


Ben
7.7K posts





High time for @realpreityzinta and the @IPL to think about Himalayan IPL team. Majority of people in HP and J&K never felt connected with "Kings XI Punjab anyways". We want a Pan Himalayan franchise representing every hill state from North to East.


जाति और जाति का नकली श्रेष्ठता बोध व्यक्ति या समाज को किस कदर हैवानियत पर उतार सकता है, इसका एक उदाहरण है, 9 मई 1980 का कफल्टा कांड या कहिये कि नरसंहार. दलित के बारात में घोड़े चढ़ने से शुरू हुआ विवाद 14 लोगों को जिंदा जलाए जाने के बाद ही थम सका. उस आग में सिर्फ 14 लोग ही नहीं जले, मनुष्यता ही भस्म हो गयी. उत्तराखंड का समाज सवर्ण बाहुल्य है और आम तौर पर लोग कहते हैं कि यहां जातीय भेदभाव नहीं है. जो जन्मना तथाकथित तौर पर उच्च हैं, उनसे तो कहीं भी भेदभाव नहीं होता है. जो पैदा होने भर से जाति के आधार पर निचले पायदान पर धकेल दिये गए, उनसे पूछिये- भेदभाव होता है कि नहीं ! तब पता चलेगा कि कुछ को पैदा होते ही कितने विशेषाधिकार मिले और कुछ के हिस्से में बिना किसी अपराध के भी सिर्फ जन्म के आधार पर कितनी क्रूरता और जलालत आई. कफल्टा से यह सिलसिला रुका नहीं बल्कि जातीय भेदभाव समय- समय पर नित नए छोटे- बड़े कफल्टा रचता रहता है ! जाति के ज़हर से मुक्ति पाए बगैर समाज आगे नहीं बढ़ सकता. और यह जान लीजिये कि धर्म के कांधे पर सवार हो कर फलने- फूलने वाली राजनीति मजबूत होगी तो जातीय भेदभाव का जहर भी समाज की नस- नाड़ियों में और गहरे पैबस्त होगा.






जब एक स्त्री झूठ बोल कर किसी पर आरोप लगाती है तो पूरा समाज उस पाप का भागीदार बनता है 🙏 गुरुजी को कोटि कोटि धन्यवाद जिन्होंने यह बात कही 🙏











चंपावत दुष्कर्म मामले में पुलिस ने दावा करते हुए कहा है कि जांच में एक सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार नाबालिग को बहला-फुसलाकर बदले की भावना से पूरा घटनाक्रम रचा गया। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक, तकनीकी और फॉरेंसिक जांच में नामजद आरोपियों की घटना स्थल पर मौजूदगी नहीं मिली, जबकि मेडिकल जांच में भी जबरदस्ती या संघर्ष के स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। पुलिस ने बताया कि मामले में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और यदि आरोप मनगढ़ंत पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Image For Representation Only

