PRATEEK BASWAL
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Predict Abhishek Sharma's score against Australia and right one will get 6000₹ paytm.
Rules : Rt, Follow me. #AUSvIND

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@AshokYadavIN @shivaydv_ वहां के लोग, कहां के लोग, राजस्थान के लोग । ये जिस राजस्थान की बात कर रहे हैं, वो इनके मनोविकार जनित चिंतन से उपजा कोई काल्पनिक राज्य है।
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हैलो @KraantiKumar, सत्य यह है कि मोदी का मोध-घांची जाति 1994 में गुजरात और 1999 में केंद्र की ओबीसी सूची में जोड़ा गया, जन्म से ओबीसी नहीं थे। पीएमओ नियुक्तियाँ (नृपेंद्र मिश्रा, पीके मिश्रा, शक्तिकांत दास, निधि तिवारी) मोदी के निर्णय से कैबिनेट कमेटी के जरिए होती हैं, पर आरएसएस का वैचारिक प्रभाव संभव है, जो बहस का विषय है।
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RSS और BJP इस बात का बहुत शोर मचाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी OBC हैं.
कांग्रेस और बहन मायावती जी कहना है मोदी जी जन्मजात नही, 1994 या 2000 में उनकी जाति को OBC कैटेगरी में शामिल किया गया.
2014 में मोदी जी जब पहली बार प्रधानमंत्री बनते हैं तब वो नृपेंद्र मिश्रा को PMO में प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाते हैं.
उसके बाद 2019 में पीके मिश्रा. और अब ओड़िसा के ब्राह्मण शक्तिकांता दास को भी प्रिंसिपल सेक्रेटरी बना दिया गया है.
नई खबर आई है IFS अफसर निधि तिवारी को प्रधानमंत्री जी का प्राइवेट सेक्रेटरी बनाया गया है. क्या ये नियुक्तियां MODI जी खुद करते हैं या उनके कामकाज पर नजर रखने के लिए RSS करता है ?


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यह फ़ोटो आज फिर से वायरल है कुछ महीनों पहले ऐसे ही एक पुरुष से ने किया था कुछ बदला नहीं ... महिला सशक्तिकरण सच में बहुत जरूरी था और गलत भी नहीं लेकिन इस सशक्तिकरण की आड़ में कुछ महिलाओं ने इसका जो फायदा उठाया है वह सच में बहुत डरावना है और इसकी कीमत उन पुरुषों को, उन परिवारों को चुकानी पड़ती है जो बेकसूर होते हुए एक नरक की जिंदगी जीते जाते हैं कुछ तो इसका समाधान निकालना चाहिए एक मानव शर्मा नहीं पता नहीं कितने... एक महिला से पुरुष अकेला मिल भी नहीं सकता वो कुछ भी आरोप लगा सकती है वो गलत बोल सकती है गलत कर सकती हैं वो जो बोले वो सब सही बाकी गलत कहीं न कहीं यह जो फायदा उठा रही है इस पर रोक लगनी चाहिए
#ManavSharma

