तपस मिश्रा

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@tapsmishra

(https://t.co/kbYDqO1oeS Ayodhya ) Agronomist (कृषिमान) ,environmentalist from,sultanpur Utter Pradesh India

sultanpur Uttar Pradesh Katılım Mayıs 2018
99 Takip Edilen81 Takipçiler
तपस मिश्रा
चालान तो ठीक है , हाथ उठाना मारने के लिए , अपशब्द बोलना ये सब आपलोगो को वर्दी पहनते ही मिल जाता है क्या , आप लोग के साथ नेता लोग जो सलूक करते है वो ऐसे पुलिस वाले को देख के लगता है कि सही ही करते है ।
Ajeet Singh@ajeet182112414

@tapsmishra @khurpenchh लगता है इनका चालान हुआ है 😝

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तपस मिश्रा
पुलिस चेक करे , कमी है चालान काटे , किसी को मारने के लिए हाथ उठाना बदतमीजी करना ये अधिकार इनको कैसे मिल जाता है ।
Ankur Mishra@Ankur_mishra32

@tapsmishra @khurpenchh वसूली करते हैं तो उसका वीडियो बनाओ, बाकी पुलिस अपने क्षेत्र में चेकिंग तो करेगी ही ।

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तपस मिश्रा
सुनो महोदय पुलिस का काम है गाड़ी चेक करना कुछ कमी है तो चालान काटो किसी के ऊपर हाथ उठाने , गाली देने का अधिकार तुम्हारे पापा दिए है पुलिस को
चौधरी@ajayy1055

@tapsmishra @khurpenchh ऐसे चटक चूतिया आजकल बहुत घूमते मिल जाएँगे सड़को पे जिनके पास ख़ुद तो कोई काम है नहीं और इनको ये भी भी पता पुलिस का अपना थाना या चौकी छेत्र होता है उसमे कहीं भी पुलिस चेकिंग कर सकती है

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तपस मिश्रा
Dear @khurpenchh ये बैंतीकलां टोल प्लाजा है थाना चांदा के अंतर्गत आता है , आज एक हफ्ते से शाम को 2 पुलिस वाले बिना किसी अथॉरिटी के यहां खड़े हो जाते है और आने जाने वाले टूव्हीलर गाड़ियों को रोक के वसूली करते है मारपीट की धमकी देते है थाने में बंद करने की धमकी देते है ।
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
सुनिये @SultanpurDm जी इनका नाम धर्मराज यादव है, ये NH731 चांदा सुल्तानपुर के किनारे एक चाय की टपरी चलाते है, इनका घर यहाँ से 4 km दूर है , इनके लिए तत्काल ट्राई साइकिल का प्रबंध कराया जाय।
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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra

@khurpenchh dear खुरपेंच ये है धर्मराज यादव ,एक पैर से पूरी तरह दिव्यांग, ये NH731 चांदा सुल्तानपुर के किनारे एक चाय की टपरी चलाते है और स्वाभिमान से जीते है ,इनका घर 4 km दूर है ,इनको अगर एक ट्राई साइकिल इलेक्ट्रिक वाली मिल जाती तो इनका भला हो जाता। उम्मीद है खुरपेंचई होगी

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तपस मिश्रा
@khurpenchh dear खुरपेंच ये है धर्मराज यादव ,एक पैर से पूरी तरह दिव्यांग, ये NH731 चांदा सुल्तानपुर के किनारे एक चाय की टपरी चलाते है और स्वाभिमान से जीते है ,इनका घर 4 km दूर है ,इनको अगर एक ट्राई साइकिल इलेक्ट्रिक वाली मिल जाती तो इनका भला हो जाता। उम्मीद है खुरपेंचई होगी
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#SudharJaoFSSAI FSSAI ये कोई आपके इगो की बात नहीं है ,आपसे ईमानदारी से काम करने की ही तो उम्मीद कर रहे है, देश का आम नागरिक जिस तरह इसरो , डीआरडीओ सेना आदि बहुत सी संस्थाओं की इज्जत करता है वैसे आपकी भी करेगा ,बस आपलोग उस निडरता से काम तो करिए ।
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
हमने कोई भी ट्वीट डिलीट नहीं किया है न ही करेंगे , हम अपनी बात पर कायम है हमने जो भी दस्तावेज पेश किए वो FSSAI की इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट थी, इंटरनल कमेटी के जो भी इंप्रेशंस थे हमने वैसे ही सोशल मीडिया पर डाल दिए , हम इस कानूनी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, @FSSAI यही रिपोर्ट की पीडीएफ है न ? पन्ने गिन लो।
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
एक पेड कैंपेन चलवाई जा रही है कि ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स लीक कैसे हुए , डिपार्टमेंट्स कितनी RTI के जवाब देते हैं? हमने 500 RTI डाल रखी हैं अब तक मुश्किल से 50 का भी जवाब सही से नहीं आया है , या तो जवाब मिलता है तो आधा अधूरा , असली बात तो यही है कि देश में ट्रांसपेरेंसी क्यों नहीं है ? कैसे इन अधिकारियों की एकाउंटेबिलिटी फिक्स की जाए ? खुरपेंच टीम का उद्देश्य संवैधानिक दायरे में रहकर सिस्टम को अकाउंटेबल और ट्रांसपेरेंट बनाने का है। जय हिंद जय भारत , I LOVE MY COUNTRY MORE THAN ANYTHING ELSE
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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
@BSNLCorporate, ऐसे अधिकारियों को हटाओ जो देश के लोगे के टैक्स के पैसे से अय्याशी कर रहे है । #RemoveBanzal
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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
मुझे फॉलो करो क्योंकि 1- मैं वास्तविक रूप से ग्रामसभा,ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर अधिकारियों एवं नेताओं के गठजोड़ से व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करना चाहता हूं । 2- ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी , लेखपाल जैसे तमाम अधिकारी कार्टेल बना के करप्शन करते है ।
खुरपेंच@khurpenchh

