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New Delhi Katılım Şubat 2019
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@AlokKumarLIVE उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर विहिप की प्रतिक्रिया
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प्रेस वक्तव्य: सनातन विरोधी बयान दुर्भाग्यपूर्ण, विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए : आलोक कुमार नई दिल्ली। मई 13, 2026। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में में दिए गए उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी वक्तव्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि क्या वे इस प्रकार का वक्तव्य किसी अन्य मज़हब के विरुद्ध भी देने का साहस कर सकते हैं? सनातन हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं को निरंतर अपमानित करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के भी विपरीत है। नेता विपक्ष के इस बयान को अविलंब विधानसभा की कार्रवाई से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्यंत विडंबनापूर्ण स्थिति है कि जिन परिवारों और राजनीतिक दलों को स्वयं सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभ प्राप्त होता है, वही लोग सनातन को समाप्त करने की बातें कर रहे हैं। तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करना उसी थाली में छेद करने जैसा है। श्री आलोक कुमार ने कहा कि तमिलनाडु के नवीन मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है अथवा वह ऐसे विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण हिंदूद्रोही वक्तव्यों का समर्थन करती है। श्री आलोक कुमार ने मांग की कि इस प्रकार के घोर आपत्तिजनक और विभाजनकारी वक्तव्य को विधानसभा की कार्यवाही से तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म तमिलनाडु सहित पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। इतिहास साक्षी है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली अनेक विचार धाराएँ स्वयं समाप्त हो गईं, किंतु सनातन आज भी उतनी ही शक्ति, श्रद्धा और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। जारीकर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद
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अवैध घुसपैठ ना सिर्फ देश के संसाधनों व कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि देश की अंतरिक्ष सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। ऐसे में घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को चिन्हित कर भगाने के लिए कृत संकल्पित असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंता बिस्वा सरमा जी को राज्य के सेवार्थ नई पारी के लिए बधाई व शुभकामनाएं। शुभकामनाएं व बधाई बंगाल के नवीन मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी को भी जिन्होंने अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में ही देश की सीमा की सुरक्षार्थ 45 दिन के अंदर ही आवश्यक भूमि सीमा सुरक्षा बलों को हस्तांतरित करने का सराहनीय आदेश दिया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए आपको साधुवाद। @SuvenduWB @himantabiswa
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महान अद्यात्मिक गुरु एवं विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक सदस्य पूज्य स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन्
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“हिंन्दुत्व' ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का एक स्वरूप है, जिसमें धार्मिक एकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है” भारतीय स्वंत्रता संग्राम के सिरमौर, महान क्रांतिकारी, हिंदुत्व विचारक, लेखक स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन्
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जिन मोहि मारा, तिन मैं मारे... सिंदूर सिर्फ एक ऑपरेशन का नाम नहीं था, मां भारती के सिंदूर पर हमला करने वालों को एक ललकार थी! 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर उन महान् वीरो को वंदन, जिन्होंने जिहादियों को सिर्फ जवाब नहीं, एक कठोर संदेश भी दिया जिसकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी.!! #OperationSindoor
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आज विश्व हिंदू परिषद के दिल्ली मुख्यालय में संगठन महामंत्री श्री बजरंगलाल बागड़ा की स्वामी नलिनानंद गिरी जी से शिष्टाचार भेंट हुई। इटर्नल वॉयस नामक अंतरराष्ट्रीय संगठन के सीईओ पूज्य स्वामी जी का केंद्र अमेरिका के मैरीलैंड में है। वे श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के विद्वान हैं जिन्होंने इस विषय पर पंजाब विश्वविद्यालय से PH.D भी की हुई है। सनातन के अतिरिक्त इनका सिख सन्तों, विद्वानों और समाज में बड़ा सम्मान है। स्वामी जी ने विहिप महामंत्री के साथ 'अमेरिका और भारत में हिन्दू-सिख समन्वय' के निमित्त हो रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।
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पश्चिम बंगाल, असम और पुदुच्चेरी में हिंदुत्व की विजय भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रभाव की शक्ति का प्रतीक है। यह विजय केवल राजनीतिक नहीं बल्कि, सनातन मूल्यों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना है। विहिप इस जनादेश का सम्मान करते हुए मतदाताओं को साधुवाद देती है।
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सृष्टि के प्रथम संदेश वाहक एवं भगवान विष्णु के अनन्य उपासक परमपिता ब्रह्मा जी के मानस पुत्र देवर्षि नारद जी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं !
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विश्व को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण (मृत्यु) की त्रिविध स्मृतियों के पवित्र पर्व बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!
