवान और कई अधिकारी मारे गए थे जिसमें मुख्य एडमिरल महेंद्र नाथ मुला भी थे !
पाकिस्तान की कैद में 40 भारतीय सैनिक अधिकारी थे जिसमें से पांच पाकिस्तान को चकमा देकर भाग निकलने में कामयाब हो गए थे अन्य अधिकारियों को 93000 पाकिस्तानी सैनिकों और अधिकारियों को देने के बाद भी इंद्रा गांधी सरकार ने वापिस नहीं मांगा अभी तक वो पाकिस्तान की जेल में बंद हैं या मृत्यु को प्राप्त हो गए जानकारी नहीं है!
मैं कभी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट कंवलजीत मेहरा की कहानी लिखूंगा जिनके हंटर विमान पर पाकिस्तानियों ने भारी गोलीबारी करके गिरा दिया था कंवलजीत मेहरा इज्जेक्ट कर गए और 1 महीने कितनी नरक झेले उनके दोनों पैर टूट गए थे कंधा टूट गया था फिर भी वह कितनी मुश्किल सहकर भारतीय सीमा में आए यहां तक कि भारतीय सैनिक उन्हें पहचान नहीं रहे थे !
बांग्लादेश बनने में भारत सरकार के खजाने से उस जमाने में 4000 करोड़ रुपए खर्च हुए थे यहां तक कि भारत सरकार ने भारतीयों पर शरणार्थी टैक्स लगा दिया था क्योंकि बांग्लादेश के 3 करोड़ लोग भारत में शरण लिए थे जो आज भारत के नागरिक बनकर गजवाए हिंद का सपना देख रहे हैं।
भारत के डेढ़ हजार अधिकारी और 5000 सैनिक शहीद हुए थे उसके बावजूद भी उस वक्त विपक्ष के नेता चाहे वह अटल बिहारी वाजपेयी जी हों या जनसंघ के अध्यक्ष केदारनाथ साहनी जी हों एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर भारत सरकार के साथ खड़े थे उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि ये भारत के पैसे की बर्बादी हो रही है !
अब आप कल्पना कीजिए कि कांग्रेस विपक्ष में होती तो इतनी जिम्मेदारी का परिचय देती क्या अब हम सब ने ऑपरेशन सिंदूर के समय देखा था कि कांग्रेस ना तो सत्ता में सही है न विपक्ष की भूमिका में सही है
कांग्रेसी गद्दार पार्टी है कांग्रेस देशद्रोही पार्टी है जिसको अंग्रेज AO ह्यू ने 1885 में लंबा सोचते हुए कि कभी जब भारत को आजाद करके जाना पड़े तो भारत में ही भारत के खिलाफ एक कांग्रेस रूपी पार्टी में उस पक्ष को जो भारत में भारत व हिन्दू विरोधी है सत्ता देकर जाना है जो देकर गये।
राजीव गांधी जी के समय तक कांग्रेस में मां भारती के गद्दार और मां भारती के भक्त दोनों होने के कारण संतुलन था लेकिन अब तो 90 % कांग्रेस में गद्दार ही हैं इसलिए......
॥ एक और इंकलाब ॥॥

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