मै अपनी फॉलोइंग लिस्ट बढ़ा कर एक हजार करना चाहता हूं, आप बताइए कि मैं आपको क्यों फॉलो करूं? हम दोनों लोग जनता के मुद्दे मिलकर कैसे उठा सकते हैं?

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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
ह तो भाई पंडित जी ! चुनाव आने वाला है ,आप फिर राजनीति के केंद्र में होंगे , सत्ता इधर से उधर करेंगे फिर अगले पांच साल यूनिवर्सिटी में चौराहों पर , सोशल मीडिया में गाली खायेंगे मुर्दाबाद के नारे लगेंगे और चुनाव के टाइम फिर कालर झाड़ के कुर्सी इधर से उधर करिएगा ।@Shubhamshuklamp
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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
@PMOIndia क्या देश का कानून इतना कमजोर हैं कि ऐसे जाहिल गवारो पागल कुत्तों को कोर्ट कचहरी का कोई भय नहीं @ajeetbharti क्या ऐसे लोगों के लिए हमारे वीर महान क्रांतिकारियों ने गोली खाई थी@Shubhamshuklamp क्या इनका कोई कानूनी इलाज नहीं है अगर इस पर कुछ नहीं हुआ तो मैं देश छोड़ दूंगा
Nitin Meshram@nitinmeshram_

मैं मंगल पांडे को देशभक्त नहीं, बल्कि देशद्रोही मानता हूँ। यदि 1857 का विद्रोह सफल हो जाता, तो मुग़ल साम्राज्य की पुनर्स्थापना हो जाती, बहादुर शाह ज़फ़र शहंशाह बन जाता, पूरा भारतीय उपमहाद्वीप पाकिस्तान बन जाता, और यह देश कभी भारत नहीं बन पाता, न ही देश में लोकतंत्र आता। जय भीम, जय भारत।🙏🏽

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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
अबे मूर्ख ! जनता को चूतियाँ बनाना बंद कर दे । सारा निर्णय सैन्य स्तर पर ही होता है , जो उचित समझो करो ' यानी सेना निर्णय ले की क्या करना है सेना नीति की समझ सेना को होती है pm को नहीं है । मूर्ख कही का ।
Ranvijay Singh@ranvijaylive

