
एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर है। 12 साल में मोदी जी ने जो ढाँचा खड़ा किया - वह सिर्फ़ अडानी और अंबानी के लिए था। और, अब वही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है। चोट उन्हें नहीं लगेगी - उनके पास निकलने के रास्ते हैं। चोट आपको लगेगी - युवाओं को, ग़रीबों को, मध्यमवर्ग को, किसानों को, मज़दूरों को, छोटे व्यापारियों को - जो कभी इस ढाँचे का हिस्सा थे ही नहीं। अपने आसपास देखिए। क्या आप उस ढाँचे का हिस्सा हैं - या उस तूफ़ान का शिकार?




