
मैं श्री @prasadvedpathak जी से पूछना चाहता हूँ कि यदि जैन समाज द्वारा सफेद पेंट आपको इतनी आपत्तिजनक लगती है, तो क्या सार्वजनिक सड़कों को घंटों बाधित कर होने वाली नमाज़ एवं लव ज़िहाद पर भी आपकी यही संवेदनशीलता दिखाई देती है?
मानदंड सबके लिए समान होने चाहिए। यदि सफेद पेंट आपको समस्या लगता है, तो सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाली हर गतिविधि पर भी उतनी ही स्पष्टता से बोलिए।
आशा करता हूँ जवाब जरूर देंगे।
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