Shivam kumar

2.3K posts

Shivam kumar banner
Shivam kumar

Shivam kumar

@nextlvlshivam

अगर आप परफ़ेक्शन की तलाश में हैं, तो मैं वो नहीं हूँ। लेकिन अगर आप ईमानदारी और वफ़ादारी चाहते हैं, तो मैं वही हूँ। I explain what you read and watch. #meribaate

Dehradun, India Katılım Aralık 2024
1.2K Takip Edilen937 Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
काश नेता बच्चों के भविष्य पर उतनी ही बातें करते, जितनी पूरी कर पाते । ख़ैर, चुनाव के मौसम में वादे ही सबसे ज़्यादा दिखाई देते हैं। काश हर बच्चे का बचपन मुस्कुराहटों में बीतता, ख़ैर, अभी भी कई मासूम हालातों से रोज लड़ रहे हैं।
हिन्दी
5
11
16
583
Shivam kumar retweetledi
NARENDRA
NARENDRA@nkram99·
ये अनोखा nut bolt घूमती रोटेशनल पावर को लीनियर मोशन में बदल देता है।🙄 क्या आपने ऐसा nut bolt देखा है?
हिन्दी
6
11
17
331
Shivam kumar retweetledi
Suraj Prakash
Suraj Prakash@itssurajprakash·
नेताओं के मैच में पिसता युवा पेपर लीक महाराष्ट्र में हुआ, भुगत छात्र रहे हैं। लेकिन देवेंद्र फडणवीस जी का ध्यान इस पर है कि राहुल गांधी सवाल भारत से पूछ रहे हैं या विदेश से। साहेब, विपक्ष कहाँ बैठा है इससे हमारा चूल्हा नहीं जलेगा। नेताओं के बयानों से नहीं, पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराने से छात्रों का भला होगा। आम छात्रों को राजनीति नहीं, सिर्फ TET परीक्षा की नई तारीख चाहिए।
Suraj Prakash tweet media
हिन्दी
3
11
13
140
कल्याण
कल्याण@rajkalyan24·
अब क्या ही बोलें...... कोई स्कोप बचा है या नहीं इनलोगों का🤣🤔
हिन्दी
2
3
6
43
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
@rajkalyan24 Ye phle ho chuka hai , Yaa abhi tak yahi ho raha hai kalyan ji
हिन्दी
0
0
0
7
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
नेता जी ये नहीं पढ़ना था । ये तो करना था आपको ।
हिन्दी
0
1
2
28
Shivam kumar retweetledi
Yusuf Razvi
Yusuf Razvi@yusufrazvi63·
शिकार करने का अपना अपना तरीका होता है ये वाला पहली बार देखा है 🤔 🤔 वैसे हमारी भाषा में तो इसे धोबी पछाड़ कहा जाता है🤓🤓
हिन्दी
6
10
18
2K
Shivam kumar retweetledi
पेंचकार
पेंचकार@Penchkaar·
कमांडर जीप भी विलुप्त हो चुकी है! जब गांव में छोटी दूरी के लिए टमटम चलता था,लेकिन दूर जाने वालो के लिए महिंद्रा का कमांडर जीप चलता था। इस जीप से उस वक्त बहुत कमाई होती थी,तब का सबसे तेज साधन था,जितना मर्जी फूल करो,इसकी सीट पर बैठने के लिए भी बुकिंग करना पड़ता था,क्योंकि बैठने वाले,लटकने वाले सब ज्यादा थे। मेरे बड़े भैया के बारात में भी कमांडर गई थी। एक कमांडर में पंद्रह लोग बैठते थे,बीस लोग लटके रहते थे,दस लोग ऊपर बैठ जाते थे।
पेंचकार tweet media
हिन्दी
24
13
31
544
Shivam kumar retweetledi
Apna Thought
Apna Thought@Apna_Thought·
आज एक गाय को पानी पूरी खाने मिली... चलो उसका भी स्वाद थोड़ा बदला हुआ मिला होगा...
हिन्दी
5
11
13
527
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
Time is most powerful। जिसका आ गया वो छा गया।
1
5
7
94
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
@Ansarigulamhusa चतुर ने तो फिल्म में भी कर के दिखा दिया था ।
हिन्दी
0
0
0
4
Ansari Gulamhusain
Ansari Gulamhusain@Ansarigulamhusa·
@nextlvlshivam 3 इडियट्स तो kभी नहीं बोल पाएंगे ये अपना चतुर ही बोल दिया इसने हिम्मत दिखाई
हिन्दी
1
0
1
12
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
अब तो 3 इडियट्स के किरदार चतुर ने भी कह दिया सरकार बात करो,इग्नोर न करो।
हिन्दी
3
4
5
303
Shivam kumar
Shivam kumar@nextlvlshivam·
@yusufrazvi63 जा भी वे रहे है जिनकी बस की कुछ नहीं है करने को ।
हिन्दी
0
0
0
4
Yusuf Razvi
