pawan verma
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pawan verma
@pawanve75
Ambedkarite || Revolutionary || Socialist || journalist, reader, #इंकलाब_जिंदाबाद




The leader of the free world



#Assalamu_Alaikum जितने भाइयों और बहनों तक ये पोस्ट पहुंच रही है सभी को मै 5 वक्त #नमाज़ की दावत देता हु खाना खाने से ज्यादा जरूरी #नमाज है उलमा कहते है जो #नमाज़ न पढ़े उसको अपने #कब्रिस्तान में मत #दफनाओं और सब से बढ़ कर किताबों में मिलता है हमारे नबी ﷺ की आंखों की ठंडक #नमाज है इस्लाम के पांच स्तम्भ है उनमें से एक नमाज है आओ हम सब मिलकर इस स्तम्भ को मजबूत करे नमाज़ के फायदे 👇 नमाज़ बंदे और अल्लाह के बीच एक सीधा संपर्क स्थापित करती है। नमाज़ दिल को नूर से भर देता है इसे छोटे गुनाहों का कफ़्फ़ारा (माफ़ी का साधन) माना जाता है। पैगंबर मुहम्मद (स.) ने पाँच दैनिक नमाज़ों की तुलना उस नदी से की है जिसमें पाँच बार नहाने से शरीर साफ़ हो जाता है। यह अल्लाह की नज़रों में अच्छे कर्मों में इजाफा करती है। क़ुरआन में कहा गया है कि सही ढंग से पढ़ी गई नमाज़ व्यक्ति को हर बुराई और बुरे कामों से रोकती है। ईमान की मज़बूती नमाज़ दीन का सुतून (स्तंभ) है, जो मोमिन के नूर को बढ़ाती है। नमाज़ में की जाने वाली विभिन्न मुद्राएँ (क़याम, रुक़ू, सज्दा, जलसा) एक प्रकार की हल्की कसरत का काम करती हैं सजदे की स्थिति में सिर हृदय से नीचे जाता है, जिससे मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति बढ़ती है। रुक़ू (झुकने) और सजदा (माथा टेकने) की क्रिया से पीठ, जांघों और जोड़ों की मांसपेशियों में खिंचाव (स्ट्रेचिंग) आता है और लचीलापन बढ़ता है। तनाव और चिंता में कमी: दिन में पाँच बार नमाज़ के लिए रुकना, दुनियावी तनाव से एक ब्रेक देता है और शांति तथा सुकून की भावना प्रदान करता है। नमाज़ के दौरान ध्यान केंद्रित करना (ख़ुशू) मानसिक एकाग्रता को बेहतर बनाता है। नमाज़ जादू शायातीन से बचती हैऔर आप को जन्नत की साथी है जिन जिन भाइयों और बहनों ने पोस्ट पढ़ा सभी को अल्लाह जन्नत अता फरमाए 🤲 आमीन मेरे लिए दुआ की दरख्वास्त है सभी से सदका जारिया के नीयत से शेयर करे आप की और मेरी नेकियों में इजाफा होगा #इंशा_अल्लाह













