Il rapporto tra India e Italia ha ormai raggiunto una fase decisiva. Negli ultimi anni, i nostri legami si sono ampliati con uno slancio senza precedenti, evolvendo da una cordiale amicizia a un partenariato strategico speciale fondato sui valori di libertà e democrazia, nonché su una visione comune del futuro.
RSS worker and primary school teacher Bandhu Prakash Pal, along with his pregnant wife and child, were killed in cold blood in West Bengal.
Never forget. Never forgive.
जो लोग पूछते हैं कि मैंने AAP क्यों छोड़ी, कहते हैं मैंने “गद्दारी” कर दी। मैं आज उनसे दिल की बात करना चाहती हूँ।
मैंने 2006 में अरविंद केजरीवाल जी की संस्था से जुड़कर सामाजिक संघर्ष का रास्ता चुना था। झुग्गियों में रही, RTI की लड़ाई लड़ी, छोटे-छोटे गाँवों, बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर लोगों के लिए काम किया। अन्ना आंदोलन की सबसे युवा कोर कमिटी सदस्य बनी। उसके बाद पार्टी से लेकर Delhi Commission for Women तक हर जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई। सड़कों पर उतरी, लाठियाँ खाई, अनशन किए, महिलाओं के लिए लड़ाई लड़ी।
मेरे वर्षों के संघर्ष को देखकर पार्टी ने मुझे राज्यसभा भेजा। एक दशक बाद पहली बार कोई महिला AAP से संसद पहुँची थी। मुझे लगा था कि अब महिलाओं की आवाज़ संसद में रख पाऊँगी।
लेकिन संसद पहुँचने के कुछ ही महीनों बाद मेरी ज़िंदगी की सबसे दर्दनाक घटना हुई। Arvind Kejriwal जी के घर में मुझे उनके PA ने बुरी तरह पीटा, अपमानित किया। मेरी आत्मा तक घायल हो गई। मैंने तय किया कि मैं डरूँगी नहीं, लड़ूँगी।
खुद पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर माना कि मेरे साथ अभद्रता और हिंसा हुई। लेकिन सिर्फ 24 घंटे बाद वही लोग उस आरोपी को साथ लेकर घूम रहे थे। एक महिला का दर्द छोटा पड़ गया, सत्ता बड़ी हो गई। मेरे खिलाफ पूरी मशीनरी लगा दी गई, मुझे बदनाम किया गया, आरोपी को बचाया गया।
आज मुझे पीटने वाला वो PA पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जी का Chief Advisor है, बंगला-गाड़ी-Z+ Security के साथ पूरे पंजाब पर राज कर रहा है। बेहिसाब भ्रष्टाचार फैला हुआ है…
ये है ग़द्दारी जो पंजाब के साथ की गई…
अगर कोई गद्दार है, तो मैं नहीं।
गद्दार वो हैं जिन्होंने एक महिला को पीटा, उसका सम्मान छीना और फिर उसी पर सवाल उठाए।
गद्दार वो हैं जिन्होंने पंजाब की जनता का भरोसा तोड़ा, कट्टर ईमानदारी के नाम पर भ्रष्टाचार की दुकान खोली।
गद्दार वो हैं जिन्होंने आंदोलन की आत्मा बेच दी।
संसद में मेरी 95% अटेंडेंस रही लेकिन उसके बावजूद मुझे संसद में बोलने के लिए AAP ने अपने alloted time में से एक सेकंड का वक्त मुझे नहीं दिया। क्या महिलाओं की आवाज़ संसद में नहीं उठनी चाहिए थी? आपने दिल्ली की आवाज़ को संसद में उठने से रोका।
फिर भी जब भी मौक़ा मिला, मैंने जनता के मुद्दे मज़बूती से उठाए। संसद में लगभग सभी सांसदों ने मेरा हौसला बढ़ाया। उन्होंने मुझे टूटने नहीं दिया। मैं उनका आभार मानती हूँ।
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने देश के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। धारा 370 हटाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया, Surgical Strikes और आतंक के खिलाफ कड़े कदमों से दुश्मनों को जवाब दिया, Operation Sindoor जैसे अभियानों से भारत की शक्ति दिखाई, तीन तलाक खत्म कर करोड़ों मुस्लिम बहनों को न्याय दिया, महिला आरक्षण बिल लाकर राजनीति में महिलाओं के लिए नया अध्याय शुरू किया, रिकॉर्ड रफ्तार से highways, expressways, airports और infrastructure का विस्तार किया, गरीबों के लिए घर, शौचालय, बिजली, पानी और जनकल्याण योजनाओं को घर-घर पहुँचाया।
आदरणीय @AmitShah जी के रूप में देश को एक दृढ़ और निर्णायक गृह मंत्री मिले हैं। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया, नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया, आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, सीमाओं और राज्यों में कानून व्यवस्था को मजबूत किया और देश को सुरक्षित बनाया।
मैं @BJP4India भाजपा नेतृत्व का हृदय से धन्यवाद करती हूँ और वादा करती हूँ कि मेहनत, ईमानदारी और पूरी निष्ठा से देश सेवा करूँगी।
मैं टूटी नहीं हूँ।
मैं झुकी नहीं हूँ।
ये मेरी ज़िंदगी के Chapter 1 का अंत था… दूसरे Chapter में आप मुझे और भी अधिक मेहनत और हिम्मत से देश के लिए काम करते देखेंगे। जय हिन्द 🇮🇳
हाउसिंग बोर्ड की क्लर्क
एक व्यक्ति को पिछले 6 महीने से उसकी फ़ाइल के लिए लगातार घुमा रही थी...
