Phool Prakash ~साकेत

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@phool_prakash09

बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे बोल ज़बाँ अब तक तेरी है✊

मुजफ्फरपुर, बिहार, भारत Katılım Mart 2017
482 Takip Edilen224 Takipçiler
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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
Deshbhakti v saala middle class chij hai... Paise walon ke liye, bade post pr baithe logon ke liye to sirf Paisa hi deshbhakti hai.
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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
Sre nasihat vipaksh ko,Jb satta paksh sri besharmi paar kr jti h Chunav me na chunav aayog rokta, unhe na Ed na koi Media q krta h Vipaksh ko gyaan dena aasan h ky ki wo sun lte h hr trh ke criticism bt whi satta paksh ko kuchh kah kr dekhe ussi ki tikki bna kr daal diya jayega
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Krishna Kant
Krishna Kant@kkjourno·
कांग्रेस के समय खड़ी हुई पार्टियां बीजेपी के समय में तबाह हो रही हैं। ज्यादातर क्षेत्रीय पार्टियां कांग्रेस से अलग हुए नेताओं ने बनाई थीं। उन्हें बीजेपी लील रही है। राहुल गांधी चाहते थे कि पूरा इंडिया गठबंधन SIR पर मिलकर लड़ाई लड़े। उन्होंने तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस की, बाकायदा सबूत पेश किया। वे सबूत विश्वसनीय और चौंकाऊ थे। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में किस तरह से वोटर लिस्ट में धांधली हुई, फर्जी वोटर बनाए गए, असली नाम काटे गए। इन सब के बारे में राहुल गांधी ने बात की। तब कोई विपक्षी पार्टी उनके साथ नहीं खड़ी हुई। बिहार में उन्होंने यात्रा भी की, इसके बावजूद इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने इस मसले पर उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश की। अब बिहार और बंगाल, दोनों राज्यों में नतीजा सामने है। कुछ दशक पहले इस देश में गैर कांग्रेसवाद की एक सनक शुरू हुई थी, जो कमोबेश अभी भी चल रही है। लगभग एक दर्जन पार्टियों को बीजेपी लील गई है। इसके बावजूद क्षेत्रीय दल बीजेपी से बड़ा दुश्मन कांग्रेस को समझते हैं। मेरा यकीन है कि अगर यह सिलसिला चलता रहा तो अंत में कोई क्षेत्रीय दल नहीं बचेगा और फिर जब कांग्रेस अकेली बचेगी तो वह भी नहीं बचेगी। आने वाले समय में एक क्रूर, भ्रष्ट, हिंसक और लोकतंत्र की दुश्मन बन चुकी तानाशाही से वही बचेगा जो लड़ेगा और लड़ने को कोई तैयार नहीं है। हमारी चिंता कोई पार्टी नहीं है, बल्कि वह भारतीय लोकतंत्र है जिसे रोज रौंदा जा रहा है।
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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
@harsh1129 Haa aur yogi jis level ke fanta h uss level pr akhilesh hi handle kr skte hain...rahul Gandhi uss level pr nhi jaa skte hain
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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
Mai sahmat nhi hu kaafi jagahon pr rahul Gandhi se kaafi behtar tarike se BJP ko akhilesh handle krte hain chahe wo loksabha me hi kyu na ho
Awesh Tiwari@awesh29

यह जो दफ्तर में बैठकर आप आए दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं। ब्रजभूषण जैसों को पार्टी में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। दो कदम जनता के बीच सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। आए दिनों योगी सरकार के लिए सहूलियत पैदा करने वाले निर्णय लेते हैं। आपकी आवाज में वह जोर नजर नहीं आता जिसकी जरूरत है तो फिर किस दम पर यूपी का चुनाव लड़ेंगे? राजनीति को परिवार के बाहर ले जाइए। समाजवादी पार्टी में एक से एक जुझारू युवा हैं उनको मौका दीजिए। आवाज में जोश लाइए, सड़क पर उतरिए जेल जाइए। नहीं तो फिर वही होगा जो बंगाल में हुआ है।

