Shakeel Akhtar

35.7K posts

Shakeel Akhtar banner
Shakeel Akhtar

Shakeel Akhtar

@shakeelNBT

Journalist, Commentator on current affairs. Former Political Editor and Chief of Bureau Navbharat Times

New Delhi Katılım Şubat 2013
181 Takip Edilen43.1K Takipçiler
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
हमला ईरान पर हुआ था उसके साथ बहुत सारे देश खड़े हुए हैं। रूस और चीन तो खुलकर हैं बाकी यूरोप के भी कई देश हैं। मगर हमला करने वालों इसराइल और अमेरिका के साथ कौन है? प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हमारा ही नाम लिया जा रहा है। हम जिसे शांति के पक्ष में खड़ा होना था। पीड़ित के साथ आना था वह हमलावरों के साथ दिख रहा है। मगर वे हमारे लिए क्या कर रहे हैं? 22 जहाज हमारे वहां तेल और गैस लिए फंसे खड़े हैं। हार्मुज स्ट्रेट में। दो जहाज ईरान ने निकलवा दिए तो हम उसी पर खुशियां मना रहे हैं। 22 जहाज में हमारे 600 से ऊपर जहाजी भी हैं। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
1
55
236
3.8K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
कभी यह दिन थे। तथ्य बोलते हैं। भारत का साबुन विदेश में निर्यात होता था। यह एक विज्ञापन है जो साबुन निर्माता कंपनी ने रूस से ऑर्डर मिलने पर खुशी में दिया है। 31 जनवरी 1977 को छपा विज्ञापन।
Shakeel Akhtar tweet media
हिन्दी
7
114
384
3.7K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी की राजनीति में फुल स्टॉप लगाकर मोदी जी कह रहे हैं राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता!
हिन्दी
2
50
327
3.7K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
कुवैत आपका हार्मुज स्ट्रेट नहीं खुलवा सकता है। पता नहीं यह कैसी विदेश नीति है? सिवा अमेरिका और इजरायल को खुश करने के अलावा कुवैत की संप्रभुता की चिंता करने का क्या मतलब है? संप्रभुता पर तो इस समय ईरान की अमेरिका और इसराइल खुले आम हमला कर रहे हैं। ‌ मगर प्रधानमंत्री मोदी चिंता कुवैत की संप्रभुता की कर रहे हैं! @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
1
59
265
6.6K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
यह जो अमेरिका और इजरायल कर रहा है इसे आतंक कहते हैं। यह युद्ध नहीं है। युद्ध के नियम हैं। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद बने थे इन्हें जेनेवा कन्वेंशन कहा जाता है। और उसके नाम में आता है मानवीयता। इंटरनेशनल ह्यूमैनिटेरियन लॉ। नेताओं को मारना बच्चियों को मारना जनता को निशाना बनाना यह युद्ध नहीं आतंकवाद है। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
2
86
264
3.5K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
अब समय GCC जो अरब देश हैं उनके जागने का है। अगर वह नहीं जागे तो उनके देश की जनता तो जाग गई है। ‌ शासक चाहे अमेरिका की गुलामी कर लें मगर जनता इसके लिए तैयार नहीं है। और वह अमेरिका और इजरायल के साथ अपने शासकों के खिलाफ खड़ी हो जाएगी। फिर यह जो ट्रंप साहब दुनिया भर में रिजिम चेंज करवा रहे हैं फिर रिजिम ( शासक) बचाने में लगना पड़ेगा! @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
3
84
316
8.3K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
जयराम जी आपकी मांग सही है मगर क्या आपको मालूम है कि 2014 तक इस योजना में 24 और 36 रुपए भी मिनिमम पेंशन मिलती थी? मिनिमम एक हजार रुपए बाद में शुरू हुई। पेंशन योजना EPF 95 श्रम और कर्मचारी संगठनों के भारी मांग के बाद नरसिम्हा राव सरकार में शुरू हुई थी। मगर बहुत खराब फार्मूले के साथ। ‌ कर्मचारियों ने अपने वेतन से 30- 35 साल पैसा कटवाया मगर रिटायरमेंट के बाद जैसा हमने उपर बताया इतनी शर्मनाक पेंशन मिली। इंटक के अपने नेताओं से पूछिए उन्होंने भी दूसरे श्रम और कर्मचारी संगठनों के साथ इस मामले में कई बार आवाजें उठाई हैं। उम्मीद है संसदीय समिति की रिपोर्ट के बाद अब शायद कुछ हो। ‌ करीब 90 लाख कर्मचारी हैं। इनके प्रतिनिधियों ने अभी 3 दिन तक जंतर मंतर पर धरना भी दिया था और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात भी की थी। इसमें खास बात यह है कि यह कोई फ्री बीज ( जैसे कई राज्यों में चल रही हैं जिन्हें रेवड़ी बांटने वाली कहा जाता है) जैसी स्कीम नहीं है। कर्मचारियों ने अपने वेतन से पैसा कटवाया है। अधिकार वाली पेंशन की योजना है।
Jairam Ramesh@Jairam_Ramesh