राहुल गांधी को संसद में मोदी सरकार ने बोलने नहीं द‍िया, क्‍योंक‍ि वो जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाश‍ित क‍िताब - Four Stars of Destiny का एक ह‍िस्‍सा पढ़ना चाहते थे. अब आप खुद वो ह‍िस्‍सा पढ़ ल‍िज‍िए- फ‍िर जो उच‍ित लगे, वो कीज‍िए. मैं चला झोला उठाकर😉 31 अगस्त 2020 को शाम 8:15 बजे, भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को एक फोन कॉल आया. सामने से जो जानकरी म‍िली वो बेहद च‍िंत‍ित करने वाली थी. चार चीनी टैंक, पैदल सैनिकों के साथ, पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर चढ़ना शुरू कर चुके थे. जोशी ने इस गतिविधि की सूचना सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को दी, जिन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझ लिया। ये टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय मोर्चों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे.भारतीय सैनिकों ने एक चेतावनी के तौर पर आसमान में ऐसे गोले दागे जो स‍िर्फ लाइट करते हैं. इसका कोई असर नहीं हुआ. चीनी आगे बढ़ते रहे. इसके बाद नरवणे ने भारत के राजनीतिक और सैन्य लीडरश‍िप के प्रमुख लोगों को लगातार फोन करना शुरू कर दिया - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस जयशंकर. नरवणे लिखते हैं: “मैंने हर एक से यही सवाल पूछा - मेरे ल‍िए क्‍या आदेश हैं? स्थिति तेजी से बिगड़ रही थी और स्पष्टता की जरूरत थी. एक मौजूदा प्रोटोकॉल था. नरवणे को स्पष्ट आदेश थे कि “शीर्ष स्तर से अनुमति मिलने तक” गोली नहीं चलाई जाएगी. ऊपर से कोई साफ आदेश नहीं द‍िया गया. समय बीतता गया... रात 9:10 बजे जोशी ने नरवणे को फिर फोन किया. चीनी टैंक अब एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर थे. 9:25 बजे नरवणे ने राजनाथ को फिर फोन किया और “स्पष्ट दिशा-निर्देश” मांगे, लेक‍िन कोई जवाब नहीं आया। इसी बीच, चीनी सेना के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन का एक संदेश आया, कहा गया क‍ि - सुबह मीट‍िंग करेंगे. लेक‍िन चीन की सेना रुक नहीं रही थी, वो आगे बढ़ रही थी. नरवणे याद करते हैं कि जोशी ने कहा था - इन्हें रोकने का एकमात्र तरीका हमारी मीडियम आर्टिलरी से फायर करना है, जो तैयार खड़ी है। पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर आर्टिलरी द्वंद्व आम बात थी, जहाँ डिवीजनल और कोर कमांडरों को सैकड़ों राउंड रोजाना बिना ऊपरी स्तर से पूछे चलाने का अधिकार होता था... लेकिन यह चीन था. यह अलग था. चीन के साथ आर्टिलरी द्वंद्व बहुत बड़ी चीज में बदल सकता था. नरवन लिखते हैं: “मेरी स्थिति बेहद नाजुक थी.” वे एक तरफ कमान के बीच फंसे थे जो “सभी संभव साधनों से गोली चलाना चाहती थी”, और दूसरी तरफ मोदी सरकार के लोग जो “अभी तक मुझे स्पष्ट कार्यकारी आदेश नहीं दे पा रहे थे”. आर्मी मुख्यालय के ऑपरेशंस रूम में विकल्पों पर विचार हो रहे थे और खारिज किए जा रहे थे. पूरा उत्तरी मोर्चा हाई अलर्ट पर था. संभावित टकराव वाले इलाकों पर नजर रखी जा रही थी. नरवणे ने रक्षा मंत्री को फिर फोन किया, जिन्होंने वापस कॉल करने का वादा किया. समय खिंचता गया. हर मिनट चीनी टैंक और करीब आ रहे थे. राजनाथ ने 10:30 बजे वापस फोन किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी. मोदी के निर्देश सिर्फ एक वाक्य में थे: “जो उचित समझो, वो करो”. मतलब यह “पूरी तरह सैन्य फैसला” होना था. मोदी से सलाह ली गई थी. उन्हें पूरी जानकारी दी गई थी. लेकिन उन्होंने खुद फैसला लेने से इनकार कर दिया. नरवणे याद करते हैं: “मुझे एक गरम आलू थमा दिया गया था. इस पूर्ण छूट के साथ अब सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई थी.”

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तपस मिश्रा
तपस मिश्रा@tapsmishra·
इक बात बताओ , सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अध्यादेश लाका पलट दिए sc st एक्ट वाला , कैसे भरोसा करे , गांव गाली चौराहे यूनिवर्सिटी, कॉलेज हर जगह मोदी जी के लिए लड़े हम , और आप लोग कानून बनाओ हमारे भाई बच्चों के खिलाफ , साफ साफ कह देता हूं इ सब दोहरा मापदंड अब नहीं चलेगा ।।
Dr Nishikant Dubey@nishikant_dubey

UGC पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी,पिछले 2 दिनों से संसद जा रहा हूँ,किसी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने इसपर चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा? उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली,उसी को गाली । मैं दुबारा आपसे करबद्ध निवेदन करता हूँ कि मोदी जी पर भरोसा रखिए, संविधान की धारा 14 एवं 15 के तहत ही देश के क़ानून चलेंगे । सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा

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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
ब्राह्मण कौम विदेशी है, इनका DNA यूरेशी है, और इनके घर में AC है, अब समय आ गया है कि भारत सरकार इन विदेशियों को या तो देश निकाला दे या फिर अरब सागर में धकिया दे।
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