डॉक्टर साहब के इस पर्चे को पढ़कर दवा देने वाले केमिस्ट को कम से कम 100000 रुपए का इनाम दिया जाना चाहिए।
ट्विटर पर मौजूद कोई भी डॉक्टर अगर बता सके कि क्या लिखा गया है, तो गैर डॉक्टर लोग भी कुछ ज्ञानवर्धन कर पाएंगे।
@poojaofficial5 ये इनकी तकनीक होती है।गंदी इंसानियत का लोग।इनको पुलिस में दे देना चाहिए।ये कोई इसकी बहन के साथ करे तो उसको बुरा लगेगा।वो भी किसी बहन बेटी है क्यों दोस्त बन्ना. है .रोड चलते किसी को दोस्त बना ले.यह खतरनाक हो सकता है
Problem बात करने में नहीं… Problem "ना" समझने में है।
एयरपोर्ट पर एक सिंपल सी बातचीत शुरू होती है…
Smile, compliments, normal vibes
लड़का: तुम्हारा आउटफिट बहुत osm है…
लड़की: Thank you
लड़का: तुम बहुत प्यारी लग रही हो… मॉडल हो क्या?
लड़की: No
लड़का: सच में? मॉडल जैसा लुक है… कहीं try किया?
लड़की: No
लड़का: स्टडी कर रही हो?
लड़की: Yes, योगा कोर्स…
यहाँ तक सब normal था… respectful था
फिर बात धीरे-धीरे boundary cross करने लगी
लड़का: तुम्हारा boyfriend है?
लड़की: नहीं
लड़का: Insta ID मिलेगी?
लड़की ना में सिर हिला देती है
लड़का: Number?
लड़की: Sorry…
लड़का: अरे मान जाओ यार… बात करके देखते हैं… comfortable लगे तो friends बनते हैं…
लड़की: I can’t… sorry।
और बस…
यहीं कहानी खत्म हो जानी चाहिए थी।
लेकिन लड़का मान ही नहीं रहा
आप बताइए
ये जबरदस्ती गले पड़ना है या normal कोशिश ???
वीडियो कमेंट बॉक्स में 👇
यह नेपाल के प्रधानमंत्री 72 इंच लीजेंड बालेन शाह का पूरी कैबिनट मंत्री का 15 सदस्यीय टीम है। सभी well qualified है। सभी स्वच्छ और ईमानदार छवि के है। सबसे बड़ी बात इसमें कोई भी 60+ का बूढ़ा नही है, कोई चोर अपराधी नही है।।
यह सब यंग है, नेपाल के लोग बहुत खुश हैं।
सच कहूं तो नेपाल के अच्छे दिन आ गए है। नेपाल को अब विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता है।।
हैदराबाद में मुसलमान अमेरिका-ईरान युद्धविराम को ईरान की जीत मानकर केक काटकर, झंडे लेकर, ड्रम बजाकर जश्न मना रहे हैं।
कर्गिल विजय पर ऐसा कोई उत्सव नहीं देखा।
ऑपरेशन सिंदूर पर भी नहीं।
फिर कहते हैँ देशभक्ति पर शक मत करों 😡
@Iam_ankur8@premkumarcbn01@yadavggoollss वाह क्या बात कर रहे, वल्गर रील बनाने वाले को डिफेंड करने आ गए। स्पाइडर मैन फिल्म तो बहुत पहले आ गई थी तो क्या स्पाइडर मेन की तरह लोग उड़ने लगे थे। जो सिर्फ पैसे व्यूज के लिए अपने माता-पिता का भी मज़ाक बना दे उसको डिफेंड करना पड़ेगा क्या।
@premkumarcbn01@yadavggoollss शक्तिमान जिसकी वजह से बच्चों के ऊपर बुरा असर पड़े ऐसा कुछ भी नहीं किए थे अपने शो में हालांकि कुछ बच्चे समझ नहीं पाए और वह खुद शक्तिमान बनने की कोशिश करने लगे उसमें बच्चों की गलती है और उनके मां-बाप की गलती है मुकेश खन्ना की नहीं
समय रैना :- शक्तिमान आ गया था यार , शक्तिमान से कैसे लड़ेंगे? सॉरी शक्तिमान !
शक्तिमान कह रहा था, क्या असर पड़ेगा इन कंटेंट का बच्चों पे, बच्चों का क्या होगा ऐसे शोज देखकर !
मुझे नहीं पता कि आप लोगों में कितने शक्तिमान देखते थे, उस समय हर अगले महीने न्यूज आती थी, कोई बच्चा शक्तिमान देखकर कूद गया , तूने बच्चे मारे हैं भाई, तू क्या बोल रहा है !