मोदी सरकार के पिछले लगभग 12 साल के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई हैं, या उन्हें जानबूझकर कमजोर कर दिया गया है। पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा भी लंबे समय से बढ़ती महंगाई के बावजूद लगभग जस की तस बनी हुई है। इसका सीधा असर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनभोगियों पर पड़ा है, जो समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं। मौजूदा दौर में जब सरकार की खराब नीतियों की वजह से महंगाई चरम पर है, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ चुके हैं, ऐसे में 1000 की न्यूनतम ईपीएफ पेंशन एक तरह से मजाक ही है। संसद की स्थायी समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि 1995 की पेंशन योजना के तहत मिलने वाली 1000 मासिक पेंशन आज के समय में पूरी तरह अपर्याप्त है। समिति ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम पेंशन को जीवन-यापन के अनुरूप और सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए। यह लाखों रिटायर्ड कामगारों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा मुद्दा है। उम्मीद की जानी चाहिए कि भाजपा के ही लोकसभा सांसद की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास स्थायी समिति की इस रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और इस बारे में ठोस कदम उठाएगी।

हिन्दी
2
22
99
1.7K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
हालांकि चाय कॉफी कहीं दिख नहीं रही। मगर कांग्रेस ने यही कहा है कि राहुल ने अपने साथियों के साथ चाय कॉफी पी। लोकसभा के ये सदस्य जब सस्पेंड थे तो उनके साथ चाय कॉफी पीने पर ही बीजेपी, मीडिया और एक्सटेंडेड भक्त ( रिटायर अधिकारी) नाराज हो रहे थे। नीचे अंग्रेजी में कांग्रेस का मैसेज- Leader of opposition Shri Rahul Gandhi with MPs whose suspension was revoked at Parliament House, New Delhi, and shared tea-coffee with them.
Shakeel Akhtar tweet media
हिन्दी
4
53
353
4.8K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
ट्रंप के हाथ से क्या बाजी निकल गई? हवाई हमलों से सीधे शतरंज की बिसात पर आ गए! शतरंज में तो अमेरिका कभी चैंपियन नहीं रहा रूस से हमेशा हारता रहा एक बाबी फिशर ही हुए थे वहां। अब ट्रंप शतरंज को याद करते हुए कह रहे हैं कि ईरान तो बहुत अच्छा खेल रहा है बहुत बुद्धिमान लोग हैं वहां। उनका आईक्यू लेवल तो बहुत ऊंचा है। क्या चाहते हैं वह शायद बच निकलने का सुरक्षित रास्ता। सेफ पैसेज! @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
1
31
211
5.1K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
सबसे ऊपर की बात यह है जो अभी इसी प्रोग्राम #Newspoint में ईरान से जुड़े रिजवी साहब बता रहे थे कि वहां की जनता कह रही है की मार दो। कितने लीडर मारोगे तुम? हम दूसरा खड़ा कर देंगे। जब जनता के अंदर ऐसा जज्बा पैदा हो जाता है तो कोई अमेरिका कोई इजराइल उसे झुका नहीं सकता। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
4
30
166
1.9K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
दुनिया में अब कोई भी राष्ट्राध्यक्ष सुरक्षित नहीं है। कोई रक्षा मंत्री विदेश मंत्री कोई नहीं। क्या हो रहा है यह? अमेरिका इजरायल ईरान के नेताओं को मारने की घोषणाएं कर रहा है उसका महिमा मंडन किया जा रहा है। दुनिया के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है। यह युद्ध नहीं खुले आम आतंकवाद और गुंडागर्दी है। दुनिया के सभी देशों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। नहीं तो हर देश के राष्ट्राध्यक्ष और टॉप लीडरशिप के लिए खतरा है। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
3
109
410
9K
amit mishra
amit mishra@amitmishrainn·
बिल्कुल सही @shakeelNBT भाई ने ही इस रहस्य से पर्दा उठाया था तब कई लोगों ने तब कहा था ग़लत ख़बर है लेकिन शकील भाई तब भी सही थे आज भी सही हैं।
Shakeel Akhtar@shakeelNBT