परेशान युवक ने मैडम की टेबल पर बादाम का ढेर लगा दिया और बोला
बादाम खाओ.. शायद तुम्हें याद आ जाये कि मेरी फ़ाइल कहाँ है 🔥
मामला.. बिलासपुर छत्तीसगढ़ का ✍️
Ramesh Gupta died in 2019. Heart attack. 54 years old.
He had a ₹50 lakh term insurance policy. Premiums paid without a single default for 11 years.
His wife filed the death claim.
The insurance company said: "We need to investigate."
They investigated for 3 years. Kept asking for documents. She kept submitting. They kept asking for more.
She couldn't pay the home loan EMI. Sold the car. Borrowed from relatives.
In 2022, they finally rejected the claim. Said Ramesh had a pre-existing condition he "didn't disclose."
The condition: slightly high blood pressure. Noted in a routine checkup in 2015.
Never treated. Never medicated.
She went to IRDAI. Then consumer court.
The court said: A condition that was never treated and never affected his health cannot be used to reject a claim 11 years later.
₹50 lakh ordered paid. Plus 9% interest from 2019. Plus ₹1 lakh for mental harassment.
They made a widow wait 3 years. Then rejected her.
A court gave her everything back. With interest.
Save this post. If an insurance claim is rejected citing "non-disclosure" — fight it.
Courts have consistently ruled against insurers using minor, untreated conditions as grounds for rejection.
मैं पिछले 6 महीने से नकली पनीर , घी, मिठाइयां , पॉम ऑयल, जहरीली सब्जियां, मिलावटी मसाले, डिटर्जेंट वाला दूध, महंगी दवाइयां और सरकारी अस्पतालों की जर्जर हालत के खिलाफ आवाज उठा रहा हूं।
मैं सिर्फ अपने लिए नहीं बोल रहा,
मैं उन करोड़ों लोगों के लिए बोल रहा हूं
जिनकी थाली में जहर परोसा जा रहा है,
जिनकी जेब इलाज के नाम पर लूटी जा रही है,
और जिनकी जिंदगी सिस्टम की लापरवाही के भरोसे छोड़ दी गई है।
लेकिन बदले में मुझे क्या मिला?
लगातार reports, account suspend कराने की कोशिश, और सच बोलने की सजा।
तो मैं देश से पूछना चाहता हूं कि
क्या जहर के खिलाफ आवाज उठाना अपराध है?
क्या मिलावट, लूट और लापरवाही के खिलाफ बोलना गुनाह है?
अगर यही अपराध है, तो हां ... मैं यह अपराध हर रोज करूंगा।
क्योंकि यह लड़ाई किसी एक account की नहीं है ,
यह लड़ाई देश के हर परिवार की सेहत की है,
हर बच्चे की सुरक्षा की है ,
और उस भारत की है जहां लोगों को खाना, दवा और इलाज के नाम पर जहर न दिया जाए।
मेरा account suspend हो जाए ,
मेरी आवाज दबाने की कोशिश हो जाए ,
फिर भी मैं रुकूंगा नहीं।
क्योंकि देशभक्ति सिर्फ झंडा लगाने से नहीं होती ,
देशभक्ति तब होती है जब आप अपने देशवासियों की जिंदगी बचाने के लिए सिस्टम से टकराने का साहस रखते हैं।
वेदांता बनाम अडानी वाले मामले को X पर लाकर अनिल अग्रवाल ने ग़लत किया है। बिहारी होने के बावजूद आजतक @AnilAgarwal_Ved ने बिहार की सुध नहीं ली। हमने केवल इन्हें सोशल मीडिया पर अच्छी-अच्छी बातें करते ही देखा!
