
Ramesh Suthar
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Ramesh Suthar
@rames33650
University maharaja college (2018-21) Jr Assistant Technical Education Jodhpur Gov of Rajasthan
Jodhpur, Rajasthan Katılım Mart 2024
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..“ये नहीं कि हर जगह शुष्क जमीन ही मिले, जब चल पड़ा है प्यासा, तो दरिया जरूर आएगा।”#LDC
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राजस्थान में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को लंबे समय से सरकार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण गंभीर स्थिति बन गई है। कई अस्पतालों ने कैशलेस उपचार सीमित या बंद करना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदेश के लाखों सरकारी कार्मिक, पेंशनर्स और उनके परिवारजन इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। बीमार व्यक्ति को उपचार के समय आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी झेलनी पड़े, यह किसी भी व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। आरजीएचएस जैसी योजना का उद्देश्य राहत देना था, लेकिन अस्पतालों के बकाया भुगतान लंबित रहने से इसका लाभ प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को अस्पतालों के लंबित भुगतान को नियमानुसार शीघ्रता से जारी करवाने हेतु आवश्यक निर्देश देने चाहिए ताकि राज्य सरकार के कर्मचारियों व पेंशनर्स को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकें |
जन - स्वास्थ्य से जुड़े विषय को अनावश्यक रूप से लंबित रखना सरकार की नकारात्मक सोच को दर्शाता है |
@RajCMO
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राजस्थान में 20 दिन से निजी अस्पतालों में RGHS के तहत इलाज बंद पड़ा है, लेकिन भाजपा सरकार कोई फर्क नहीं पड़ता।
विडंबना देखिए.. 50 लाख कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवार इलाज, दवाइयों और जांचों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पिछले महीने से कैशलेस इलाज बंद पड़ा है, लेकिन भाजपा सरकार बेरवाह बनी हुई है।
भाजपाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी RGHS योजना अब लापरवाही, अव्यवस्था और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। सरकार पर 2200 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। सबसे शर्मनाक बात ये है कि भाजपा के ढाई साल के कार्यकाल में ये योजना 3 बार बंद हो चुकी है।
आखिर ये कैसा "सुशासन" है, जहां बीमार कर्मचारी और बुजुर्ग पेंशनर्स अस्पतालों के बाहर लाइन में खड़े हों और सरकार सिर्फ विज्ञापन व इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त रहे?

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राजस्थान में #RGHS के तहत निजी अस्पतालों में इलाज बीते 20 दिनों से पूरी तरह बाधित है, जिससे कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था ठप पड़ गई है। इस स्थिति ने प्रदेश के करीब 50 लाख कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवारों को गंभीर संकट में डाल दिया है, जो इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार सरकार पर 2200 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया होने के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
यह पूरा मामला सरकार की कार्यशैली, वित्तीय प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। जिस योजना को राहत का माध्यम होना चाहिए था, वह आज अव्यवस्था और असमंजस का प्रतीक बनती जा रही है। जनता को राहत देने के बजाय यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी का बड़ा उदाहरण बन गई है।
@GovindDotasra

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#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
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#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
@KumariDiya @BhajanlalBjp
Siya Choudhary@Siya7232
कर्मचारियों के लिए यह योजना पूर्णतः पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए #RGHS_कर्मचारियों_का_हक
QME
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सरकार से निवेदन है कि RGHS योजना में तुरंत सुधार हो, निजी अस्पतालों को जवाबदेह बनाया जाए और कर्मचारियों को उनका अधिकार दिलाया जाए। 🙏
कर्मचारियों के हक के लिए
X/ट्विटर पर आज रात 8:00 से सभी लिखें
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
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राजस्थान सरकार द्वारा #RGHS योजना को बीमा कंपनियों के हवाले करने का निर्णय न केवल अव्यवहारिक है , बल्कि यह सीधे-सीधे कर्मचारियों के हितों पर आघात है। कर्मचारियों के वेतन से नियमित रूप से राशि कटने के बावजूद , यदि उन्हें समय पर और समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती , तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
आज RGHS की हालत यह है कि कर्मचारी मासिक अपने वेतन से कटौती करवा रहें हैं लेकिन अस्पताल में उनको RGHS का लाभ नहीं मिल रहा , आये दिन हड़ताल का नाम लेकर निजी अस्पताल कर्मचारियों को RGHS का लाभ नहीं दे रहे जिससे कर्मचारियों का करोड़ों रूपया कटौती हो रहा है लेकिन इलाज का खर्च जेब से करना पड़ रहा है।
RGHS जैसी कल्याणकारी योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना था, लेकिन वर्तमान निर्णय उस मूल भावना के विपरीत जाता दिख रहा है। तार्किक रूप से देखें तो जब कर्मचारी स्वयं अंशदान कर रहे हैं , तब उनके स्वास्थ्य अधिकारों को निजी कंपनियों के भरोसे छोड़ना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। इससे न केवल पारदर्शिता पर प्रश्न उठेंगे , बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच भी प्रभावित होगी।
कर्मचारियों में इस निर्णय को लेकर गहरा आक्रोश है। यदि सरकार ने शीघ्र ही इस पर पुनर्विचार नहीं किया , तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन की स्थिति बन सकती है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सरकार से आग्रह नहीं, स्पष्ट चेतावनी है कि कर्मचारी हितों की अनदेखी बंद करें - @officialRGHS को सुदृढ़ बनाएं तथा कटौती के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित करें अन्यथा , राजस्थान का कर्मचारी वर्ग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।
#RGHS #कर्मचारी_हित #RESLA #शिक्षक_एकता #EmployeeRights
@BhajanlalBjp @AvinashGehlot_ @KumariDiya @RajCMO @DrSatishPoonia @VasundharaBJP @svoruganti1466 @GovindDotasra @ashokgehlot51 @TikaRamJullyINC @DharmendraS_inc @RajGovOfficial @AshishModiIAS @drarushimalik @artizzzz

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