alchemist
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@unmappedBrain
learner,बस एक आवाज़ उठाने के लिये यहाँ हूँ, पहचान क्या बनाऊँ






सहमती के यौन संबंध के नाम पर उम्र कहाँ तक कम करेंगे साहब ? यह कहानी 16-17 पर नहीं रुकेगी ! एक पूरा एजेंडा चल रहा है इस आयु को ऐज ऑफ़ प्यूबर्टी तक ले कर आने के लिए साहब ! एक्सपेरिमेंट में जिन बच्चों का जन्म होगा उनका क्या होगा साहब ! स्कूलों में कंडोम की मशीन लगेंगी साहब ! एबॉर्शन सेंटरो के बाहर नाबालिकों की भीड़ लगेगी साहब ! किशोर प्रेम में आत्महत्या और ऑनर किलिंग बढ़ेंगी साहब ! पश्चिम बंगाल में एक 15 साल की बच्ची के साथ एक 25 साल के आदमी ने बलात्कार किया और इसको सहमती से संबंध का नाम दे दिया आज फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो को इस तरह के मामले में ग़ैर ज़रूरी माना है। पिछले कई वर्षों से हम लोग माननीय न्यायालय को इस तरह के केसेस में ज़मीनी सच्चाइयों से अवगत करवाते आ रहे हैं। इस तरह का एक केस काफ़ी एडवांस स्टेज पर है और प्रभावित होने पक्षों जैसे अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग ट्रैफिकिंग के पीड़ित - पॉक्सो की पीड़िताएं और मुस्लिम भी माननीय न्यायालय में गुहार लगाने आ चुके हैं । संभवतः आज माननीय न्यायालय के पटल तक इस तथ्य की जानकारी नहीं पहुँच पाई है। यदि एक समान एक मामले में इतने सारे गरीब शोषित पीड़ितों की आवाज़ सुने बग़ैर उसी तरह के दूसरे मामले में निर्णय हो जाएगा तो बहुत सारे प्रभावित पक्ष बिना सुनवाई के रह जाएँगे,बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण काम हो जाएगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि माननीय न्यायालय आज सुने गए मामले को पुराने चल रहे मामले में सम्मिलित कर के सभी को सुनवाई का अवसर देंगे । भारत की अदालत दुनिया के न्याय की आत्मा है,देश की बेटियों की सुनवाई जरूर होगी । इस मामले में बहुत कुछ दांव पर है -यदि सहमति की आयु कम हुई तो- १. मुस्लिम लड़कियों की शरीया के अनुसार शादी कम उम्र होगी जिससे लड़कियों का जीवन खतरे में आएगा और देश की डेमोग्राफी तेज़ी से बदलेगी। २ ट्रैफ़िकिंग में सहमति एक ज़रिया है। ३. मज़हबी आधार पर होने वाले यौन प्रलोभन वाले धर्मांतरण को रोकना कठिन हो जाएगा। बाक़ी क्रमशः



जब करनी थी दलित राजनीति, तब पूरा कुनबा लेकर केतन के गाँव पहुँच गया था BHIM ARMY का 'रावण' हाईकोर्ट ने करवाई जांच तो सामने आई नाबालिग से दुष्कर्म की बात, अब दिए गए हैं POCSO के आदेश @RitikaChandola पूछ रही हैं कि क्या अब पीड़िता के परिवार से मिलने भी जाएगा 'लेफ्ट लिबरल गिरोह' और 'दलित चिंतक' कुनबा?




Please spare just 2 minutes to watch this video. Can a film be stopped? Yes. Can history be erased? I don’t think so. In this short vlog, I share my thoughts on #Satluj, memory, and why the past cannot simply be wished away.