Yusuf Razvi@yusufrazvi63·
@nextlvlshivam हालत इनकी ठीक नहीं है और बड़ी बात तो ये है कि कोई भी नेता उधर मुंह करने को तैयार नहीं है
हिन्दी
1
0
1
9
Shivam kumar retweetledi
ArinOmPawar
ArinOmPawar@ArinOmPawar2003·
अजय देवगन की 'Raid' फिल्म का वो डायलॉग तो आपको याद ही होगा — इस घर में कोई सरकारी अफसर मच्छर मारने नहीं आ सकता, तुम रेड मारने आए हो! यह कहानी थी उस दौर के भारतीय इतिहास की सबसे रसूखदार राजनेता और उद्योगपति सरदार इंदर सिंह की! सरदार इंदर सिंह पहले पंजाब विधानसभा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक रहे और बाद में राज्यसभा सांसद भी बने! कानपुर में उनका इतना बड़ा साम्राज्य था कि उन्होंने देश की पहली स्टील री-रोलिंग मिल लगाई उत्तर भारत की सबसे बड़ी रेलवे वैगन फैक्ट्री खड़ी की और देखते ही देखते भारतीय रेलवे के सबसे बड़े सप्लायर बन गए! कानपुर के एक बेहद आलीशान और विशाल महल में वह अपने पूरे परिवार के साथ पूरी ठाठ के साथ रहते थे! लेकिन 16 जुलाई 1981 की वो सुबह उनके पूरे साम्राज्य को ढहने की शुरुआत थी! 90 जाबांज अफसर और 200 पुलिसवाले एक सुबह जब सांसद महोदय आराम से अपने महल में चाय की चुस्कियां ले रहे थे, अचानक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पूरी फौज ने उनके सारे ठिकानों को एक साथ घेर लिया! इस रेड के लिए 90 जाबांज अफसर और 200 से ज्यादा हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात थे। दीवारों और गद्दों से निकला खजाना घर के अंदर जो तलाशी शुरू हुई, उसकी कल्पना देश के किसी बड़े से बड़े अफसर ने भी नहीं की थी! दीवारों के खोखले हिस्सों, बिस्तरों के गद्दों, तहखानों और यहां तक कि रसोई के डिब्बों से इतना अंधाधुंध कैश निकला कि नोटों के पहाड़ खड़े हो गए! आरबीआई मैनेजर को बुलाना पड़ा कैश का स्केल इतना बड़ा था कि लोकल अधिकारियों के हाथ खड़े हो गए! नोट गिनने वाली मशीनें कम पड़ गई, जिसके बाद रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर को स्पेशल मशीनों और स्टाफ के साथ खुद मौके पर आना पड़ा! 45 लोग और 18 घंटे की नॉन-स्टॉप गिनती कुल 45 बैंक कर्मचारी लगातार 18 घंटे तक बिना एक पल रुके सिर्फ और सिर्फ नोट गिनते रहे, तब जाकर कैश का फाइनल आंकड़ा सामने आ पाया! सोने और बेनामी संपत्तियों का अंबार कैश के अलावा 1000 तोले से भी ज्यादा शुद्ध सोने की ईंटें, बेशकीमती जेवरात, दर्जनों बैंक लॉकर्स और कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए! 1981 में ₹420 करोड़ की वैल्यू इस पूरी जब्ती की कुल कीमत उस जमाने में करीब ₹420 करोड़ आंकी गई थी! अगर आज के वक़्त (साल 2026) के हिसाब से इसकी वैल्यू जोड़ी जाए, तो यह आंकड़ा हजारों करोड़ों रुपए से भी ऊपर बैठता है! इस ऐतिहासिक रेड ने भारत के इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड सेट किया जो आज 45 साल बीत जाने के बाद भी नहीं टूटा है! यह भारतीय इतिहास की सबसे लंबे समय तक चलने वाली रेड थी, जो पूरे 3 दिन और 2 रातों तक बिना रुके लगातार चलती रही थी! इतिहास गवाह है कि जब सियासत, व्यापार और रसूख का ऐसा गठजोड़ होता है, तो इंसान के भीतर एक अलग ही अहंकार आ जाता है! उसे लगता है कि सरकार और कानून उसकी जेब में हैं! लेकिन जब ईमानदार अफसर अपनी ड्यूटी पर आते हैं, तो बड़े से बड़े सूरमाओं के रसूख के किले भी ताश के पत्तों की तरह बिखर जाते हैं!
ArinOmPawar tweet media
हिन्दी
3
10
14
305
Shivam kumar retweetledi
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما
