Manisha dataram

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@ssdataram1

जय श्री श्याम

राजगढ़ Katılım Mart 2017
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Chandra Shekhar Aazad
Chandra Shekhar Aazad@BhimArmyChief·
देश की सबसे बड़ी शिक्षा संस्थाओं में से एक, केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में आज भी जातिवादी सोच गहराई से जड़ें जमाए हुए है। यह संस्थागत भेदभाव न केवल संविधान की आत्मा के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना का भी घोर उल्लंघन है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नई दिल्ली द्वारा प्राचार्य पद हेतु सीधी भर्ती (2022) में आरक्षित वर्गों के साथ किया गया सुनियोजित भेदभाव न केवल सामाजिक न्याय की मूल भावना के खिलाफ है, बल्कि यह भारतीय संविधान में निहित समानता, आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रावधानों का भी स्पष्ट उल्लंघन है। आँकड़े खुद बोलते हैं:- * सामान्य श्रेणी में अंतिम चयनित अभ्यर्थी को मिले: 71.33% अंक * OBC के प्रथम अभ्यर्थी को मिले: 69.67% अंक * SC/ST के प्रथम अभ्यर्थी को मिले: 66.74% अंक ये अंतर बताता है कि साक्षात्कार में जानबूझकर कम अंक देकर बहुजन वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सामान्य मेरिट से सोच-समझकर बाहर कर दिया गया। यही नहीं, KVS ने लिखित परीक्षा के अंक आज तक सार्वजनिक नहीं किए। RTI के जवाब में वेबसाइट पर डालने का झूठा भरोसा दिया गया – लेकिन महीनों बाद भी अंधेरा कायम है। साक्षात्कार को श्रेणीवार (category-wise) करना खुद एक प्रमाण है कि प्रक्रिया मनमानी और पक्षपातपूर्ण थी। अन्य भेदभाव निम्न हैं:- 1. 14 अप्रैल को कार्यक्रमों की उपेक्षा: हर वर्ष 14 नवंबर (बाल दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती), और अन्य अवसरों पर विद्यालयों में महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। परंतु 14 अप्रैल – भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर किसी प्रकार का औपचारिक कार्यक्रम नहीं किया जाता। यह संविधान निर्माता के साथ संस्थागत उपेक्षा है। 2. 26 नवंबर – संविधान दिवस की उपेक्षा: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को भी अन्य महापुरुषों को सम्मानित किया जाता है, परंतु संविधान निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि तक नहीं अर्पित की जाती। इसी प्रकार 26 नवंबर – संविधान दिवस पर भी केन्द्रीय विद्यालयों में औपचारिक आयोजन का अभाव है, जो बेहद चिंताजनक है। व्यापक जन समस्याएं:- 1. मेडिकल सुविधा में कटौती: पूर्व में केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के कर्मचारियों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों एवं सरकारी अस्पतालों – दोनों में चिकित्सा सुविधा प्राप्त थी। परंतु हाल ही में यह सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह सुविधा पूर्ववत बहाल की जानी चाहिए। 2. Half Pay Leave की बाध्यता: KVS कर्मचारियों को बीमारी की स्थिति में Half Pay Leave दी जाती है, जिससे वेतन में कटौती होती है। यह व्यवस्था अन्यायपूर्ण है। इसके स्थान पर बिना वेतन कटौती के Medical Leave की व्यवस्था की जाए, ताकि कर्मचारी सम्मानपूर्वक स्वस्थ हो सकें। हम @mygovindia और @KVS_HQ से स्पष्ट और ठोस माँग करते हैं: 1. लिखित व साक्षात्कार दोनों के अंक तत्काल सार्वजनिक किए जाएं। 2. जातिवार चयन सूची जारी की जाए। 3. साक्षात्कार में पक्षपात की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 4. भविष्य में श्रेणीवार साक्षात्कार की प्रणाली समाप्त हो – यह आरक्षण व्यवस्था की आत्मा के विरुद्ध है। 5. KVS कर्मचारियों की मेडिकल सुविधा पहले की तरह सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में भी बहाल की जाए। 6. Half Pay Leave के स्थान पर Medical Leave का विकल्प दिया जाए – कर्मचारियों की सेहत और गरिमा से समझौता नहीं चलेगा। 7. 14 अप्रैल (बाबा साहब जन्मजयंती) और 26 नवंबर (संविधान दिवस) को केंद्रीय विद्यालयों में अनिवार्य रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाएं – जैसे 2 अक्टूबर, 14 नवंबर को होते हैं। बाबा साहब को नजरअंदाज करना संविधान की आत्मा से गद्दारी है। @EduMinOfIndia @dpradhanbjp
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
इसीलिए मजबूत विपक्ष जरूरी है, ये इंडिया गठबंधन की जीत है !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री ने विपक्ष से नहीं, बल्कि मोहन भागवत से प्रधानमंत्री आवास में मुलाकात की है। क्या संघ अब राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में भी निर्णय लेगा? क्या लोकतंत्र में चुनी हुई विपक्षी आवाज़ें अब अहम नहीं रहीं?
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
