Shayari@shayari6·18 Temजिस से पूछें तेरे बारे में यही कहता है, खूबसूरत है वफ़ादार नहीं हो सकता…!! (अबास ताबिश)Çevir हिन्दी101313
Shayari@shayari6·18 Temआप कहिए तो निभाते चले जाएँगे मग़र , इस ताल्लुक़ में अज़ीयत के सिवा कुछ भी नहीं…!! (जवाद शेख़)Çevir हिन्दी002320
Shayari@shayari6·11 Ağuअंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए, कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए..!! (राहत इंदौरी)Çevir हिन्दी43270
Shayari@shayari6·11 Ağuअजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ को, वहाँ पे ढूँढ रहे हैं जहां नहीं हूँ मैं...!! (राहत इंदौरी)Çevir हिन्दी00210
Shayari@shayari6·11 Ağuउस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो, धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है..!! (राहत इंदौरी)Çevir हिन्दी04180
Shayari@shayari6·11 Ağuएक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तों, दोस्ताना ज़िंदगी से ,मौत से यारी रखो..!! (राहत इंदौरी)Çevir हिन्दी04260
Shayari@shayari6·11 Ağuहम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे, कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते..!! (राहत इंदौरी)Çevir हिन्दी13170
Shayari@shayari6·31 Mayशायरी का प्यार भरा आदाब..!! आज मिलते हैं हम फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ जी से..!Çevir हिन्दी30100
Shayari@shayari6·31 Mayहर सदा पर लगे हैं कान यहाँ, दिल सँभाले रहो ज़ुबान की तरह..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0280
Shayari@shayari6·31 Mayकब ठहरेगा दर्द ऐ दिल, कब रात बसर होगी, सुनते थे वो आएँगे,सुनते थे सहर होगी..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी01130
Shayari@shayari6·31 Mayउठकर तो आ गये हैं तिरी बज़्म से मगर, कुछ दिल ही जानता है कि किस दिल से आये हैं..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0270
Shayari@shayari6·31 Mayअब अपना इख़्तियार है चाहें जहाँ चलें, रहबर से अपनी राह जुदा कर चुके हैं हम..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0280
Shayari@shayari6·31 Mayएक-एक करके हुए जाते हैं तारे रौशन, मेरी मंज़िल की तरफ़ तेरे क़दम आते हैं..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0140
Shayari@shayari6·31 Mayजो दिल से कहा है,जो दिल से सुना है सब उनको सुनाने के दिन आ रहे हैं..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0190
Shayari@shayari6·31 Mayक्या जानें किसको किससे है अब दाद की तलब, वह ग़म जो मेरे दिल में है ,तेरी नज़र में है..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0180
Shayari@shayari6·31 Mayआज उनकी नज़र में कुछ हमने, सबकी नज़रें बचा के देख लिया..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0050
Shayari@shayari6·31 Mayदोनों जहान तेरी मुहब्बत में हार के, वो जा रहा है कोई शबें-ग़म गुज़ार के..!! (फ़ैज़)Çevir हिन्दी0140