Ram kumar Sharma Advocate

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@nimbusare

Advocate/ Former Gen. Secretary Meerut Distt BAR Association/ Founder- Western UP Youth Advocate Association / Vlogger- सवाल तो बनता है RKS

Nimbus Nityanand Vatika Katılım Ekim 2010
569 Takip Edilen511 Takipçiler
Ram kumar Sharma Advocate
एकदम सत्य है संपूर्ण प्रकरण मैंने देखा है यह लोग प्राइवेट सुरक्षा कर्मी के साथ मिलकर कोर्ट के अंदर घुसकर जबरन वीडियो बना रहे थे जिसको रोका गया बाद में धनेंद्र जैन अपने परिवार के साथ कोर्ट में जबरन घुस कर जज पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे थे जिसको जज ने पुलिस से बाहर निकलवाया
भारत समाचार | Bharat Samachar@bstvlive

मेरठ ➡डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ACJM कोर्ट के बाहर भारी ड्रामा ➡व्यापारी के बेटे की गर्लफ्रेंड ने दायर की याचिका ➡जानलेवा हमला, छेड़छाड़ की FIR के लिए याचिका ➡व्यापारी धनेंद्र जैन के बेटे की गर्लफ्रेंड की याचिका ➡बेटे, गर्लफ्रेंड की घर में घुसकर धनेंद्र ने की थी पिटाई ➡सूचना पर मौके पर पहुंची थी थाने की पुलिस ➡पुलिस के सामने विवेक जैन, गर्लफ्रेंड पर हमला हुआ ➡टीपीनगर पुलिस पर केस दर्ज नहीं करने का आरोप #Meerut | @DmMeerut @meerutpolice

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi@RahulGandhi·
I travelled through Great Nicobar today. These are the most extraordinary forests I have ever seen in my life. Trees older than memory. Forests that took generations to grow. The people on this island are equally beautiful - both the adivasi communities and the settlers - but they are being robbed of what is rightfully theirs. The government calls what it is doing here a “Project.” What I have seen is not a project. It is millions of trees marked for the axe. It is 160 square kilometres of rainforest condemned to die. It is communities that have been ignored while their homes have been snatched away. This is not development. This is destruction dressed in development’s language. So I will say it plainly, and I will keep saying it: what is being done in Great Nicobar is one of the biggest scams and gravest crimes against this country’s natural and tribal heritage in our lifetime. It must be stopped. And it can be stopped - if Indians choose to see what I have seen.
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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
अधिकारी को विशेष रूप से हक होता है फ्री का लुफ्त उठाने का और यह अधिकारी तो प्रायोजित कार्यक्रम करता रहता है
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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
सनातन परंपरा और संस्कृति के योद्धा ब्राह्मण समाज ने फिर उठा लिया फरसा शुद्धिकरण के बाद होगा महायज्ञ
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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
भगवान परशुराम भगवान के फरसे को छीन कर ले गई पुलिस ब्राह्मण समाज का अपमान फरसा लहराने वाले विधायक मंत्री व्यापारी नेताओ पर क्या होगा मुकदमा दर्ज सवाल तो बनता है
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Licypriya Kangujam
Licypriya Kangujam@LicypriyaK·
Dear World, Indian media will not show you this. Tens of Thousands of People are protesting now (Sunday, 19th April, 10 PM) in Manipur to fight for Justice. Modi can't silence us. No Justice, No Rest. 🙏😢💔 #HappeningNow #ManipurViolence
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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
The central government wants the states to oppose it, leading to violent protests and a breakdown of law and order. This would give the central government a pretext to impose President’s Rule and take control of power. Andhra Pradesh will play a major role in this.
Ravi Prakash Official@raviprakash_rtv

