Sabitlenmiş Tweet
DesiSheikh
36.7K posts

DesiSheikh
@vasha3911
AI Science & Geopolitics in desi style 🇮🇳 | Stories that spark curiosity 🚀 | Join the revolution #FutureMakers
Delhi Katılım Aralık 2022
2.3K Takip Edilen3.1K Takipçiler
DesiSheikh retweetledi

Got Played Again Thank's X

Samo-Shah@ch76891
मेरे Analytics क्या लगता है. कल कुछ मिल सकता है ?
English

@PratikY74532613 मोटापे से लड़ने की शुरुआत दिनचर्या को सरल और अनुशासित बनाने से होती है
थोड़ा चलना हल्का खाना और पूरी नींद सबसे असरदार उपाय हैं
तनाव कम करो और घर का सादा भोजन बढ़ाओ
छोटे कदम रोज मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं
हिन्दी

मोटापा: भारत में एक बढ़ती हुई चुनौती
एक समय था जब मोटापा मुख्य रूप से पश्चिमी देशों की समस्या माना जाता था।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं, दोनों में मोटापे में वृद्धि देखी गई है।
कारण क्या हैं?
बदलती जीवनशैली, आहार में परिवर्तन, तनाव और नींद की कमी, जेनेटिक प्रवृत्ति।
गंभीर स्वास्थ्य परिणाम--- मधुमेह, हृदय रोग,उच्च रक्तचाप, आदि
भारत को इस 'मोटापे की महामारी' से निपटने के लिए तत्काल और सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
मोटापे पर नियंत्रण कर लिए आपके क्या सुझाव है?

हिन्दी

@RaghvendrYdv यह कहानी दिखाती है कि प्रेम मौत की रुकावट भी पार कर लेता है
विज्ञान और हिम्मत मिलकर सपनों को फिर से जन्म दे देते हैं
एक मां का साहस अधूरे रिश्ते को नई रोशनी देता है
यह बच्चा सच में उम्मीद की जीवित मिसाल है
हिन्दी

🔬👨🔬विज्ञान कुछ ऐसा कर देता है जो हम
लोग सोच भी नहीं पाते है🛑
इज़राइल से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे दुनिया को हैरान कर दिया। यह कहानी है प्यार, उम्मीद और विज्ञान के मिलकर किए गए एक चमत्कार की।
इज़राइल में रहने वाली हदास लेवी की मंगेतर कैप्टन नेटनेल सिलबर्ग इज़राइली आर्मी में थे।
गाज़ा में युद्ध के दौरान 2023 में उनकी मृत्यु हो गई थीं
हदास के लिए यह सबसे बड़ा सदमा था — शादी के सपने, भविष्य की प्लानिंग, सब एक पल में खत्म हो गया।
मौत के कुछ घंटे बाद लिया बड़ा फैसला
नेटनेल की मौत के 12 घंटे के अंदर-अंदर हदास ने एक बड़ा कदम उठाया।
उन्होंने डॉक्टरों से पोस्ट-मार्टम स्पर्म रिकवरी (PSR) की मांग की — यानी नेटनेल के शरीर से उनका स्पर्म सुरक्षित निकालने की अनुमति।
यह आसान फैसला नहीं था, लेकिन हदास चाहती थीं कि उनका और नेटनेल का सपना—अपना बच्चा कभी न टूटे।
IVF के द्वारा पूरा हुआ सपना
कानूनी अनुमति और मेडिकल प्रोसेस के बाद, डॉक्टरों ने IVF तकनीक की मदद से एक एम्ब्रियो बनाया।
फिर हदास प्रेग्नेंट हुईं।
डेढ़ साल बाद आया खुशियों का उजाला
नेटनेल की मौत के लगभग डेढ़ साल बाद हदास ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
इस बच्चे को कई लोग "मिरेकल बेबी" कहते हैं, क्योंकि यह सच में एक चमत्कार जैसा है—
एक मां का हौसला और एक मंगेतर के अधूरे सपने को पूरा करने की हिम्मत.

