कमलेंद्र Kamlendra@baagi_kamlendra
⛔️ओबीसी /SC/ST स्टूडेंट के साथ महाधिवक्तता का षड्यंत्र हरिशंकर बरोदिया (डायरी नंबर 16430/2023)और दीपक पटेल(SLP 12389/2023) केस में स्पष्ठ रूप से दिखा:-
जब सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने महाधिवक्ता और बीजेपी सरकार के षड्यंत्र का परदा कैत साहिब के सामने फाड़ा, तो पूरा न्यायालय हैरान रह गया।
प्रदेश में बनाई गई UR की काल्पनिक लिस्ट असल में एक मनुवादी षड्यंत्र थी।
महाधिवक्ता और सरकार के बकील इस लिस्ट को बचाने के लिए ऐसे कूदे मानो यह संविधान से भी बड़ा सच हो। नतीजा यह हुआ कि जिस कम्युनल आरक्षण को महाधिवक्ता ने जनरल कास्ट के लिए पैरवी की, वही हाईकोर्ट से “हाँ” कहलवाकर वैध ठहराया गया। और इस षड्यंत्र को वैधता देने वाले जज थे – मनुवादी मानसिकता से भरे शील नागु जी।
👉 असल खेल क्या था?
मध्यप्रदेश सरकार के मनुवादी अधिकारी, महाधिवक्ता और उनके वकील OBC आरक्षण रोकने पर ही नहीं रुके, बल्कि एक नई चाल भी चली।
उन्होंने 13% UR सीटों को OPEN न मानकर सिर्फ जनरल कास्ट की जागीर बना डाला।
जहाँ संविधान कहता है कि UR (OPEN) में OBC, SC, ST सभी मेरिट वाले छात्रों को जगह मिलेगी—वहीं इन षड्यंत्रकारियों ने इसे सिर्फ ब्राह्मण, बनिया, जैन और अपने सवर्ण चहेतों के लिए आरक्षित कर दिया।
यह कोई भूल नहीं थी, यह था सुनियोजित मनुवादी डाका –
OBC के हक को लूटकर हजारों सीटें केवल जनरल कास्ट की झोली में डालने का षड्यंत्र।
दोस्तो, यह साफ चेतावनी है:
अगर OBC आरक्षण लागू नहीं हुआ तो 13% UR में तुम्हारा नाम कभी नहीं आएगा।
यह पूरी लिस्ट केवल तुम्हें मूर्ख बनाने और तुम्हारा हक छीनने का खेल है।
👉 यह समय खामोश रहने का नहीं है।
👉 OBC, SC, ST छात्रों को एकजुट होकर इस महाधिवक्ता-बीजेपी षड्यंत्र को राष्ट्र स्तर पर उजागर करना होगा।
वरना इतिहास गवाह रहेगा कि जब तुम्हारा हक छीना जा रहा था, तब तुम सिर्फ दर्शक बने खड़े थे।
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