मैं एक दक्षिण भारतीय हूँ। तेलुगु मेरी मातृभाषा है। मैंने अपना पूरा जीवन तेलुगु भाषा और तेलुगु टेलीविजन के लिए काम करते हुए बिताया है। लेकिन आज जीवन में पहली बार मैंने हिंदी में एक वीडियो बनाया। क्यों? क्योंकि मैं अपने उत्तर भारतीय भाइयों और बहनों से दिल से बात करना चाहता था। आज जिस परिसीमन की बात हो रही है, उससे दक्षिण भारत के राज्यों को कितना नुकसान हो सकता है, यह समझाना जरूरी लगा। यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है, यह हमारे देश के संतुलन और न्याय का सवाल है। मैं आपसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि यह महान भारतवर्ष हम सबका है। जितना अधिकार उत्तर भारत का है, उतना ही अधिकार दक्षिण भारत का भी है। और अगर दक्षिण भारत के साथ कोई नाइंसाफी होती है, तो यह सिर्फ दक्षिण की नहीं, पूरे भारत की चिंता होनी चाहिए। इसलिए मैंने आज पहली बार हिंदी में बात करने की कोशिश की, ताकि हम एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें और एक-दूसरे के साथ खड़े हो सकें। उम्मीद है आपको मेरी हिंदी समझ आई होगी, और अगर कहीं कोई त्रुटि रह गई हो तो दिल से क्षमा चाहता हूँ। आइए, भाषा से नहीं, भावना से जुड़ें। क्योंकि हम सब मिलकर ही भारत हैं। 🇮🇳❤️

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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
Sawaal to banta hai
Ravi Prakash Official@raviprakash_rtv

मैं एक दक्षिण भारतीय हूँ। तेलुगु मेरी मातृभाषा है। मैंने अपना पूरा जीवन तेलुगु भाषा और तेलुगु टेलीविजन के लिए काम करते हुए बिताया है। लेकिन आज जीवन में पहली बार मैंने हिंदी में एक वीडियो बनाया। क्यों? क्योंकि मैं अपने उत्तर भारतीय भाइयों और बहनों से दिल से बात करना चाहता था। आज जिस परिसीमन की बात हो रही है, उससे दक्षिण भारत के राज्यों को कितना नुकसान हो सकता है, यह समझाना जरूरी लगा। यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है, यह हमारे देश के संतुलन और न्याय का सवाल है। मैं आपसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि यह महान भारतवर्ष हम सबका है। जितना अधिकार उत्तर भारत का है, उतना ही अधिकार दक्षिण भारत का भी है। और अगर दक्षिण भारत के साथ कोई नाइंसाफी होती है, तो यह सिर्फ दक्षिण की नहीं, पूरे भारत की चिंता होनी चाहिए। इसलिए मैंने आज पहली बार हिंदी में बात करने की कोशिश की, ताकि हम एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें और एक-दूसरे के साथ खड़े हो सकें। उम्मीद है आपको मेरी हिंदी समझ आई होगी, और अगर कहीं कोई त्रुटि रह गई हो तो दिल से क्षमा चाहता हूँ। आइए, भाषा से नहीं, भावना से जुड़ें। क्योंकि हम सब मिलकर ही भारत हैं। 🇮🇳❤️

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Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
सच्चाई सबको मालूम है लेकिन सब तमाशा देख रहे है जब तक जनक्रांति नहीं आएगी और सत्ता परिवर्तित नहीं होगी तो कुछ होने वाला नहीं है एक एक कर सभी राज्यों में मोदी सरकार बनेगी
Rahul Gandhi@RahulGandhi

Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution. What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using delimitation and gerrymandering. We will not allow ‘Hissa Chori’ from OBC, Dalit and Adivasi communities by ignoring the caste census data. We will also not allow Southern, North Eastern, North Western and smaller states to be treated unfairly.

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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
सच्चाई सब जान रहे है लेकिन प्रतिक्रिया और विरोध भी कैसे करे यह साहस नहीं हो पा रहा है @RahulGandhi कितना भी सत्य बोल ले दिखा दे आप जागरूक कर ले सत्ता नहीं तो कोई सुनवाई नहीं होगी
Aadesh Rawal@AadeshRawal

संविधान संशोधन बिल के लिए मोदी सरकार को विपक्ष का समर्थन चाहिए ?

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Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
सर एक किताब है एनिमल फ़ार्म .. इसकी कहानी एकदम दोनों पर सटीक बैठती है कैसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दोहन किया गया
Manoj Kumar Jha@manojkjhadu