किरण चौधरी का हमने नाम लिखा था और कांग्रेस ने उन्हें नोटिस दिया। मगर बहुत सारे लोग कहते रहे की नोटिस नहीं दिया गया और किरण चौधरी को भी बचाते रहे। बीजेपी में जाने के बाद भी कांग्रेस के नेताओं ने उनका समर्थन जारी रखा। अजय माकन की हार कोई मामूली नहीं थी राहुल गांधी के इस समय के सबसे खास लोगों में हैं। मगर यहां तो खुद राहुल के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती है तो माकन को हराने में किरण चौधरी की मदद करने वालों के खिलाफ क्या होती? परिणाम हरियाणा विधानसभा का चुनाव फिनिशिंग लाइन पर हार गए। अब राज्यसभा में हारते हारते बचे हैं। देखते हैं कांग्रेस कितना जागती है!

हिन्दी
1
9
62
4.1K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
एक बनी बनाई व्यवस्था थी। महिलाएं बस में चढ़ती थीं। फ्री में महिला टिकट लेती थी और बैठ जाती थीं। मगर अब कहा गया कि उन्हें पिंक कार्ड बनवाना होगा तभी बस में फ्री यात्रा की सुविधा मिलेगी। ‌ और वह भी केवल उनको जिनका आधार दिल्ली का है। पहले सभी राज्य की महिलाएं इसका फायदा उठाती थीं। नई सरकार आई है नई सुविधाएं देना थी मगर जो पहले से मिल रही थीं उन्हें और जटिल एवं सीमित बनाया जा रहा है।
Shakeel Akhtar tweet mediaShakeel Akhtar tweet media
हिन्दी
3
48
180
2.8K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
कांग्रेस ने अपना पूरा साल संगठन के साल के नाम पर निकाल दिया। संगठन का यह हाल है विधायक तक विश्वासघात कर रहे हैं। बातें बहुत है कि संगठन सृजन के नाम पर यह हो रहा है वह हो रहा है कैंप शिविर राहुल से ही दंड बैठकें लगवा दीं। मगर इन बातों के जरिए बेवकूफ किसको बनाया जा रहा है? खुद अपने हाई कमान को? बातें मोदी भी बहुत बनाते हैं मगर इसका फायदा भी लेते हैं जनता से वोट के रूप में। यहां बातें खुद को ही नुकसान पहुंचाने के लिए बनाई जाती हैं। 2025 संगठन का साल। और पहले भी लिखा था फिर लिख देते हैं कि प्रियंका गांधी जैसी करिश्माई नेता मानी जाने वाली महासचिव के पास कोई प्रभार नहीं। तीन साल से बिना विभाग की मंत्री! यह संगठन है?
हिन्दी
11
75
454
10.3K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
किरण चौधरी का हमने नाम लिखा था और कांग्रेस ने उन्हें नोटिस दिया। मगर बहुत सारे लोग कहते रहे की नोटिस नहीं दिया गया और किरण चौधरी को भी बचाते रहे। बीजेपी में जाने के बाद भी कांग्रेस के नेताओं ने उनका समर्थन जारी रखा। अजय माकन की हार कोई मामूली नहीं थी राहुल गांधी के इस समय के सबसे खास लोगों में हैं। मगर यहां तो खुद राहुल के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती है तो माकन को हराने में किरण चौधरी की मदद करने वालों के खिलाफ क्या होती? परिणाम हरियाणा विधानसभा का चुनाव फिनिशिंग लाइन पर हार गए। अब राज्यसभा में हारते हारते बचे हैं। देखते हैं कांग्रेस कितना जागती है!
हिन्दी
10
130
924
35.5K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
कांग्रेस की ये हारें इसी तरह मोदी को ताकत देती हैं। मोदी जब भी कमजोर होते हैं जैसे इस समय हैं कांग्रेस अपनी गलतियों से फिर उनकी साख बना देती है। कल ही अपने साप्ताहिक कॉलम में लिखा था कि बंगाल चुनाव ममता के नहीं मोदी के अस्तित्व का सवाल हैं। मुकाबला ममता और मोदी के बीच है। कांग्रेस सहित बाकी विपक्ष की भूमिका बस इतनी होना चाहिए कि मोदी इस चुनाव में जीत कर कहीं फिर से ताकतवर ना बन जाएं। मोदी की हार विपक्ष के दिल्ली रास्ते को आसान कर देगी। और जीत? मोदी फिर से यह मैसेज देने में सफल हो जाएंगे यह विपक्ष