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sanjay singh thakur
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मैं RSS का कट्टर विरोधी हूं, क्योंकि इसके खिलाफ खड़े होने वालों में सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे देशभक्त शामिल थे।
~ थलापति विजय (TVK प्रमुख)
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“सारा त्याग देश करेगा, तो आप क्या करेंगे PM जी?”
◆ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर हमला बोला
@Pawankhera | @narendramodi | #PMModi | Pawan Khera | Congress | BJP
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बतौर CEO पश्चिम बंगाल में 'SIR ' का काम पूरी निष्ठा से संपन्न कराने के बाद
चुनाव आयोग से मुक्त होकर राज्य के मुख्य सचिव बन गए .
आज मनोज अग्रवाल साहब सचिवों की मीटिंग में शामिल भी हुए .
चुनाव आयोग के स्पेशल रोल ऑब्जर्वर के तौर पर SIR में अहम भूमिका निभाने वाले सुब्रत गुप्ता दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री के सलाहकार नियुक्त हो चुके हैं . दोनों 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं . गुप्ता को रिटायरमेंट के बाद चुनाव आयोग ने बंगाल में SIR की कैंची चलाने का असाइनमेंट दिया था .
मतलब ये कि ये दोनों महानुभाव चुनाव संपन्न कराने के तुरंत बाद बीजेपी सरकार का हिस्सा बन गए .
आप दिमाग लगाते रहिए .

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रैलियाँ देखने के बाद देश की जनता को लगा होगा कि जो होगा देखा जाएगा।
Umashankar Singh उमाशंकर सिंह@umashankarsingh
देश की जनता पर कोई असर नहीं है।
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BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष बने।
फिर क्या.. भौकाल जमाने के लिए सौभाग्य सिंह ने उज्जैन से भोपाल तक गाड़ियों का लंबा काफिला निकाल दिया।
एक तरफ नरेंद्र मोदी देश को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने का ज्ञान देते हैं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के नेता अपील की धज्जियां उड़ाते हैं।
ये दिखाता है कि नरेंद्र मोदी को सारा त्याग जनता से ही चाहिए। बाकी सत्ता में बैठे लोग मौज मारें.. इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
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NEET का पेपर फिर लीक हो गया है, परीक्षा रद्द हो गई
इस बार 22 लाख छात्रों ने NEET का इम्तिहान दिया था
यह बच्चे दिन रात मेहनत करके पढ़े, माँ-बाप ने कोचिंग करायी, इम्तिहान देने गए - खर्चा वहन किया
नतीजा? पेपर लीक, परीक्षा रद्द
शायद फ़र्ज़ी डिग्री वालों से शिक्षा के संबंध में गंभीरता की आशा ही बेमानी है
धर्मेंद्र प्रधान जी को अपने पद पर बने रहने का कोई हक़ नहीं है
उनके बच्चे तो मज़े से विदेश में पढ़ रहें हैं, इसीलिए देश के बच्चों का भविष्य चौपट होता देख भी इन लोगों का दिल नहीं पसीजता
एक इम्तिहान तो बिना पेपर लीक हुए करा नहीं सकते - विश्वगुरु बनने का फर्ज़ीवाड़ा करते हैं
लेकिन सवाल इस बात का है कि पेपर लीक माफ़िया के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? उनको क़ानून और सरकार का डर क्यों नहीं?
क्योंकि यही BJP वाले उनका संरक्षण करते हैं
बच्चों का भविष्य दांव पर है तो रहे - इससे मोदी जी को कोई मतलब नहीं है - वह रोडशो में व्यस्त हैं
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NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
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चुनाव ख़त्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा
• घर से काम करो
• मेट्रो से चलो
• पेट्रोल डीजल बचाओ
• सोना मत ख़रीदो
• विदेश मत जाओ
• विदेशी ब्रांड का सामान मत ख़रीदो
• खाने का तेल कम इस्तेमाल करो
• खेत में खाद कम डालो
यह कोई नेक सलाह या इमोशनल अपील नहीं है. यह असल में मोदी और उनकी सरकार की नाकामी का जीता जागता सबूत हैं
ना energy security सुनिश्चित कर पाये, ना रुपया बचा पाये, ईंधन की किल्लत से लोग जूझ रहे हैं - चुनाव खत्म होने पर सच स्वीकारने को मजबूर हैं
इस सच के बारे में मोदी जी को राहुल गांधी जी ने मार्च के महीने में ही आगाह किया था, ईंधन की किल्लत के बारे में चेताया था. तब उनकी अनसुनी करने का नतीजा आज सबके सामने है
लेकिन हिपोक्रेसी की भी सीमा होती है. देश को पेट्रोल डीजल बचाने की सलाह देने वाले मोदी जी ख़ुद काफिले के साथ बेमतलब का रोडशो कर रहे हैं. आपको विदेश यात्रा ना करने की नसीहत देकर ख़ुद गर्मी से बचने के लिए 15 तारीख को यूरोप निकल रहे हैं
12 साल सत्ता में काबिज रहने के बाद आज देश से कहना पड़ रहा है क्या ख़रीदें, क्या नहीं, कैसे चलें, कहाँ जाएँ, कहाँ नहीं
इतने अच्छे दिन नहीं चाहिए थे मोदी जी. आप तो झोला उठा कर निकल लेंगे - लेकिन देश को तबाह करने में आपने कोई कसर नहीं छोड़ो है
यह आपके compromised होने का नतीजा है - अब आपके बस की बात नहीं
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