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सनातन धर्म के पहले रेबल - जैन ...
कुछ रामजादे जैनियों को मेरी टिप्पणी बुरी लगी, जो जगतसेठ के संदर्भ मे थी। इनके समर्थन मे सनातनी आ गए
और जल्द ही "जैनी-सनातनी संयुक्त गालीबाज मोर्चा" एक्शन मे आ गया। और तर्क ये कि जैन, बौद्ध भी सनातन के अंग है।
झूठ है।
जैनिज्म और बुद्धिज्म सनातन की शाखा या विस्तार नही, उसका 180 डिग्री अपोजिट दर्शन है।
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सनातन का मूल है कर्मकांड - याने यज्ञ, हवन, मंत्र, बलि, दान जिसमे एक पुरोहित दलाली करने बैठा है। उसके पास आपको डराने के लिए देवता हैं, इहलोक परलोक की धारणा है, स्वर्ग नर्क।
और मौत के बाद आपको इनसे कनेक्ट करने के लिए है आत्मा का कांसेप्ट जो अजर अमर है। जिसे हवा सुख नही सकती, पानी गीला नही कर सकता आग जला नही सकती, एटसेट्रा एटसेट्रा
स्टिल, उस आत्मा को नर्क मे भूना जा सकता है, आरी से काटा जा सकता हैे। और कुछ नही तो पाप करने पर कुत्ता, कीड़ा टाइप निम्नकोटि का जन्म, या फिर अछूत बनाय जा सकता है।
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इसके लिए पुण्य बैंक है। जिसमे तीन टाइप के डिपाजिट होते है - संचित कर्म, प्रारब्ध और आगामी कर्म। उसी हिसाब से विथडा्रल होता है जो सुख और दुख के सिक्कों मे होता है। बताने कि जरूरत नही कि इस बैंक का क्लर्क भी वही पुरोहित है।
ये सब कानून वेदो मे है, पुराणों मे है, वेदान्त मे है।
ये टैक्स्ट स्वयंभू हैं, सृष्टि की टाइमलाइन शुरू होने आदि सत्ता द्वारा लिखकर पोस्ट किया गया था। इसलिए इन ग्रंथों को मानने, आचरण करने वाला ही सनातनी है।
रेस्ट ऑल - म्लेच्छ ...
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बुद्धिज्म और जैनिज्म इस पूरे कांसेप्ट को रिजेक्ट करते है। उनका कहना है कि न कोई देवता है, न परलोक, न स्वर्ग, प नर्क, न आत्मा-फात्मा। ये सब बेकार की बात है।
पाप करो, और पूजा करके नष्ट कर दो, ऐसा नही हो सकता। जो चढावा-पूजन पाकर दुष्ट का भी कल्याण करे, वो कैसा देवता ...
वेद वगैरा बकवास है, पंडतों ने अपने धंधे के लिए लिख मारा है।
ऐसा कहकर वे मनुष्य के आचार विचार की शुद्धि पर जोर देते है।
सत्य बोलो, हिंसा न करो, चोरी न करो, संग्रह मत करो। सबका साथ- सबका विकास होने मे मदद करो। जीवन मृत्यु के सवाल को हल करने के लिए आत्मा की जगह चेतना का अविष्कार करते है। जो मृत्यु के साथ समाप्त हो जाती है।
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वस्तुतः ये धर्म मनुष्य को इहलोक सुधारने, और समाज मे जोड़ने, बराबरी देने का प्रयास करते है। और इस प्रक्रिया मे बड़े कड़े नियम अपनाते है।
वेद, देवता, कर्मकाण्ड को न मानने के कारण ये नास्तिक धर्म है।
जैनिज्म अधिक पुराना है, बहुत टफ किस्म की शुद्धता चाहता है। तो इसका पालन बहुत ज्यादा कठिन है। बुद्धिज्म बाद मे आया। इसमे थोड़ा लचीलापन है, और इसे राज्याश्रय भी मिला। नतीजतन एक वक्त मे सनातनियों पर हावी हो गया।
आज जो हिन्दू मुसलमान मे आपसी चिढ, नफरत और कबीलाई युद्ध है, वही कभी हिंदुइज्म और बुद्धिज्म के बीच था।
गुप्तवंश और उसके बाद जैसे ही सनातन को पॉलिटिकल प्रश्रय मिला, धड़धड़ चैत्य विहार, मंदिरों मे कन्वर्ट हो गए। हर फवारे मे शिवलिंग खोजने की प्रथा काफी पुरानी है, बौद्ध इसके विक्टिम रह चुके है।
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जैनिज्म उतना प्रसार नही पाया, सो छोटा भाई बनकर जी गया।
जैनी आजकल, मोटा भाई के छोटा भाई बनकर घूमते नजर आते है। नास्तिक सरनेम लेकर, जय श्रीराम और मुसलमान-मुसलमान करते दिखाई देते है, तो बड़ा अचरज होता है।
अपने पवित्र ग्रंथों की मूल सीख की जगह, व्हाट्सप जिंगोइज्म के झंडाबरदार बने फिर रहे है। ये सारे सत्य, अपरिग्रह, अहिंसा, अस्तेय त्यागकर लोन, लाभ और लंदन का मार्ग अपना रहे है।
इन्हे घरवापसी करनी है शायद ...
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बहरहाल, जिन्हे अपने धार्मिक ग्रंथ और मूल चरित्र का भान नही रहा, सम्मान नही रहा। मेरे पास सम्मान की तलाश मे न आऐं।
सम्मान बुद्ध का, सम्मान महावीर का, सम्मान प्रभु श्रीराम का ... उनके आदर्शो पर जीने वालों को भी नमन
उनके नाम पर नफरत, दंगा मचाने वालों का कतई नही।
जय जिनेन्द्र!!

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आज अलीगढ़ जाते समय वसुंधरा स्थित घर से जब निकला तो हिंडन के तट पर, किसी कार चालक ने साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों की कार पर दोनों ओर से कार की टक्कर से हमला करने की कोशिश की।जब नीचे उतर कर सुरक्षाकर्मियों ने उस व्यक्ति को पूछताछ के लिए रोका तो उसने न केवल यूपी पुलिस के सिपाही अपितु केंद्रीय बलों के सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला किया । पुलिस को रिपोर्ट कर दी है।कारण पता नहीं चल पाया। ईश्वर सब को सुरक्षित रखे।आप सबकी शुभकामनाओं हेतु आभार🙏
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माननीय मुख्यमंत्री जी कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में आपके अथक प्रयासों के बावजूद भी डीपीसी नहीं होने से विभिन्न विभागों PHED/WRD के लगभग 750 अभिन्यताओं का भविष्य को लेकर उम्मीदों पर पानी फिरा ! CM Sir संज्ञान ले ! @RajCMO @ashokgehlot51 @RajGovOfficial@1stIndiaNews
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माननीय मुख्यमंत्री जी कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में आपके अथक प्रयासों के बावजूद भी डीपीसी नहीं होने से विभिन्न विभागों PHED/WRD के लगभग 750 अभिन्यताओं का भविष्य को लेकर उम्मीदों पर पानी फिरा ! CM Sir संज्ञान ले ! @RajCMO @ashokgehlot51 @RajGovOfficial@1stIndiaNews
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