हिन्दी

@renuy305 एक दूसरे को सपोर्ट करना ही इस नये सिस्टम में सबसे बड़ा फायदेमंद कदम है
प्रीमियम फॉलोअर्स और उनकी एक्टिविटी सच में payout बढ़ा देती है
अभी मौका चल रहा है तो इसका पूरा लाभ उठाना समझदारी है
चलो साथ चलें और साथ कमाएं
हिन्दी

ज्यादा Verified Followers ज्यादा Payout की गारंटी
X ने साफ-साफ बता दिया है कि अब क्रिएटर पेमेंट का मुख्य आधार यही दो चीजें हैं:
• Verified (Premium) यूजर्स से इंटरेक्शन
• Verified Followers की संख्या
यानी जितने ज्यादा प्रीमियम यूजर्स आपकी पोस्ट्स को लाइक, रिप्लाई, रीपोस्ट करेंगे और जितने ज्यादा प्रीमियम यूजर्स आपको फॉलो करेंगे उतना ही ज्यादा आपका पेआउट
ये पॉलिसी अभी चल रही है, कब तक चलेगी ये तो X ही जाने।
लेकिन अभी का फायदा अभी उठाओ
तो सभी साथियों से रिक्वेस्ट,अगर आप Premium यूजर हो और अभी तक फॉलो नहीं किया तो अभी कर लो।और हर पोस्ट पर लाइक-रिप्लाई जरूर करो
ये हम सबके लिए फायदे की बात है।
एक-दूसरे को सपोर्ट करो, साथ में कमाओ।

हिन्दी

@Raviraebarely सुकन्या समृद्धि योजना सच में बेटियों के भविष्य को मजबूत आधार देती है
कम जमा में सुरक्षित बचत और अच्छा ब्याज परिवार को राहत देता है
शिक्षा और विवाह दोनों के लिए भरोसेमंद सहारा बन जाती है
ऐसी योजनाएँ बेटियों के सपनों को खुली राह देती हैं
हिन्दी

आइए आज जानते हैं देश की सबसे चर्चित बचत योजना के बारे में जिसका नाम है "सुकन्या समृद्धि योजना"
सुकन्या समृद्धि योजना एक सरकारी बचत योजना है जो बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। इस योजना के तहत, बालिका के माता-पिता या अभिभावक 10 साल की उम्र से पहले उसके नाम पर एक खाता खोल सकते हैं। खाते में न्यूनतम ₹250 प्रति वर्ष और अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वर्ष जमा किया जा सकता है, जो आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर-मुक्त है। यह खाता डाकघरों और अधिकृत बैंकों में खोला जा सकता है, और खाते से बालिका की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए आंशिक निकासी की जा सकती है।
योजना की मुख्य बातें:
खाता खोलने की आयु: बालिका 10 वर्ष की आयु तक पहुंचने से पहले।
न्यूनतम जमा: ₹250 प्रति वित्तीय वर्ष।
अधिकतम जमा: ₹1.5 लाख प्रति वित्तीय वर्ष।
ब्याज दर: वर्तमान ब्याज दर 8.20% प्रति वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26, द्वितीय तिमाही) है।
कर लाभ: जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर कटौती के लिए योग्य है, और अर्जित ब्याज आयकर से मुक्त है।
निकासी:
उच्च शिक्षा: बालिका की आयु 18 वर्ष हो जाने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध राशि का 50% तक निकाला जा सकता है।
विवाह: बालिका की आयु 18 वर्ष होने पर, उसके विवाह के लिए समय से पहले बंद किया जा सकता है।
अवधि: खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष की परिपक्वता अवधि।
स्थानांतरण: खाते को भारत में कहीं भी एक डाकघर/बैंक से दूसरे में स्थानांतरित किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज: बालिका का जन्म प्रमाण पत्र और अभिभावक का पहचान और पते का प्रमाण।

