Nitin VArshney

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Nitin VArshney

Nitin VArshney

@nitin1315

Katılım Ekim 2010
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NEFOWA
NEFOWA@nefowaoffice·
प्रिय साथियों, हम सभी वर्षों से मेट्रो की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम अपनी एकजुटता और संकल्प को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखें। रविवार 5 अप्रैल को नोएडा , सेक्टर 71 चौराहे के पास अंतिम मेट्रो पिलर पर हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है, ताकि केंद्र सरकार @PMOIndia तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचे कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों को अब और इंतजार स्वीकार नहीं है। हमारी मांग केवल मेट्रो नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित आवागमन और क्षेत्र के समुचित विकास की है। यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमापूर्ण रहेगा। आप सभी से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस जनहित की आवाज़ को मजबूत बनाएं। समय: सुबह 11 बजे स्थान: नोएडा सेक्टर 71 चौराहे के पास, अंतिम मेट्रो पिलर। आपकी उपस्थिति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। नोएडा एक्सटेंशन( ग्रेटर नोएडा वेस्ट) को मेट्रो चाहिए — अब और इंतजार नहीं! 🚇✊
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NCIB Headquarters
यह यूपी के एक स्कूल का बुक चार्ट है – इसे देखकर आप खुद तय कीजिए कि क्या आज के समय में विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य वास्तव में शिक्षा का प्रसार एवं विद्या दान रह गया है, या फिर यह धीरे-धीरे एक व्यवसाय में बदलता जा रहा है। मैं अक्सर कहता आ रहा हूं कि, हमारे देश में प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट क्लिनिक/हॉस्पिटल सबसे बड़े “स्कैम” बनते जा रहे हैं। अगर समय रहते सरकार द्वारा इनपर ठोस कार्यवाही न की गई तो आने वाले कुछ वर्षों में नागरिकों को आर्थिक रूप से विकलांग करने में इनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज स्कूलों की स्थिति यह है कि – जहां किताबों की वास्तविक कीमत लगभग 500 रुपये होती है, वहीं अभिभावकों को मजबूरी में वही किताबें 5000 रुपये तक में खरीदनी पड़ती हैं। ठीक इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में भी आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। कई मामलों में 100 रुपये की दवा से ठीक होने वाली बीमारी के लिए मरीजों को 2 से 3 हजार रुपये तक की जांच और 4 से 5 हजार रुपये तक की दवाइयों (डॉक्टर की फीस अलग) पर खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि, इन सब स्थितियों से सरकार अनभिज्ञ नहीं है, फिर भी इस पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। ऐसे में आम नागरिक के पास खुद को असहाय एवं ठगा महसूस करने के सिवा कोई विकल्प नजर नहीं आता। आज जरूरत इस बात की है कि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों को मुनाफाखोरी से बचाया जाए और इन्हें वास्तव में सरकार के देखरेख में नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। ~ साभार: @NCIBHQ
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Ranvijay Singh
Ranvijay Singh@ranvijaylive·
खतरनाक वीडियो है 4 साल के बच्चे को उठाकर जमीन पर पटक दिया. ये महाराष्ट्र के वसई का वीडियो है. बच्चे को जमीन पर पटकने वाले का नाम संदीप पवार है. संदीप का बच्चे के पिता से विवाद चल रहा था, उसी दुश्मनी में ऐसा किया. बच्चा अस्पताल में भर्ती है, संदीप को पुलिस ने पकड़ लिया.
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Kanpur Needs
Kanpur Needs@Kanpurneeds·
सरकार आखिर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कब एक्शन लेगी?
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Nitin VArshney
Nitin VArshney@nitin1315·
@KhanAmanatullah This need country wide reform 100 ke strength wale se lekar 2500 ke strength wale tak sab loot rahe hai ,jo capping hai usko upper limit he use karana hai inko vo bhi every year facility or infra mai koi change nahi , teacher unstable every six month change.@PMOIndia
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Amanatullah Khan AAP
Amanatullah Khan AAP@KhanAmanatullah·
निजी स्कूलों से परेशान हो गए हैं अभिभावक‼️ “रेखा गुप्ता जी ने कहा था कि हम क़ानून लेकर आ रहे हैं और सब स्कूल उसी हिसाब से चलेंगे। आज एक साल हो गया है और हम वही खड़े हैं। स्कूल कह रहा है कि बढ़ी हुई फीस दो वरना हम बच्चे का सेक्शन ही नहीं बतायेंगे।
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Dr Ranjan
Dr Ranjan@DocRGM_·
Class 1 Rs 9,000 for Books and Stationary Schools are earning 20-30% extra just from this New Business. Who'll hold them accountable !?
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Greater Noida West
Greater Noida West@GreaterNoidaW·
Condition of the entrance at Noida Sector 52 Metro Station👇
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mihir gautam
mihir gautam@mihirg·
आप ऐसा निर्देश क्यों नहीं जारी करती है @dmgbnagar? अगर किया है तो इसका पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर क्या कार्रवाई हो रही है?
Manish✍️@manishsmooth