दो शब्द आप सबने यहाँ देखे होंगे. TMKC, TMKB लोग इसका मतलब गाली निकालते हैँ और अक्सर एक दूसरे को गाली देने में इन सांकेतिक शब्दों का उपयोग किया जाता है. असल में ये दोनों शब्द गाली है ही नहीं. इन शब्दों की उत्पति प्रसिद्ध टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा के किरदार तारक मेहता के लिए हुई थी. TMKC मतलब - तारक मेहता का चाचा TMKB मतलब - तारक मेहता का बाप राइटर तारक मेहता बचपन में अपने चाचा और बाप से बहुत गालियां खायी थी , इसलिए उन्होंने इन शब्दों का प्रयोग उनके लिए किया था लोगों ने X पर इसको गाली बना दिया. तो अगली बार कोई ये शब्द बोले तो उसको बोलो तारक मेहता के 2014 से पहले वाले एपिसोड देख लीजियेगा. 😊
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما tweet media
हिन्दी
20
31
50
3.7K
Shivam kumar retweetledi
Pasha Nadeem
Pasha Nadeem@PashaNadeem3·
किया कि EV गाड़ी टेस्टिंग में फेल हो गई क्यूंकि स्पेस टेक्नोलॉजी से बनी सड़क उसकी खतरनाक स्पीड सहन नहीं कर पायी।🧐🧐 अब सरकार को चाहिए स्पेस टेक्नोलॉजी की जगह भ्रष्टाचार-रोधी टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए। आपको क्या लगता है गाड़ी में क्या कमी रही होगी??
हिन्दी
26
24
49
1.2K
Shivam kumar retweetledi
चाणक्य
चाणक्य@ChanakyaSpeaksX·
दादी कहती थी कि बड़ों के मुद्दों में बच्चों को नहीं पड़ना चाहिए। अब ये बच्चों का ब्लॉगर बड़ों के मुद्दों में कूदा तो दिख गए दिन में तारे....? सौरव जोशी की अच्छी भली दुकान चल रही थी फैमिली ड्रामा दिखा कर। लेकिन भाई को बनना था मसीहा। लेकिन भाई को नहीं पता था कि ये बच्चों का खेल नहीं है। भाई ने जोश जोश में आवाज उठा दी। अब भाई को बैक फायर हुआ पहले IT cell का और फिर मर्सिडीज वाले एक्टिव हो गए। अब भाई खेल रहे हैं माफी माफी। आप लोगों को क्या लगता है ये माफीनामा मर्सिडीज वालों के दबाव में लिखा या इसके पीछे कोई ओर है?
चाणक्य tweet media
हिन्दी
26
32
54
802
Shivam kumar retweetledi
Yusuf Razvi
Yusuf Razvi@yusufrazvi63·
इतना एनर्जी बर्बाद करने का क्या फायदा जब पता था कि बर्तन मुझे ही धुलना है🥶 🥶 तो पेश है🥶 🙀KAHANI शौहर ki🙀
हिन्दी
6
17
26
1.8K
Shivam kumar retweetledi
Naseem Akhtar
Naseem Akhtar@iamnaseem_1·
पता नहीं क्यों, लेकिन इस बार सोनम वांगचुक को देखकर बार-बार प्रो. जी. डी. अग्रवाल याद आ जाते हैं। क्योंकि इस देश की एक पुरानी आदत है। जब कोई आदमी ज़िंदा होता है, लड़ रहा होता है, तब उसकी आवाज़ सुनाई नहीं देती। लेकिन वही आदमी चला जाए, तो श्रद्धांजलियों की कमी नहीं रहती। प्रो. जी. डी. अग्रवाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।शायद उन्हें उम्मीद थी कि कोई उनकी बात सुनेगा। कोई उनसे बात करेगा। लेकिन इंतज़ार लंबा होता गया, और आखिरकार वे चले गए। अफसोस, जो ध्यान उन्हें जीते जी मिलना चाहिए था, वह उनके जाने के बाद मिला। शायद इसलिए आज सोनम वांगचुक को लेकर बेचैनी है। ज़रूरी नहीं कि आप उनकी हर बात से सहमत हों। लेकिन कम से कम उनकी बात तो सुनी जानी चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि बाद में फिर सिर्फ़ अफसोस ही बचे। मैं बस इतना नहीं चाहता कि कुछ साल बाद फिर किसी तस्वीर के नीचे यही लिखना पड़े... काश, हमने उन्हें पहले सुना होता।
Naseem Akhtar tweet mediaNaseem Akhtar tweet media
हिन्दी
6
16
19
402
Shivam kumar retweetledi
पेंचकार
पेंचकार@Penchkaar·
अनपढ़ पार्टी के अपढ़ नेता,दिन रात हमें एक ही बताते है,कि देश मजबूत हाथों में है,डंकाफटी का डंका दुनिया में चहुंओर बज रहा है। देश में जैसे ही कोई संकट आती है,उनकी नीतियों से जनता त्रस्त होती है,तो राजा बाबू विदेश विनोद करने चले जाते है,इधर प्रजा त्रस्त,उधर नेता मस्त! फिर न्यूज चैनल वाले उस संकट को छोड़ कर राजा का दिया बाजा बजाने लगते है,ऐसा रागदरबारी गाते है, त्रस्त जनता भी भक्ति की शक्ति के साथ नारा लगाती है। बेचारी अधकचरी जनता भूल जाती है।
हिन्दी
12
8
18
171
Shivam kumar retweetledi
ArinOmPawar
ArinOmPawar@ArinOmPawar2003·
अयोध्या हार गए! 😂
हिन्दी
2
12
28
1.5K