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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
Myth lengend batane wale log kabhi Aayog aur BJP ke open relationship pr saval nhi uthaya... Opposition ke dware kiye gaye complain ko kitna serious liya gya kitna fair election hua Result ke baad sab uss rang me rang jayenge aur natural hone ka jabardast praman denge
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Phool Prakash ~साकेत
Phool Prakash ~साकेत@phool_prakash09·
Bangal me cong door door tk fight me nhi thi... Baaki 2023 ke sanshodhan ke baad Aayog BJP ke suvidha anusar haar jeeti karwati rhti h... Janta enjoy kre aur Loktantraa ko upar upar se feel lete rhe
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Krishna Kant
Krishna Kant@kkjourno·
किसी की बिहारी होने के नाम पर हत्या, किसी की मुसलमान होने के नाम पर हत्या, किसी की हिंदू होने के नाम पर हत्या... समाज को नफरत में झोंक दिया गया है। जहां-तहां लोग नफरत में डूबे हैं। एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं। जिन्हें यह सब कंट्रोल करना होता है, वे खुद इसकी जड़ में हैं। वे बड़े बड़े पदों पर हैं, मंच से खुलकर नफरती भाषण देते हैं। वे नफरत के कारोबारी हैं, इसलिए खुशी से मौन हैं और तमाशा देख रहे हैं।
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Bihar_se_hai
Bihar_se_hai@Bihar_se_hai·
Biharis at Jantar Mantar to demand Justice to the Pandav. At last someone cared.
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Harsh Kumar Singh
Harsh Kumar Singh@harsh1129·
@kali_denali_ phir engineering krne lgta hai or khud ko kabil ke jhaat samjhne lgte hai.....
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Maya
Maya@kali_denali_·
Desh ka yuva 10-12th me science ke coaching mein pisa rehta hai, phir kehta hai history mein ye nahi padhaya wo nahi padhaya, abe 50cr cheez hai history me, tum syllabus to dekho, aur usme bhi to foundation hi banega na, baaqi tumko coaching se fursat mile to tum kuch aur jaano
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Ranvijay Singh
Ranvijay Singh@ranvijaylive·
इस सनकी अमीरजादे को जेल होनी चाहिए. पुलिस को इसके पिछवाड़े पर इतने फट्टे बजाने चाहिए कि सारी अकड़ निकल जाए. यूपी के नोएडा सेक्टर 62 की रजत विहार सोसाइटी का वीडियो है. पहले सनकी अमीरजादे ने बैरियर तोड़ा, फिर बुजुर्ग गार्ड पर हमला कर दिया. ऐसे लोगों की अच्छे से सुताई होनी चाहिए.
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ashutosh
ashutosh@ashutosh83B·
मैंने तो कहा था कि 4 मई के बाद पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ेंगे ।।। तब कुछ लोग हंस रहे थे । जब चुनाव लड़ना और जीतना एकमात्र मकसद हो तो देश की चिंता कौन करेगा ????
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NDTV India
NDTV India@ndtvindia·
🔴#BREAKING | बांग्लादेश ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान को लेकर भारतीय उच्चायुक्त पवन बाघे को समन किया है। #Bangladesh #AssamCM #HimantaBiswaSarma
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Vijender Chauhan
Vijender Chauhan@masijeevi·
इस इंटरव्यू को सुनिए - फिर सर पीटिए अपना - ये एक लोकतंत्र में निर्वाचित मुख्यमंत्री के उवाच हैं - ये क़ानून का राज और संविधानवाद है देश का.
Davinder Pal Singh 幸王 دیویندر سنگھ ਦਵਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰ@dpsingh1313

असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता विस्वा सरमा का abplive के साथ यह इंटरव्यू हैरान कर देने वाला है। सरमा जी से जब पूछा गया कि क्या बांग्लादेशी मूल के संदिग्ध प्रवासियों को उचित माध्यमों से बांग्लादेश को सौंपा जाता है, तो उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के जरिए भेजना मुश्किल होता है। इसलिए, वे रात होने का इंतज़ार करते हैं और अंधेरे का फायदा उठाकर उन्हें भेज (pushback) देते हैं, जब वहां बांग्लादेश राइफल्स (?!) का कोई सीमा सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं होता। ◾हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री को यह भी पता नहीं है कि 'बांग्लादेश राइफल्स' का नाम बदलकर "बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश" हुए 15 साल हो चुके हैं। ◾हैरानी की बात यह है कि भाजपा नेता को यह भी पता नहीं कि भारत और बांग्लादेश के बीच extradition treaty मौजूद है, और वह भी 13 साल से।

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