● एंकर - क्या जातिगत जनगणना होनी चाहिए ? ● कंगना - बिलकुल नहीं ! यह बयान साफ़ दिखाता है कि बीजेपी जातिगत जनगणना के हमेशा खिलाफ रही है। #CasteCensus
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Rajxpression
Rajxpression@rajxpression·
सोचो! सिर्फ ‘जय भीम’ बोलने पर एक लड़के को नंगा कर के मारा गया। ये हमला सिर्फ एक इंसान पर नहीं, हमारी पूरी पहचान पर है। अब भी अगर चुप रहे तो कल हर ‘जय भीम’ बोलने वाला यूं ही कुचला जाएगा। अगर ज़मीर ज़िंदा है तो करो Retweet ताकि सड़ती सोच को करारा जवाब मिले।@aligarhpolice
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
A devastating forest fire in Dirang, West Kameng (Arunachal Pradesh) has ravaged ancient forests and endangered local tribal lives and wildlife. Immediate action is needed — or we risk losing our precious ecosystems forever.
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akansha
akansha@AkanshaShreyan·
दलित नेता इसीलिए चाहिए ताकि आये दिन हो रहे दलितों पर अत्याचार कम हो सके...
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Sumit Chauhan
Sumit Chauhan@Sumitchauhaan·
क्या ये आतंकवाद से कम है? जाति पूछकर मारने वालों को आतंकवादियों की तरह सज़ा क्यों नहीं मिलती?
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
ये तस्वीर कैलिफोर्निया के जंगल की नहीं, मेरे सपोटरा विधानसभा के पड़ोसी गांव लुलौज के पहाड़ों की हैं। जहां ऊपर पहाड़ियों में दिनभर से भीषण आग लगी हुई है। आग की लपटों ने वहां के हरे-भरे पेड़-पौधों और जमीनी जीव-जंतुओं को जलाकर राख कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि तेज हवा या आंधी के झोंके से कभी भी यह आग गांव तक पहुंच सकती है और पूरा गांव जलकर खाक हो सकता है। दुखद बात यह है कि अब तक शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मैं सरकार और प्रशासन से मांग करता हूं कि इस विकराल आग को बुझाने के लिए तुरंत प्रभावी और ठोस प्रयास किए जाएं, ताकि गांव और पर्यावरण को इस विनाशकारी आपदा से बचाया जा सके।
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
धर्म नहीं, जाति देखकर भेदभाव किया जाता हैं !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
आतंकवाद सिर्फ सीमाओं पर नहीं, बल्कि देश के अंदर भी फैला हुआ है। वहाँ धर्म के नाम पर मारा जा रहा है, यहाँ जाति के नाम पर। हम सभी को एकजुट होकर इसे समाप्त करने का संकल्प लेना होगा।
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Neha Singh Rathore
Neha Singh Rathore@nehafolksinger·
बीएसएफ़ के जवान पूर्णम साहू एक सप्ताह से पाकिस्तान के क़ब्ज़े में हैं. उनकी पत्नी गर्भवती हैं और अपने पति को वापस लाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. उनका साथ दीजिये…उनकी आवाज़ बनिये. ये काम हमें और आपको ही करना होगा… …भाजपा और आईटी सेल के पास गाली-गलौज़ के दूसरे काम हैं.
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
धर्म नहीं, जाति देखकर हमला किया !
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
पीड़ित बेटी आदिवासी थी इसलिए इस घटना पर सब चुप हैं !
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
संविधान की शपथ लेकर पाखंड का प्रचार करना सिर्फ पद का नहीं, देश का भी अपमान है।
Hansraj Meena@HansrajMeena

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री जैसे नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे समाज में पाखंड और अंधविश्वास को समाप्त करें और नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जागरूकता पैदा करें, ताकि एक सशक्त और प्रगति की ओर बढ़ता हुआ समाज बन सके। लेकिन जब संवैधानिक पद पर बैठी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता धीरेंद्र शास्त्री जैसे पाखंडी लड़के की आरती उतारती हैं जो देश के संविधान को मिटाकर हिंदू राष्ट्र की स्थापना की बात करता हैं और समाज में अंधविश्वास, नफरत फैलाने की कोशिश करता हैं, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि समाज में बुराई और अव्यवस्था को बढ़ावा देने जैसा है। इस तरह के कृत्य, समाज को पीछे धकेलने के साथ एक अंधकारमय भविष्य की ओर ले जाते हैं।

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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
धर्म नहीं जाति देखकर हमला किया गया। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के लीलदा गांव में 33 वर्षीय दलित युवक जगदीश जाटव के शव को जलाने से रोका गया, उसके परिजनों पर पथराव किया गया और मृत्यु के बाद भी उनकी गरिमा को नकारा गया। यह समाज और प्रशासन दोनों की विफलता को दर्शाता है।
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