मामला यूँ है कि क़र्ज़ में दबी 'जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड' के लिए इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू हुई। अडानी और वेदांता दोनों ने ही अपने-अपने रिज़ॉल्यूशन प्लान पेश किए। अडानी का चयन हुआ। वेदांता वाले अनिल अग्रवाल को अचानक से भगवद्गीता की याद आ गई।
भारत में 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' (IBC) है। मोदी सरकार ही इसे 2016 में लेकर आई थी। दिवालियापन वाली समस्या से निपटने के लिए इससे पहले नियम-क़ानून बिखरे हुए थे, उन्हें एक किया गया। IBC ने एक समयसीमा तय की, वरना पहले कंपनी की संपत्ति ही कबाड़ बन जाती थी और किसी लायक नहीं रह जाती थी। ऋण-अनुशासन आवश्यक है। तो इस बार भी वही हुआ। नए खरीदार को लाने के लिए प्रक्रिया अपनाई गई, कारोबार भी फिर से चल सके और कर्ज़दाताओं को भी पैसे मिल जाएँ।
सोशल मीडिया के विशेषज्ञ सिर्फ़ पैसे गिना रहे हैं कि अडानी ने कम रुपए ऑफर किए, फिर भी उसके पक्ष में ही फ़ैसला आया। यहाँ मामला सिर्फ़ इतना सीधा नहीं है कि किसकी रकम बड़ी है। कितनी राशि तुरंत मिलेगी, ये भी मायने रखता है। वेदांता का ऑफर अगले कई वर्षों में बिखरा हुआ है। इस आधार पर इवैल्यूएशन मैट्रिक्स का स्कोरकार्ड जारी किया जाता है, उसमें अडानी आगे है, वो भी पूरे 14 पॉइंट्स से।
यानी, एक कह रहा है कि थोड़े ज़्यादा पैसे दूँगा लेकिन 6 साल में, दूसरा कह रहा कि थोड़ा कम ही ले लो लेकिन तुरंत ले लो। प्रक्रिया पूरी होने को थी, तबतक वेदांता संशोधन भेज रहा था। CoC, यानि कर्ज़दाताओं के समूह ने @gautam_adani पर भरोसा जताया, वो भी पूरे 93.81% वोट शेयर से।
Dhurandhar: The Revenge
I was in the countryside of California, finally made a trip to LA just to watch Dhurandhar.
Shabash. Bravo. Brilliant once again, @AdityaDharFilms. I genuinely don’t know what to say… anything I add may only become noise over something that already speaks for itself. I’d rather call you.
Everyone has done exceptional work. But I want to specifically acknowledge two less celebrated crafts that elevate this film into something far greater:
1. Vikash Nowlakha’s world-class cinematography, and
2. @sainisjohray’s exceptional production design.
In cinema, the camera and production design are married to each other. Unless both are in complete harmony, a film cannot rise to the level of a masterpiece.
In Dhurandhar, what we witness is pure synergy. Both Vikash and Saini Johray have done groundbreaking work… work that will stand as a benchmark for a long time.
My heartfelt best to both of you. And a special salute.
And Aditya, just an unsolicited word from experience: You are sharp, and you know your path. Just stay mindful of the ecosystem, it can be as vicious as it is seductive.
And everyone else in #TeamDhurandhar, you rock. ❤️❤️❤️
राहुल गांधी की मां का इलाज डॉ. अरूप बसु कर रहे हैं, जो सामान्य श्रेणी के डॉक्टर हैं। ऐसा करके उन्होंने पूरे दलित समुदाय के साथ विश्वासघात किया है। उनकी उम्मीदें जगाने के बाद, मां के इलाज के लिए दलित डॉक्टर का चयन न करके उन्होंने दलित समुदाय का अपमान किया है।
क्या उन्हें सच में लगता है कि दलित समुदाय के डॉक्टर सक्षम नहीं होते? क्या यह जाति-आधारित भेदभाव का एक रूप नहीं है? 🤷🤷🤷