हिन्दी

@AdvRKmathur यही सोच इंसान को भीतर से मजबूत बनाती है
दिखावे से नहीं अपने लिए जीना ही असली जीत है
मेहनत के बिना हुनर भी आधा रह जाता है
सुप्रभात एक्स फैमिली
हिन्दी

Cristiano Ronaldo
ना शराब पीते हैं, ना स्मोक करते हैं, ना टैटू बनवाते हैं।
उन्हें किसी को इंप्रेस नहीं करना—
उनका किसी से कम्पटीशन नहीं।
उन्हें किसी को कुछ साबित नहीं करना,
जो करना है, अपने लिए करना है
और याद रखो, Talent बिना Work के बेकार है
यही असली चैंपियन की सोच है! 🏆
Good Morning X Family
#CristianoRonaldo
#CR7Forever
#RonaldoFans
हिन्दी

@aalianadim मेहनत की यह खामोश चाल सच में दिल को थाम लेती है
शब्द न हों तब भी इरादा अपनी पूरी आवाज़ में बोलता है
ज़िंदगी की सबसे सुंदर कहानियाँ अक्सर ऐसे ही लोगों से बनती हैं
जो बिना कुछ कहे भी दुनिया को हौसला सीखा जाते हैं
हिन्दी

@annu_1AD प्रकृति का यह प्लास्टिक खाने वाला फंगस सच में इंसानी गलती का जवाब लगता है
जहां बोतलें सदियों टिकती हैं वहां यह कुछ ही साल में काम कर देता है
ऑक्सीजन के बिना भी प्लास्टिक घोल देना इसकी ताकत बताता है
कहानी साफ है धरती ने खुद इलाज खोज लिया है अब हमारी बारी है
हिन्दी

Nature ने खुद एक Plastic Killer लॉन्च कर दिया है। और ये कहानी इतनी पागल है कि पढ़कर दिमाग हिल जाएगा…।
क्या तुम जानते हो ? दुनिया में इतना प्लास्टिक फैल चुका है कि Nature को मजबूरी में evolve होना पड़ा!
और इसी वजह से पैदा हुआ एक ऐसा फंगस…
जो प्लास्टिक को खाता है, हाँ सच में खाता है।
इसका नाम है Pestalotiopsis microspora
ये फंगस सिर्फ प्लास्टिक खाकर जिंदा रह सकता है। मतलब इसे रोटी चावल की जगह प्लास्टिक चाहिए।
जहाँ एक प्लास्टिक बोतल को सड़ने में 500 साल लगते हैं वहीं ये फंगस उसी प्लास्टिक को 5–6 साल में खत्म कर देता है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती ये फंगस ऑक्सीजन के बिना भी प्लास्टिक खा सकता है
यानि ये गहरे लैंडफिल्स में भी काम कर सकता है
जहाँ इंसान की मशीनें आज भी कुछ नहीं कर सकतीं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसानों ने पिछले 70 सालों में इतना प्लास्टिक फैलाया कि Nature के पास कोई रास्ता नहीं बचा था…
उसे फोर्सफुली एक ऐसा organism बनाना पड़ा
जो इंसान की गंदगी को साफ कर सके।
और सबसे डरावनी बात ?
ये फंगस सिर्फ प्लास्टिक नहीं खाता,बल्कि प्लास्टिक खाकर ऊर्जा भी पैदा करता है।
यानि इसे जितना प्लास्टिक दो… ये उतना ताकतवर होता जाता है।
सोचो… अगर इस फंगस को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो पूरी धरती के प्लास्टिक का बड़ा हिस्सा कुछ दशकों में गायब हो सकता है।
लेकिन अगर ये फंगस uncontrollable हो गया तो क्या ये Nature का सफाईकर्मी है या नया खतरा ?
क्या Nature हमारी गलतियों को साफ कर रही है
या हमें एक चेतावनी दे रही है?