समय रैना ने अपने नये शो Still Alive में मुकेश खन्ना को भी रगड़ दिया हैं ,
समय ने हर उस इंसान को लपेटा हैं जिसमें उसके खिलाफ कुछ बोला था !
@sachinsgaur उनका बयान गलत और अस्वीकार्य है, क्या जीने के लिए कोई अपना जमीर बेच सकता है अपने माता-पिता पत्नी बच्चे भाई बहन सबको बेच सकता है बिल्कुल नहीं.ऐसे जिंदा हो कर क्या खुशी मिलेगी.
समय रैना का कहना है कि मातृभूमि राष्ट्रवाद जैसा कुछ नहीं होता। बस ज़िंदा रहना ही सब कुछ होता है। सर्वाइव करने के लिए कुछ भी करो। ये कायरता पूर्ण बात तो है ही देश से गद्दारी की भी बात है।
मतलब अगर इसे अपनी जान बचाने के लिए देश से गद्दारी भी करनी पड़े तो ये कर लेगा और इसे ये इसे कश्मीरी पंडित विजडम बता रहा है। इसीलिए तो ये देश 800 साल गुलाम रहा।
Yet another City bus announcement
🔹50 buses between Noida and Jewar
🔹5 different routes
🔹15 mins frequency
🔹Plans to start from May 26
Nothing exciting about it
People simply have lost trust 😔 in your authorities like noida gr noida sir @UPGovt
ऋषिकेश उत्तराखंड में गंगा किनारे हरियाणा से आई एक महिला अपने पति के साथ बैठकर शराब पी रही थी, लोगों ने रोका तो पुलिस को बुलाया
पुलिस पहुंची तो महिला भड़क गई और कहने लगी हमारी वजह से यहां की रोजी रोटी चलती है, हम टूरिस्ट हैं हमारा पैसा खाते हो इसलिए हमें मत रोको, तुम्हारे पैसों की पी है तुम्हें क्या दिक्कत है?
लोग लगातार समझाते रहे कि यहां लोग पूजा और शांति के लिए आते हैं लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी
बाद में पति उसे खींचते हुए ले गया और गाड़ी में बैठाया तब जाकर मामला शांत हुआ
इसके बाद लोगों में गुस्सा दिखा क्योंकि बात सिर्फ एक घटना की नहीं है बल्कि उस सोच की है जहां कुछ लोग पैसे के दम पर हर जगह अपनी मर्जी चलाना चाहते हैं..!
नेपाल में एक भारतीय पर्यटक सफेद कार में जा रहा था, रास्ते में उसने चलते चलते सड़क पर गुटखा थूक दिया।
वहीं मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने उसकी कार रुकवाई, उसे बाहर बुलाया और डांटते हुए कहा, ये इंडिया नहीं है, ये नेपाल है, यहां ऐसा नहीं चलेगा.!
उन्होंने ये भी कहा- आप लोग इतने बड़े देश से आते हैं फिर ऐसी गंदी हरकत क्यों करते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए
आखिर में वही भारतीय पर्यटक पानी की बोतल से सड़क पर अपना थूका हुआ गुटखा साफ करता दिखा, चेहरे पर साफ शर्म नजर आ रही थी।
गुटखा खाने और कहीं भी थूक देने की आदत अब सिर्फ गंदगी नहीं, बाहर जाकर देश की छवि भी खराब कर रही है, ऐसी आदतें बदलना जरूरी है।
@MediaHarshVT भ्रष्टाचार की सजा मौत या आजीवन कारावास हो जाए। और भ्रष्टाचार का पैसा ब्याज के साथ वापस लिया जाए। हमारा देश बढ़ रहा है, फिर एक विकसित देश होगा .
एक लड़का अपनी जिंदगी और परिवार के लिए शहर छोड़कर कमाई करने जा रहा था।
उसकी प्रेमिका उसे रोकते हुए,आँखों में आँसू लिए कहती है—मत जाओ।
लड़का धीरे से कहता है,अगर मैं नहीं जाऊँगा,तो हमारी खुशियाँ कैसे पूरी होंगी? सबको खुश रखने के लिए मुझे काम तो करना होगा।
लड़की सिर्फ मुस्कुराती है और कहती है, पैसे मायने नहीं रखते…मुझे सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिए। हम साथ हैं, सब ठीक हो जाएगा।
लेकिन जीवन की सच्चाई कुछ और ही होती है। कई बार जिम्मेदारियों के लिए अपनों से दूर होना पड़ता है।
लड़कों की जिंदगी भी आसान नहीं होती परिवार की खुशियों के लिए दिल की चाहतों को पीछे रखना पड़ता है।
वध 2 नामक Netflix पर एक मूवी आई है,
उसी का एक वार्तालाप सुनिए,
इंस्पेक्टर: क्या नाम है?
ड्राइवर: समर सिंह
इंस्पेक्टर: पूरा नाम?
