सुरेंद्र सिंह राठौड़ 🔆

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सुरेंद्र सिंह राठौड़ 🔆 banner
सुरेंद्र सिंह राठौड़ 🔆

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@surendrasay

A tax payer citizen ✌️✌️

Surat, India Katılım Mayıs 2018
81 Takip Edilen285 Takipçiler
Darvas Box Trader
Darvas Box Trader@darvasboxtrader·
If you are related to Political party, you don't need "Number Plate" "Naam Chale" #DARVAS🥸
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Subodh Kumar
Subodh Kumar@subodhsingh_·
🔥 BHEL BREAKOUT ALERT! 📈 From Consolidation → Explosion 🚀 What’s Happening? • Multi-month downtrend line finally broken • Strong bullish momentum candle • Price near ₹310 zone – key breakout level 📊 Smart Money Signals: ✅ Higher highs & higher lows forming ✅ Volume expansion (buying interest rising) ✅ PSU + Power sector tailwinds ⚡ 🎯 What Next? • Above ₹310 → Momentum rally possible • Retest = Opportunity 👀 💡 Big Picture Insight: “जब PSU + Power theme चलता है… तो stocks सिर्फ चलते नहीं — उड़ते हैं 🚀” #stockmarket #nifty #breakoutstock #trading
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Shani Bishnoi
Shani Bishnoi@ShanixdevvX·
@surendrasay Bhai Me khel nahi rha is Madarchod market ko Jiske Irade hi sabko loss karwaneke hai Data bC pura bearish hai
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ASAN
ASAN@Atulsingh_asan·
18 महीने के कंसोलिडेशन में ही 35 लाख लोग सरेंडर कर गए । शेयर बाज़ार में पैसे कमाने के लिए बाघ 🐅 का करेजा चाहिए
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सुरेंद्र सिंह राठौड़ 🔆
@ranvijaylive कर्ज और emi लेकर घर बनाना ओर मौज करना आदमी को नर्क की ओर ले जाता हे हर बार सरकार को कोसने की बजाय सुधार करने की जरूरत हे
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Ranvijay Singh
Ranvijay Singh@ranvijaylive·
"मैं अपनी लाइफ में अच्छा नहीं कर पाया. बहुत परेशान हूं. मेरे मरने के बाद लोन भरने की जरूरत नहीं, मेरा डेथ सर्टिफिकेट बैंक में जमा करवा देना." - 35 साल के अंकित ने ये बात लिखकर फांसी लगा ली अंकित यूपी के हमीरपुर में जनसेवा केंद्र चलाते थे. हाल ही में लोन लेकर घर बनाया, लेकिन इसकी EMI भरने जितनी भी कमाई नहीं हो रही थी. घर के कर्ज के अलावा भी कई कर्ज थे, क्योंकि कमाई थी नहीं और जरूरतें बढ़ती गई. बच्ची के इलाज में ही बहुत पैसा जा रहा था. आर्थिक तंगी और कर्ज ने ऐसा फंदा बनाया कि अंकित की जान चली गई. इतना ही नहीं... 10 महीने पहले अंकित के छोटे भाई ने भी बेरोजगारी से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी. ये वो असल भारत की कहानी है, जो आपको IMF के आंकड़ों में नजर नहीं आएगी. ये वो असल भारत है, जहां कर्मचारी 10-12 साल से 9-10 हजार में काम करने को मजबूर है. आपसे बात चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था की होगी, लेकिन इस सच्चाई को छिपाया जाएगा, जहां अंकित जैसे कितने ही लोग रोज जान दे रहे हैं. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक- 2023 में आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से 9,619 लोगों ने आत्महत्या की. ध्यान रहे.. ये सरकारी आंकड़ा है, और आप जानते हैं सरकारी आंकड़ा कैसा होता है. असल हालात बहुत भयावह हैं. सबकी महंगा मशरूम खाने की हैसियत नहीं. देश के 80 करोड़ गरीब तो सरकारी राशन पर पल रहे हैं.
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