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यह तस्वीर मुझे किसी के पोस्ट से मिली..यह दृश्य किसी सभ्य समाज का नहीं,बल्कि एक ऐसे तंत्र का प्रतीक है जो इंसानियत को कुचल कर नियमों की आड़ में अपनी संवेदनहीनता छिपाता है।एक पति, जिसने अपनी पत्नी को खो दिया..वह पत्नी जो उसे आज़ाद देखने के लिए रोज जेल के चक्कर लगाती थी..1/5 #india


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