ड्राइवर: समर सिंह चौहान
इंस्पेक्टर: कौनसे वाले चौहान हो?
ड्राइवर: (गर्व से) सर जी ऊंचे वाले!
इंस्पेक्टर: तो गाड़ी थोड़ा तेज चलाइए चौहान “साहब”!
इसके डायरेक्टर जसपाल सिंह संधू हैं।
तो मेरा सवाल था कि अगर नीचे वाले चौहान होते तो क्या बुलवाते?
एक 16 साल का लड़का स्कूल ड्रेस में अपने घर से Jaguar कार लेकर रोड पर निकलता है।
तभी वहां दो लड़कियां आती हैं और पूछती हैं भैया हमें राइड दे दोगे, लड़का तुरंत हाँ बोल देता है।
लड़कियां थोड़ा हैरान होकर पूछती हैं तुम अभी छोटे हो इतनी महंगी कार कैसे चला रहे हो।
लड़का कहता है पापा बोले थे घर पर खाली मत बैठो कुछ काम करो, तो गाड़ी लेके निकल पड़ा ,फिर लड़कियां पूछती हैं लाइसेंस है या नहीं।
लड़का कहता है ये सब छोड़ो मेरी ड्राइविंग बढ़िया है बैठ जाओ, लड़कियां पास की एक जगह बताती हैं और किराया पूछती हैं।
लड़का ₹500 की जगह ₹1200 बोल देता है, महंगी कार देखकर लड़कियां तो रुक गई थी लेकिन जैसे ही किराया सुनती हैं तुरंत गाड़ी से उतर जाती हैं..!
कुछ वर्ष पहले जब मैने पोस्ट किया था कि ब्राह्मण अपनी लड़कियों को बहुत सॉफ्ट तरीके से पाल रहे हैं, उनकी हर जिद पूरी कर रहे हैं और उन्हें सेकुलर और स्वच्छंद बना रहे हैं। इसका नतीजा है कि जो हिंदू लड़कियां मुल्लों से ब्याह या संभोग आदि करती हैं उसमें बड़ा हिस्सा ब्राह्मण लड़कियों का है।
कई लोगों के नाक मुंह सिकुड़ गए थे मेरी उस बात से।
लेकिन सुधार करने का प्रयास कुछ ही लोगों ने किया।
कनिका शर्मा ने शाकिब सैफी से निकाह किया, शिल्पा ने साजिद से किया, चंद्रिका दीक्षित सैफी खान से करने जा रही है,
इन ब्राह्मण परिवार में जन्मी लड़कियों ने सदियों से चली आ रही संस्कार व्यवस्था को तोड़ दिया है, और नीचता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
देखना है ब्राह्मण परिवार कब अपनी लड़कियों को अनुशासित करना सीखेंगे।🧐
@NoidaUpdatesX मेट्रो, सड़कें, धूल मुक्त सड़क, साफ-सफाई, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक सिग्नल, सार्वजनिक अस्पताल, बस अड्डा जैसी महत्वपूर्ण मांग तो हो नहीं रही। आप नदी को साफ करने की बात भूल जाओ।
Noida Greater Noida
> One of richest district in India
> Per capita 10 lakh +
> Budget in excess of 15000 crore
> 50% funding share in Noida airport Phase 1 built at 11500 crore
> GDP of 33 Bn $
Has no money for riverfront
UP Govt cannot fund a riverfront
@mihirg बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,पर ऑटो में रोज़ भर-भर कर जाना कोई सुरक्षा नाम की चीज नहीं। मेट्रो लड़कियों और महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा है। सरकार इस बारे में क्यों नहीं सोचती। ज्यादातर लड़कियां और महिलाएं दिल्ली और नोएडा में कॉलेज और नौकरियां जाती हैं। मेट्रो आने से सुविधा होगी
कई नेताओं के पास बड़ी गाड़ी है.. लेकिन आम जनता को auto में 5 से 6 सवारियों में पिसना पड़ता है.. आप सोचिये शेयरिंग auto में ना चाहते हुए भी कई महिला और बेटियां सफर करती हैँ.. क्योंकि अकेले auto करने पर हर रोज़ 150 रुपये देने के लिए कहां से आएंगे.. समाधान metro है.. नेताओं ने हर चुनाव में वादा किया.. लेकिन 10 किलोमीटर metro.. दस साल में क्यों नहीं बन पाया.. यही सवाल पूछने जुटे लोगों से हमने बात की.. वक़्त निकालकर ज़रूर सुनिए.. क्योंकि समस्या पर सवाल तो पूछना पड़ेगा..
@myogiadityanath@PMOIndia@yadavakhilesh@mlkhattar@nefowaofficeyoutu.be/wMiFsEQ1lcI?si…