আমার মতে, প্রকৃত পুরুষ তিনিই—যিনি নারীর অসন্তোষ ও তাঁর নানাবিধ আবদার সহ্য করেও তাঁকে সুখী রাখে। একজন প্রকৃত পুরুষ কখনোই কোনো নারীর গালে চড় মারে না কিংবা তাঁর চোখে জলও আনে না।
मेरी नजर में वही आदमी असली मर्द है जो औरत की नाराजगी और गुलामी सहते हुए उसे हमेशा खुश रखता है। असली मर्द कभी भी औरत के गाल पर थप्पड़ नहीं मारते और न ही कभी उनकी आंखों में आंसू लाते है।