हिन्दी

@Dilip82073 कभी कभी पीछे हटना ही सबसे बड़ा आगे बढ़ना होता है
खामोशी में खुद को निखारो ताकत वहीं बनती है
कमबैक तब होता है जब मन और हुनर दोनों तैयार हों
फिर दुनिया खुद रास्ता देती है और विरोधी भी हैरान रह जाते हैं
हिन्दी

आज का ज्ञान
अगर आपको लगता है कि आप जीवन में बहुत पिछड़ गए हैं, कोई ग्रोथ नहीं है आप कहीं अटक गए है,
तो ऐसी स्थिति में रोने धोने,किसी के पैरों में गिरने से अच्छा है कि कुछ समय के अपने आप को गायब कर दो और अपना पूरा समय अपने स्किल, व्यक्तित्व विकास,निखारने में लगा दो।
फिर जब कुछ समय बाद आप कमबैक करेंगे तो दुनिया आपके कदमों में होगी। और आप का एक नया अवतार देखकर आपके विरोधी और चाहने वाले सभी चौंक जाएंगे।
यह फार्मूला प्यार के मामलों पर भी लगाया जा सकता है।


हिन्दी

@Rahulchetry1992 खीरे की मुंडी रगड़ने पर बनने वाला झाग उसकी कड़वी परत को ऊपर खींच लेता है
लोग इसे भ्रम कहते हैं पर असर कई बार सच में दिखता है
बचपन में दांत लगभग छह से आठ महीने में निकलते हैं
तुम बताओ तुम्हारा पहला दांत कब झांका था
हिन्दी

👉 1 , लाख मशक्कत के बावजूद आज़ तक यह समझ नहीं पाया कि खीरे की मुंडी का*टकर उसको रगड़ने से उसकी कड़वाहट कैसे दूर हो जाती है ???
यह इंसान की भ्रम है या फिर साइंस के कोई राज ??
👉 2, हंसते हुए अपने सफेद दांत दिखाने वाले एक बार सोनू बेटे के फोटो देखें ,आप भी कुछ इसी तरह बगैर दांत के दो-तीन साल गुजारे थे।
यकीन ना हो तो आप मेरे सोनू बेटे के फोटो देखें आप भी कुछ इसी तरह दिखाई देते थे।
नोट - खीरे की कड़वाहट को लेकर इंसान आज भी भ्रम में है या फिर साइंस का कोई खेल है ??
बचपन में आप के दांत कितने उम्र में निकले थे??


हिन्दी

@UP_24k राजनीति में योग्यता परिवार से नहीं बल्कि अपने काम से बनती है
विरासत शुरुआत दे सकती है पर पहचान कर्म से ही मिलती है
तेजस्वी हों या कोई भी नेता समाज उनके वास्तविक योगदान से ही आंकता है
आखिर में नाम नहीं कार्य ही भरोसे का आधार बनता है
हिन्दी

@mrk2786 सुप्रभात
दुनिया के दर्द में जो दिल नरम रहे वही असल इंसान है
मरहम बनने की ताकत ही रिश्तों को रोशन बनाती है
चलो आज भी किसी के लिए राहत बनें
हिन्दी

@s_pandeyjii ट्रेंड बदलते रहते हैं पर कान हमेशा एक ही होते हैं
वायरलेस की सुविधा अच्छी है पर खतरा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
सेलेब्रिटीज का वायर्ड पर लौटना यही सिखाता है कि सुरक्षा पहले आती है
कम आवाज कम समय और ज्यादा सावधानी ही सही रास्ता है
हिन्दी