खासतौर से कांग्रेस उन्हें नहीं हरा सकती। राज्यसभा चुनाव इसी बात की गवाही हैं। बीजेपी नहीं जीती कांग्रेस हिट विकेट हुई है। और 2014 लोकसभा से यही कहानी चल रही है। कांग्रेस इस पर कंट्रोल करना तो दूर की बात सोच भी नहीं रही। हर राज्य की कहानी एक नहीं होती है। राजस्थान और हरियाणा विधानसभा चुनावों की हार खुद उसके नेताओं के कारण हुई। मगर कोई कार्रवाई नहीं। और शायद यह भी नहीं मालूम कि यह दोनों राज्य मूलत: कांग्रेसी हैं। जब पूरे देश में खासतौर से उत्तर भारत में कांग्रेस बिल्कुल सिमट गई है यह दोनों राज्य हर चुनाव में बीजेपी का बराबरी का मुकाबला करते हैं। यहां की हारें केवल यहां के नेताओं के आपसी गुटबाजी के कारण हैं। बिहार और उड़ीसा में कांग्रेसियों की दम पर ही बीजेपी जीत गई। और हरियाणा में कांग्रेस की जीत का हेडिंग बस इतना ही हो सकता है कि कांग्रेस हार की हैट्रिक से बची! बीजेपी ने तीसरी बॉल विकेट पर फेंकी ही नहीं!
हिन्दी
16
59
378
19.1K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
ईरान खुद युद्ध में फंसा हुआ है। लेकिन दो दिन पहले जब फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया था तो ईरान का पूरा का पूरा नेतृत्व अपनी जनता के साथ सड़कों पर था। पूरी दुनिया के मीडिया ने इसे आश्चर्य के साथ दिखाया। क्योंकि इसके साथ जो वह नहीं लिख सकते थे और बता सकते थे मगर बिना बताए ही और ज्यादा बड़ा मैसेज चला गया की इजराइल का नेतृत्व कहां है? ईरान के नेताओं के हौसले के वीडियो तो स्वतंत्र मीडिया ने बनाए थे। मगर इसराइल को अपने प्रधानमंत्री नेतान्याहू को दिखाने के लिए खुद ही दो बार वीडियो बनाकर जारी करना पड़े। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
1
72
312
6.1K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
लोग जब आप पर अविश्वास करने लगते हैं तो आपको रोज एक वीडियो बनाकर अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ता है। इसराइल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने एक वीडियो कल ही जारी करके बताया था फिर दूसरा आज और क्यों करना पड़ा? इसलिए की पूरी दुनिया में भी और खासतौर से अमेरिका में भी और उससे ज्यादा इजराइल में उनकी कही किसी बात पर अब लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है। और फिर एक बार जब आप जनता का विश्वास खो देते हैं तो चाहे जितने वीडियो बनाएं लोगों में भरोसा कायम नहीं हो पाता है। @dblive15 के लिए आज शाम @RajeevRdb के साथ।
हिन्दी
5
69
265
4K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
आए और चले गए! सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस एक ही हुआ करता था। लेकिन 200 से ज्यादा राज्यसभा सदस्यों में नाम लिखवाने की पता नहीं ऐसी क्या मजबूरी थी कि यहां बन गए। और आज उनके लिए यह एक विदाई भाषण हो रहा है। क्या किया 6 साल में? एक भी सवाल नहीं? एक भी प्राइवेट मेंबर बिल नहीं। केवल एक चर्चा में पार्टिसिपेट। प्रधानमंत्री और बाकी बीजेपी के नेता कहते हैं कि राहुल संवैधानिक संस्थाओं के पतन का आरोप लगाते हैं। यह खुद देखें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के संवैधानिक पद का पतन हुआ या रंजन गोगोई ने और नाम किया?
Shakeel Akhtar tweet media
हिन्दी
7
121
519
20.5K
Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
रोज नए नारों के साथ संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन में आज " नरेन्द्र भी गायब सिलेंडर भी गायब " की चर्चा!
Shakeel Akhtar tweet media
हिन्दी
55
339
1.2K
7.8K