
सांसद की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की भाषा कतई ऐसी नहीं हो सकती। कल नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण की बाराबंकी में रैली थी, वहां पर उन्होंने अपने बात को अमर्यादित तरीके से रखा जो एक सभ्य समाज के लिए बेहद शर्मनाक बात है। उन्होंने मंच से धमकी भरे लहज़े में कहा कि, "मैं चमड़े की चप्पल पहनकर आया हूं, हमारा झंडा-डंडा दोनों मजबूत है, हम चमड़ा उतारना जानते है, उसका जूता बनाना भी जानते है और समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते है।" ऐसे भाषण कार्यकर्ताओं को केवल भड़काने का काम करते हैं।