यदि अलीगढ़ के जिलाधिकारी @Dm_Aligarh और DIOS सभी स्कूलों मे कक्षा 1-12 तक NCERT की किताबें मुख्य पाठ्य सामाग्री के रूप से चलाने का निर्देश जारी कर सकते हैं तो ऐसा ही आदेश गौतमबुद्ध नगर मे @dmgbnagar @MedhaRoopam जी और DIOS राजेश सिंह जी के तरफ से क्यों नहीं? @cbseindia29 @NoidaUpdatesX @myogioffice @myogiadityanath @CMOfficeUP @gulabdeviup @thisissanjubjp @DhaorAshni @Ankurtripathie @siddharth2596 @Dkumarchandel @RajuMishra63 @Pravendra_Sikar @NaveenBhati_ @ncrspwa @NcrParents @ActivistSukhpal @gpagzb @IndiaAspa

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Dr. Laxman Yadav
Dr. Laxman Yadav@DrLaxman_Yadav·
यह शिक्षा नहीं, बाज़ारी शोषण है। ज्ञान को अधिकार मानने वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी समान, सुलभ और न्यायपूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। किंतु नीति-नियंताओं की चुप्पी निजी प्रकाशकों और स्कूलों की मनमानी को मानो वैधता प्रदान करती प्रतीत होती है। क्या शिक्षा अब सामाजिक न्याय का माध्यम न रहकर मुनाफे का उद्योग बन चुकी है? सरकार स्पष्ट करे - यह नियंत्रणहीन लूट आखिर कब रुकेगी?
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Rana Yashwant
Rana Yashwant@RanaYashwant1·
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सच्चाई बार-बार सामने आ रही है, और हर वीडियो सिस्टम के मुँह पर तमाचा है. कोई माँ कैमरे पर बिल दिखा रही है, कोई पिता गुस्से में पूछ रहा है कि पहली कक्षा के बच्चे की किताबें 8500 से 12000 रुपये तक कैसे पहुँच गईं? ये पढ़ाई है या खुलेआम लूट? अब जरा खेल समझिए. मान लीजिए Central Board of Secondary Education जैसा कोई बोर्ड है — वो सिर्फ syllabus तय करता है, यानी क्या पढ़ाया जाएगा. लेकिन किस किताब से पढ़ाया जाएगा, ये स्कूल तय करता है. और यहीं से “कमाई का मॉडल” शुरू होता है. उसी syllabus को National Council of Educational Research and Training की किताबों से भी आराम से पढ़ाया जा सकता है, जिनकी कीमत कुछ सौ रुपये में पूरा सेट खत्म हो जाता है. लेकिन स्कूल क्या करते हैं? private publishers की किताबें ठूंस देते हैं, जिनकी एक-एक किताब 600–700 रुपये की होती है. और फिर 10–12 किताबों का सेट बनाकर parents के हाथ में 10,000 का बिल थमा दिया जाता है. ऊपर से शर्त ये कि किताबें 'यहीं से खरीदनी होंगी'. यानी पहले किताबें महंगी चुनो, फिर खरीदने की आज़ादी भी छीन लो. ये शिक्षा नहीं है, ये पूरा organised extraction है. parents की जेब से पैसा निकालने का सिस्टम. सवाल सीधा है कि जब उसी syllabus की पढ़ाई सस्ती किताबों से हो सकती है, तो ये महंगी किताबों की जबरन बिक्री क्यों? क्या ये बच्चों की पढ़ाई के लिए है या स्कूलों और publishers के बीच सेटिंग के लिए? और अगर नियम कहते हैं कि किसी एक दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, तो फिर ये ज़मीनी सच्चाई क्यों अलग है? सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक ये 'स्कूल के नाम पर कारोबार' चलता रहेगा? कब तय होगा कि कौन सी किताबें लगेंगी और उनकी कीमत क्या होगी? कब parents को ये हक मिलेगा कि वो अपनी मर्जी से, अपनी क्षमता के हिसाब से किताब खरीद सकें? ये सिर्फ किताबों का मुद्दा नहीं है, ये शिक्षा के चरित्र का सवाल है. अगर पहली कक्षा में ही 10,000 की लूट शुरू हो गई, तो आगे क्या होगा? अब वक्त है कि इस पर लगाम लगे - सख्ती से, साफ नियमों के साथ, और ज़मीन पर लागू करके. वरना आने वाले समय में पढ़ाई नहीं, सिर्फ पैसा ही admission का असली आधार बन जाएगा. @EduMinOfIndia @PMOIndia @narendramodi
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Nalini Unagar
Nalini Unagar@NalinisKitchen·
Books for a Class 1 student cost ₹9,105.
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AAP
AAP@AamAadmiParty·
निजी स्कूल माफियाओं के ख़िलाफ़ अभिभावक उतरे सड़कों पर‼️ ♦️ निजी स्कूल मनमाने तरीक़े से बेतहाशा फ़ीस बढ़ा रहे हैं, अभिभावक परेशान हैं लेकिन सरकार उनकी बात तक नहीं सुन रही है
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Saurabh Bharadwaj
Saurabh Bharadwaj@Saurabh_MLAgk·
Private schools have again started harassing students , blackmailing parents for increased fees. Results are being withheld, names are being struck off the school rolls. Why has Minister Ashish Sood not registered FIR against DPS & APEEJAY school ? Why is BJP Govt sitting like a mute spectator ? अभी तक मंत्री आशीष सूद ने DPS स्कूल पर FIR क्यों नहीं करवाई ? अभी तक APEEJAY स्कूल पर FIR क्यों नहीं हुई ? सरकार चुप चाप तमाशा देख रही है ।
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Vivek Sharma
Vivek Sharma@Lko_VivekSharma·
राजधानी लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के जिलाधिकारियों में ऐसी हिम्मत है..क्या..🤔
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Manish✍️
Manish✍️@manishsmooth·
यदि अलीगढ़ के जिलाधिकारी @Dm_Aligarh और DIOS सभी स्कूलों मे कक्षा 1-12 तक NCERT की किताबें मुख्य पाठ्य सामाग्री के रूप से चलाने का निर्देश जारी कर सकते हैं तो ऐसा ही आदेश गौतमबुद्ध नगर मे @dmgbnagar @MedhaRoopam जी और DIOS राजेश सिंह जी के तरफ से क्यों नहीं? @cbseindia29 @NoidaUpdatesX @myogioffice @myogiadityanath @CMOfficeUP @gulabdeviup @thisissanjubjp @DhaorAshni @Ankurtripathie @siddharth2596 @Dkumarchandel @RajuMishra63 @Pravendra_Sikar @NaveenBhati_ @ncrspwa @NcrParents @ActivistSukhpal @gpagzb @IndiaAspa
Manish✍️ tweet media
Noida_Updates@NoidaUpdatesX

School stationary charges for Grade 3 in CBSE : only ₹ 8996 What type of education is being sold by schools 🙏 @dmgbnagar @Bsagbn1 @myogiadityanath @CMOfficeUP @manishsmooth @aloktveet @DhaorAshni @vinodrajputs @TOINoida

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