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Neha paswan
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Neha paswan
@nehapaswan03
विद्रोही हूं कुछ की नजरों में क्योंकि उनके गलत के आगे नतमस्तक नहीं हुई। 🙏जय भीम🙏जय भारत 🙏जय संविधान 🙏
Allahabad, India Katılım Nisan 2021
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जब मैं थाने में था तब मुझे पता चला कि मेरे अलावा 3 और क्रिएटर्स पर FIR हुई है। जिनमें से एक औरंगाबाद से दूसरा गुजरात से और तीसरा दिल्ली से है।
इन तीनों ने नितिन गड़करी के बेटे की गाड़ी में योगिता ठाकरे नाम की बच्ची की जो लाश मिली थी उसपर वीडियो बनाए थे। इन वीडियोज में वही जानकारी थी जो पब्लिक डोमेन में है।
औरंगाबाद वाले को बुलाया गया, पूरे दिन पूछताछ की गई और उसका फ़ोन जफ़्त करके भेज दिया गया। गुजरात वाले क्रिएटर के बारे में पुलिस वालों से सुना है कि वो जेल में है। और दिल्ली वाला क्रिएटर अभी पेश नहीं हुआ है।
मेरे मामले में, मामला गरमा गया क्योंकि मेरे पीछे पूरा समाज खड़ा है। लेकिन वो लड़के अकेले पड़ गए और सफर कर रहें हैं। विपक्षी दलों से माँग है कि मेरा छोड़ों उन तीनों का सार सँभाल लो।
नेताजी ज़ुल्म कर रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश के जिला अमेठी के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के चकदहिरामऊ गांव में जातंकवादी ने दलित मजदूर हौसिला प्रसाद सरोज को अपनी मजदूरी के पैसे मांगने पर इस बेरहमी से पीटा कि कई दिनों तक इलाज चलने के बाद कल उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और दण्डनीय है।
परिजनों के अनुसार, 26 अक्तूबर को हौसिला प्रसाद मजदूरी के पैसे मांगने आरोपी के घर गए, तो जातंकवादी ने उन्हें बुरी तरह पीटकर घायल अवस्था में घर के पास फेंक दिया।
गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी फुरसतगंज से रायबरेली जिला अस्पताल और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के बाद बृहस्पतिवार को उन्हें घर भेजा गया, लेकिन तबीयत बिगड़ती रही और शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की, जिससे आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। यह पुलिस की लापरवाही और जातिवादी मानसिकता को उजागर करता है।
हम शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि —
1. आरोपी पर SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और हत्या की कठोर धाराएँ लगाई जाएँ।
2. पीड़ित परिवार को 50 लाख रूपए का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा दी जाए।
3. शुरुआत में हल्की धाराएँ लगाने वाले पुलिस अधिकारियों पर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
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प्रयागराज के अंकित भारतीय उर्फ इंद्रजीत सऊदी अरब में फँसे हुए हैं।
नियोक्ता ने उनका वीज़ा छीन लिया है और उन्हें रेगिस्तान की तपती धूप में ऊंट चराने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
बेहतर भविष्य की तलाश में रियाद गए इंद्रजीत अब वहाँ कैद जैसे हालात में जी रहे हैं और सोशल मीडिया के ज़रिए प्रधानमंत्री @narendramodi जी और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
क्या भारत अपने बेटे को वापस ला पाएगा?
आइए, उनकी आवाज़ बनें।
@PIBHomeAffairs @PMOIndia
#SaudiArabia #Prayagraj #HelpIndrajeet #HumanRights #PMModi #India #ViralVideo
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र, पुरानी बाजार, शीतला मंदिर में RSS कार्यकर्ता द्वारा दलित बुजुर्ग रामपाल पासी को पेशाब चाटने के लिए मजबूर करना — सिर्फ़ एक अपराध नहीं, बल्कि जातिवाद व सामंतवाद की वर्षों पुरानी दलित विरोधी मानसिकता का नंगा प्रदर्शन है।
बीमारी से पीड़ित एक बुजुर्ग को, जिनसे पानी पीते समय गलती से थोड़ा पानी नीचे गिर गया था, आरोपी ने कहा कि “तुमने पेशाब किया है” और पानी मंगवा कर उससे धूलवाया। साथ ही जातिसूचक गालियाँ देकर अपमानित किया गया — यह न केवल मानवता के लिए कलंक है, बल्कि संविधान की आत्मा पर भी प्रहार है।
शरीर पर सत्ता का जोर, आत्मा पर जातिवाद का विष।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि —
1. आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कठोरतम सजा दी जाए।
2. पीड़ित रामपाल पासी को सरकारी सुरक्षा, सम्मानजनक मुआवज़ा और इलाज की सुविधा दी जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
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पासी तेरी मां...***&
लखनऊ में दलित (पासी) समाज के एक बुजुर्ग मंदिर के प्रांगण में बैठे थे। पानी पीते वक्त उनसे पानी गिर गया।
इतने में वहां स्वामी कांत दयाल नामक RSS कार्यकर्ता आया और उनसे कहा कि "तुमने यहां पेशाब क्यों किया?"
बाबा ने इंकार किया तो उसने उन पर लात चला दी और जातिसूचक गालियां देते हुए वही पानी उनसे चटवाया। बाबा को सांस की बीमारी है। वे हांफते हुए पत्रकार को अपनी दवाइयां दिखा रहे हैं और दोषी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बाबा की पीड़ा देखकर मन अत्यंत द्रवित है। उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन दलितों के लिए भयावह गढ़ बनता जा रहा है। जातिवादी गुंडों को कानून का कोई डर नहीं है। पीड़ित चाहे बुजुर्ग हो या बच्चा, महिला हो या बच्चियां, दलितों के प्रति नफरत इनके खून में दौड़ रही है।
यह घटना मानवता पर एक कलंक है। दोषी पर BNS एवं SC-ST Act के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। चूंकि यह घटना मंदिर के प्रांगण में घटित हुई है, अतः प्रशासन से हमारी मांग है कि दोषी के विरुद्ध NSA के तहत भी कार्रवाई की जाए। ऐसे जातिवादी गुंडे सभ्य समाज के लिए खतरा हैं। साथ ही, सरकार से आग्रह है कि पीड़ित बुजुर्ग बाबा को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए तथा किसी अच्छे अस्पताल में उनका उचित और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए।
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उत्तर प्रदेश के जिला बलिया में बीजेपी नेता द्वारा अधीक्षण अभियंता लाल सिंह जाटव जी को उनके ही दफ़्तर में घुसकर जूतों से पीटना— दलित समाज पर जातंकवादी हमला है।
जब सत्ता संरक्षित जातीय आतंकी दफ़्तरों में घुसकर अफ़सरों को पीटें, तो समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र ख़तरे में है। यह साबित करता है कि भाजपा के संरक्षण में कानून नहीं, बल्कि जातीय गुंडागर्दी चल रही है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि :
1. आरोपी बीजेपी नेता को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
2. उस पर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की कड़ी धाराएँ लगाई जाएँ।
3. पीड़ित अधिकारी और उनके परिवार को सरकारी सुरक्षा दी दिया जाए।
यह हमला सिर्फ़ लाल सिंह जाटव जी पर नहीं है— यह पूरे बहुजन समाज की गरिमा, संविधान और परम पूज्य बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों पर हमला है।
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उत्तर प्रदेश में दलित बहन बेटियां का जीना दुश्वार हो गया है..
आए दिन बच्चियों के साथ रेप जैसे जघन्य अपराध हो रहे हैं और सरकार कुंभकर्णी निद्रा में सो रही है।
#UttarPradesh #Kanpur
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