ट्रेंड समझकर आप वायरलेस इयरफोन लगा रहे हो और सेलेब्रिटीज़ ट्रेंड समझकर वायर्ड पर लौट चुके हैं।
आजकल सोशल मीडिया पर नया फैशन है कानों में वायर्ड earphones सेलिब्रिटीज भी, कॉलेज वाले भी, सब इसी स्टाइल में घूम रहे हैं।
लेकिन ये सिर्फ़ ट्रेंड नहीं इसके पीछे एक सच्चाई छिपी है जिसे सुनकर आप चौंक जाओगे। कुछ दिनों पहले एक लड़की के कान में धमाका हुआ।
कानों के ठीक पास डिवाइस फट गया और वो ज़िंदगीभर के लिए सुनने की क्षमता गँवा बैठी।
सोचिए अगर कोई चीज़ आपके दिमाग और कान के इतने पास है तो खतरे की ज़रा सी चूक भी भारी पड़ सकती है।
इसीलिए सेलेब्रिटीज़ अब वापस वायर्ड पर लौट रहे हैं क्योंकि इसमें बिना बैटरी, बिना रेडिएशन का आराम होता है।
और अगर आपको वायरलेस ही पसंद है तो बस एक नियम याद रखें: कम वॉल्यूम, कम समय, ज़्यादा सुरक्षा। ट्रेंड अच्छा है पर कान ज़्यादा कीमती हैं।
आपके हिसाब से हम trend follow करें या अपने ears की safety को priority दें?


हिन्दी

@Adarshkatiya मेहनत कभी कभी ऐसे ही उलझे मोड़ पर ले आती है
घर हम बनाते हैं और फल कोई और ले जाता है
पर यात्रा वही जीतती है जो थक कर भी रुकती नहीं
मेरा हाल ठीक है तुम बताओ दिल की दिशा कैसी है
हिन्दी

@Varnee_ka शिक्षक पर गैरशैक्षणिक बोझ डालना शिक्षा को कमजोर करता है
गुरुजी से सर्वे और कुत्ता निगरानी करवाना व्यवस्था की नाकामी दिखाता है
बच्चों का भविष्य तभी सुधरेगा जब शिक्षक को सिर्फ पढ़ाने दिया जाए
सरकार को तय करना होगा प्राथमिकता शिक्षा है या प्रशासनिक बोझ
हिन्दी

सरकारी आदेशों में पिसता शिक्षक, दम तोड़ती शिक्षा...और शिक्षा व्यवस्था।
छत्तीसगढ़ में स्कूलों को भेजे गए नए निर्देश एक बार फिर यह सवाल खड़ा करते हैं कि हमारे गुरुजी आखिर करें तो क्या करें?
कक्षा में बच्चों को पढ़ाए, घर–घर जाकर SIR का सर्वे करें और अब आवारा कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर डाल दी जाए?
पत्र जारी कर दिया गया है कि स्कूल प्राचार्य या संस्था प्रमुख नोडल अधिकारी बनें और परिसर के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की जानकारी पंचायत और निगम को दें।
मतलब अब शिक्षा नहीं, पशु-नियंत्रण भी स्कूल स्टाफ के जिम्मे! हालात ऐसे हैं कि शिक्षक कभी वोटर लिस्ट का काम कर रहे होते हैं, कभी जनगणना भर रहे होते हैं और अब कुत्ता मॉनिटरिंग भी उन्हीं के हिस्से में आ गई।
सरकार को समझना चाहिए कि स्कूल में पढ़ाई तभी बेहतर होगी जब शिक्षक को शिक्षक बनने दिया जाए।
गुरुओं से हर सरकारी विभाग का बोझ उठवाने की परंपरा बंद होनी चाहिए। सवाल सरल है शिक्षक बच्चों का भविष्य संभालें या व्यवस्था की कमियों को?
क्या बीजेपी जानबूझ के शिक्षा व्यवस्था को चौपट करना चाहती ताकि बच्चे प्राइवेट स्कूल की तरफ भागे। पहले 10हजार सरकारी स्कूल छत्तीसगढ़ में बंद की गई और अब शिक्षकों को कुत्ते की रखवाली।
शिक्षा विभाग/ बीजेपी सरकार जवाब दे कि आखिर गुरुजी कुत्ता भगाएं, SIR का सर्वे करें या बच्चों को पढ़ाएं?

हिन्दी

@saahira_a जहां ताकत का घमंड हो वहां समझ दूर चली जाती है
इस बच्चे पर किया गया यह व्यवहार दिल को भारी कर देता है
सच्ची ताकत वही है जो नर्मी और करुणा में दिखती है
मेरे लिए मजबूत वही है जो किसी कमजोर को बचा सके
हिन्दी











