बाजपेई जी सपा के विधायक हैं ,इन्होंने जितनी मुखरता से अपने ही पार्टी के प्रवक्ता का विरोध किया है, मैं दावे के साथ कहता हूं इतनी मुखरता से भाजपा में कोई भी नेता नहीं है जो दिलीप मंडल या भाजपा के किसी अन्य ब्राह्मण विरोधी व्यक्ति का विरोध कर सके ।
कम से कम सपाई ब्राह्मण नेता भाजपाई ब्राह्मण नेताओं की तरह मुद्दों पर चुप्पी नहीं साधते।
विनय शंकर तिवारी जी, पवन पांडे जी, संतोष पांडे जी के बाद अब अमिताभ बाजपेई जी ने भी खुलकर राजकुमार भाटी का विरोध किया।
यही फर्क है सत्ता से ऊपर समाज की आवाज़ उठाने का।
सपा के ब्राह्मण नेताओं में एक खूबी है,
वो ब्राह्मण है तो है,
ब्राह्मणों के सम्मान पर बोलेंगे तो बोलेंगे
फिर चाहे पूर्व मंत्री पवन पांडेय हो, पूर्व विधायक संतोष पांडेय हो, पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी हो, विधायक अमिताभ बाजपेयी हो या पूर्व विधायक प्र. रोहित शुक्ला लल्लू
इन नेताओं ने अपना ब्राह्मण धर्म निभाया है, अपने समाजवादी पार्टी के ही प्रवक्ता के ख़िलाफ़ मैदान में उतर गए है !
भाजपा के संविधान में उनके नेताओं को ये छूट नहीं मिलती क्योंकि भाजपा के सारे ब्राह्मण विधायक ने पूज्य शंकराचार्य के अपमान पर मौन की घुट्टी पी रखी थी.
भाजपा के विधायको को अपने समाज से ज़्यादा अपना संगठन प्यारा होता है. वो संगठन के आदेशों निर्देशों के अधीन होते है. भले ही उनके समाज पर कितनी भी ओछी टिप्पणी/ घटना घटी हो !
चलो कम से कम सपाई ब्राह्मण नेता भाजपाई ब्राह्मण नेताओं की तरह पार्टी का मुद्दा देखकर चुप्पी तो नहीं साध लेते।
पवन पांडे, संतोष पांडे के बाद अब अमिताभ जी भी विरोध की लाइन में शामिल हो गए ।
भाजपा के ब्राह्मण तो एक सभा के बाद सफाई देते फिर रहे थे ।
आज हम यह घोषणा करते है की यह घटिया आदमी शूर्पणखा की नाजायज़ औलाद हमे जिस दिन,जिस भी मंच या किसी कार्यक्रम या किसी भी स्थल पर जहाँ हम उपस्थित है यदि हमे दिख गया उस दिन मैं काजल हिंदुस्थानी सम्पूर्ण ब्राह्मण समाज की तरफ़ से इस अपमान का बदला लूँगी।
इसलिए इस हरामी पिल्ले को मेरा मेसेज पहुँचा देना की भूल कर भी मेरे सामने ना आए,वरना ब्राह्मण क्या कर सकता है वो दिखा दूँगी। जय परशुराम 🚩
आदमी दो ही परिस्थिति में इस तरह के बयान देता है.
1 उसकी सोच ऐसी हो.
2 उसे विरोधी पार्टी का ऑफर मिल गया हो.
सच्चाई क्या है ये तो भाटी जी जाने.
#AntiBrahminSP
'राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करें अखिलेश', ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी से भड़के यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सपा नेता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई विवादित टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्हें पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने प्रतीक यादव के निधन को दुखद बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
पूरी खबर : intdy.in/owgo71#AjayRai#RajkumarBhati#AkhileshYadav#Congress#SamajwadiParty#UPNews | @RoshanAajTak
शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की संपत्ति की जाँच कराई जाए। ऐसा नहीं हो सकता कि इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक हो रहे हों और मंत्री जी को कुछ नहीं मिल रहा होगा।
@ajeetbharti
मेहरबान, क़दरदान, साहिबान, हो जाइए सावधान……..‼️‼️
ब्राह्मणों के मुद्दे पद अब UP के गठबंधन दल के दो साथी सपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने विवादित कहावत कहा कि:-
ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय!
और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय।
इस मुद्दे पर अब कांग्रेस UP अध्यक्ष अजय राय ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को टैग कर कहा कि:-
“केवल माफी से काम नहीं चलेगा, ऐसे बड़बोले नेताओं पर तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।”
यूपी की राजनीति में सपा के प्रवक्ताओं की ब्राह्मणों के प्रति सोच अब सबके सामने आ चुकी है।
वहीं भाजपा और योगी सरकार पर भी ब्राह्मण विरोधी गतिविधियों के आरोप लगातार उठते रहे हैं।
ऐसे समय में ब्राह्मण और सवर्ण समाज की एक बड़ी उम्मीद @alankar82 बनकर उभरे हैं।
#AntiBrahminSP