🚨77 दिन का मौन चीत्कार और भीड़तंत्र का बहरापन!
रवींद्र जठेड़ी जी पिछले 77 दिनों से भेदभावपूर्ण SC/ST एक्ट और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर हैं।
उनकी हालत दिन प्रतिदिन नाजुक होती जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा और कड़वा सच यह है कि वह आज भी उतने ही अकेले हैं, जितने पहले दिन थे।
रवींद्र जी, आपको एक बहुत ही कठोर वास्तविकता समझनी होगी।
आप CJP के कोई 'दिपके' नहीं हैं। आपके पीछे कोई विदेशी फंडिंग, पीआर एजेंसी या मोमबत्ती लेकर घूमने वाला इकोसिस्टम नहीं है जो आपके लिए रातों रात नेशनल मीडिया को इकट्ठा कर ले।
और जिन कथित सवर्ण (GC) राजनीतिक संगठनों से आप उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह भी कभी आपके समर्थन में नहीं आएंगे।
मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की तरह ही, इन संगठनों को भी इस मुद्दे से सिर्फ अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना है।
वह चाहते हैं कि यह मुद्दा सुलगता रहे ताकि उनकी दुकान चलती रहे।
जब कोई व्यक्ति सच में इस लड़ाई के लिए अपने प्राण दांव पर लगाता है, तो ये संगठन सबसे पहले गायब हो जाते हैं।
यह देश केवल भीड़तंत्र और शक्ति प्रदर्शन की भाषा समझता है।
जहां पीछे उग्र भीड़ नहीं होती, वहां सत्ता के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया अपना यह अनशन तुरंत समाप्त करें।
यह संवेदनहीन सिस्टम आपके इस बलिदान के लायक बिल्कुल नहीं है।
कृपया अपनी सेहत पर ध्यान दें, आपके प्राण आपके परिवार के लिए बहुत कीमती हैं। 🙏🚩
#RavindraJatheri#SystemFailure#RealityCheck#ReservationSystem
हैलो @grok भाई,
ये वीडियो जो बहुत तेजी से “वायरल” हो रहा है, इसे देख कर बताओ मिस्टर गांधी अपनी “अघोषित फेमिली” के साथ किस देश में छुट्टियां बिता रहे हैं।
विडियो प्रत्यक्ष है, Ai नहीं है, पब्लिक में आ चुका है तो अब यह मत कह देना कि -
मिस्टर गाँधी अभी तक कुवांरे हैं।
मोहम्मद यासीन दिल्ली की सड़क किनारे लगे पिलर तोड़कर कबाड़ निकालते पकड़ा गया। पूछने पर बोला, “भूखा हूँ।”
जब ईमानदारी से मेहनत करके कमाने की बात कही गई, तो उसके पास कोई जवाब नहीं था।
ये है देश के असली कीड़े जो देश को अंदर से ही खा रहे है।
लक्षण वही, मक़सद वही, बस जगह बदली है
ये वीडियो यूपी के प्रयागराज के आसपास का बताया
जा रहा, जहाँ कुछ G -हाड़ी ट्रेन पे पत्थरबाजी कर रहे
सरकार बुलेट ट्रेन, हाइड्रोजन ट्रेन बाद में चला ले
पहले इनका परमेनेंट इलाज और इनके घर बुलडोजर वाली कार्यवाही तुरंत हो
@Uppolice@RailMinIndia@RPF_INDIA@prayagraj_pol@igrangealld
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !
@ArvindKejriwal 500 साल बलिदान रामभक्तों ने दिए, उन्होंने ही राम कृपा से मिले धन को मंदिर निर्माण के लिए दिया, अगर कुछ पथभ्रष्ट लालचियों ने दान राशि में गड़बड़ की है तो वह सनातन का आंतरिक मामला है, विधर्मियों व अर्बन नक्सलियों को विधवा विलाप करने की जरूरत नहीं
इन लोगों ने भगवान राम की पादुका चोरी कर ली, हार चोरी कर लिया, दीपक चोरी कर लिए, गहने चोरी कर लिए, हीरे जवाहरात चोरी कर लिए, भगवान पर होने वाला चढ़ावा चोरी कर लिया। मेरा मन अत्यंत दुखी है। कल मैं भगवान राम के दर्शन करने जाऊँगा। श्री राम मंदिर जाऊँगा, हनुमान गढ़ी जाऊँगा, संतों से मिलूँगा।
मेवात का नूहं और गांधी का बुत..
कुछ यूं पेश आए उनके साथ उन्मादी..
मूर्ति से इतनी नफरत कि सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया वीडियो भी..
सेक्युलरिज्म के जनक संग हुई अभद्रता पर भाईचारे के तमाम राजनीतिक ठेकेदार खामोश.
कुछ दिन पूर्व बरेली में नाबालिग मुस्लिमों ने भी किया था गांधी की प्रतिमा का इस से बुरा हाल..
#Mewat#Nuh#Gandhi@nuhpolice
@SupriyaShrinate@RahulGandhi Rahul Gandhi Ko mere samne face tu face debate mein bitha do iski awaaz bandana kar dunga apni Man Ka beta nahin Narendra mujhe bahut dur ki chij hai Pradhanmantri ki jarurat nahin Hai iske liye Ham akele kafi Hain
“पहले नरेंद्र मोदी का बड़ा कंट्रोल था, आज की तारीख़ में सिस्टम से हमें धड़ाधड़ इनफार्मेशन आ रही है
मैं जब मीटिंग में जाता हूँ तब नरेंद्र मोदी मुझसे आँख नहीं मिला पाते हैं”
@RahulGandhi 🔥🔥