बहुत पुराने समय की बात है। एक राजा था—लेकिन वह जन्म से राजा नहीं बना था, उसे उसकी प्रजा ने चुना था। यही बात वह बार-बार गर्व से दोहराता भी था। पर जो लोग उसे ध्यान से देखते थे, उन्हें कुछ और ही दिखाई देता था। जब वह प्रजा की बात करता, तो उसके शब्दों में मिठास होती; लेकिन जब वह स्वयं को देखता, तो उसकी आँखों में एक अलग ही चमक आ जाती। उसकी प्रजा के लिए प्रेम एक अभिनय था, अपने लिए प्रेम उसका सच। *************************** जब-जब प्रजा बेचैन होती—जब नौजवान रोजगार की बात करते, किसान अपनी फसल और कर्ज़ की चिंता जताते, मजदूर सम्मान और बराबरी की मांग करते—तब राजा उनके सवालों का जवाब नहीं देता। वह उनका ध्यान भटका देता।वह कहता, “आइए, देखिए हमने क्या बनाया है।” *************************** और फिर सामने खड़ी होती एक भव्य, विशाल इमारत—संगमरमर से चमकती, आसमान को छूती हुई, रोशनी और तालियों से गूंजती हुई। कुछ पल के लिए लोग सब भूल जाते—भूख, बेरोज़गारी, असमानता… सब धुंधला पड़ जाता। समय बीतता गया। हर बार जब सवाल उठते, एक नया तमाशा खड़ा कर दिया जाता—और ऊँची इमारत, और चौड़ी सड़क, और बड़ा उत्सव। प्रजा से कहा जाता—अपने जीवन को मत देखो, भव्य इमारतों को देखो। *************************** लेकिन धीरे-धीरे कुछ बदलने लगा। एक दिन एक छोटे बच्चे ने अपने पिता का हाथ पकड़कर उस नई इमारत को देखा और पूछा, “क्या इससे हमें खाना मिलेगा?” पिता के पास कोई जवाब नहीं था। एक बूढ़ी औरत, जो हर उद्घाटन में ताली बजाती थी, अब जाना बंद कर चुकी थी। उसने कहा, “मैंने बहुत इमारतें देख लीं, पर मेरी छत अब भी टपकती है।” *************************** कुछ मजदूर, जिन्होंने इन इमारतों को अपने हाथों से बनाया था, आपस में कहने लगे, “हमने ये दीवारें खड़ी की हैं, पर हम इनके बाहर ही क्यों खड़े हैं?” धीरे-धीरे, बहुत धीरे, वह जादू टूटने लगा। एक दिन राजा फिर से अपनी सबसे भव्य रचना का उद्घाटन करने आया। लेकिन इस बार कुछ अलग था। तालियाँ कम थीं। आँखें ऊपर नहीं, उसकी तरफ देख रही थीं—सीधी, सवाल करती हुई, बेखौफ। *************************** भीड़ में से एक आवाज़ उठी—धीमी, पर ठोस: “हमने आपको सपने दिखाने के लिए नहीं चुना था, अपनी ज़िंदगी बदलने के लिए चुना था।” पहली बार राजा ठिठक गया। क्योंकि इमारतें ध्यान भटका सकती हैं, लेकिन सम्मान नहीं दे सकतीं। तमाशा सवालों को दबा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं।और उसी क्षण प्रजा को एक सच्चाई समझ में आने लगी—जो शासक समस्याओं का जवाब दिखावे से देता है, वह समाधान नहीं, सिर्फ जवाबदेही को टाल रहा होता है। इस प्राचीन कहानी से नयी सीख: जब समाज अपने सवालों को भव्यता के भ्रम के समक्ष भूल जाता है, तो वह अपनी आवाज़ खो देता है। लेकिन जब लोग उस दिखावे/भ्रम के पार देखना शुरू कर देते हैं, तो वे अपनी ताकत वापस पा लेते हैं। और वहीं से यह सिलसिला खत्म होना शुरू होता है —क्योंकि शासन आँखों को चकाचौंध करने के लिए नहीं, जीवन को गरिमा देने के लिए होता है। जय हिन्द Top of Form Bottom of Form

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Ram kumar Sharma Advocate
Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
@dgpup @adgzonemeerut @meerut_ssp @Uppolice @DmMeerut सर मेरठ जनपद में यह अक्सर देखने को मिल रहा है @myogioffice @myogiadityanath मुख्यमंत्री जी के आदेश के विपरीत मेरठ मंडल में इस प्रकार के वाहनों पर कार्रवाई नहीं हो रही है कृपया संज्ञान लेने का कष्ट करे
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Ram kumar Sharma Advocate@nimbusare·
“फूलों को ना कल का पता ना कल का पता उनको तो बस खिलने का पता खुशबू का पता “ वर्तमान को महका रहे है बस यही है पता 🌹🌹🙏
Praveen Kumar IPS@Praveenupips

व्यष्टि और समष्टि के मध्य संवाद की चेष्टा में 'वह एक और मन' की कुछ पंक्तियाँ.....

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