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प्रेस वक्तव्य : मंदिरों को मुक्त कर धर्मांतरण व गौ तस्करी कानूनों को कठोर बनाए हिमाचल सरकार शिमला (हिमाचल प्रदेश ) 30 अप्रैल, 2026. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज अपने एक दिवसीय हिमाचल प्रवास के दौरान शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर कहा कि भारत एक पंथ-निरपेक्ष देश है। यहाँ के किसी गुरूद्वारे, मस्जिद, चर्च, बुद्ध विहार और जैन स्थानकों का संचालन कोई सरकार नहीं करती है किंतु दुर्भाग्य से हिमाचल सरकार ने हिन्दू समाज के सबसे बड़े 37 मंदिरों को अपने अधिकार में रखा हुआ है। अब समय आ गया है कि वह उन सभी बड़े मंदिरों का संचालन भी हिंदू समाज को सौंपे। साथ ही राज्य धर्मांतरण व गौ तस्करी पर भी कठोर प्रहार जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों को हिमाचल प्रदेश हिन्दू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1984 के अंतर्गत एक कमिश्नर देखता है। वही, इन मंदिरों के न्यासियों को अपनी सुविधा अनुसार नामांकित करता है। जिससे मंदिर सरकार के हस्तक्षेप को झेलते हैं और इनके धार्मिक नेतृत्व को अपने धर्म स्थान के बारे में निर्णय लेना का कोई अधिकार नहीं है। सरकार इन मंदिरों के न्यासियों पर दवाब ड़ाल कर उनके चढ़ावे का एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा किए जाने वाले सेक्युलर कार्यों के लिए खर्च करती आई है, जिस कारण से इस विषय पर प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष लगभग 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा हिंदुओं के धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कल्याण, मंदिर विकास, लंगर, सेवा इत्यादि के लिए दिया जाता है। स्मरण रहे कि यह हिन्दुओं व सनातन मूल्यों में आस्था रखने वालों का पैसा है जिसे श्रद्धापूर्वक भक्तों ने भगवान के लिए समर्पित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिन्दू पैसे का उपयोग हिन्दू कामों के लिए व हिन्दू समाज के द्वारा ही किया जाना चाहिए। सरकार इस कार्य से दूर रहे। विश्व हिन्दू परिषद यह मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश की सरकार हिन्दू मंदिरों का संचालन वापिस हिन्दू समाज को सौंप दे। लैंड जिहाद: विश्व हिन्दू परिषद् देव भूमि हिमाचल में बढ़ रहे लैंड जिहाद पर भी चिंता व्यक्त करती है। सरकारी भूमि पर कब्ज़ा, उस पर मजारों जैसे अवैध निर्माण तथा मजहबी नाम पर कब्ज़ाई संपत्तियों का रिहायशी और व्यवसायिक कामों के लिए बढ़ते अवैध प्रयोग चिंताजनक हैं। इन सब पर भी पूर्ण विराम आवश्यक है। संजोली, मंडी तथा अन्य स्थानों पर अवैध मस्जिद इसका एक बड़ा उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश सरकार को इस विषय में अविलंब कार्यवाही करनी चाहिए। *लव जिहाद व धर्मांतरण:* उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में बढ़ती लव जिहाद की घटनाएं हिंदू समाज को तोड़ने तथा जनसांख्यिकी असंतुलन के गहरे षडयंत्र हैं। जिससे हिन्दू समाज में असुरक्षा तथा गहरा आक्रोश व्याप्त है। लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण से देव संस्कृति को समाप्त करने के षडयंत्र रचे जा रहे हैं। फिर भी प्रदेश सरकार द्वारा अपेक्षित गंभीरता के अभाव में अनेक स्थानों पर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई है। संजौली, शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, इंदौरा, नूरपुर, नेरवा, नालागढ़, बिलासपुर सहित हिमाचल के सभी जिलों से इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य सरकार धर्मांतरण कानून को कठोर बना कर उसके पालन में तत्परता दिखाए तथा हिंदू नारी की रक्षा व स्वाभिमान की ओर भी कदम बढ़ाए। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार व प्रशासन अभी भी उपरोक्त विषयों पर कड़ा रुख नहीं अपनाती है, तो हिंदू समाज राज्य की देव संस्कृति की रक्षार्थ जन आंदोलन करने पर मजबूर होगा। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद
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ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥ भगवान विष्णु के चौथे अवतार शक्ति और पराक्रम के देवता भगवान नरसिंह जी के प्राकट्योत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान नरसिंह जी की कृपा से सभी के जीवन में साहस, धर्मनिष्ठा और विजय का संचार हो, यही प्रार्थना है।
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Press Statement of Sh. Alok Kumar, Sr. Advocate President Vishwa Hindu Parishad on the remarks made by Justice Atul Sreedharan, Allahabad High Court in the Madarasa matter JUDICIAL RESTRAINT ESSENTIAL TO MAINTAIN INSTITUTIONAL BALANCE 1. I am surprised by reading the order dated 27.04.2026 passed by Justice Sh. Atul Sreedharan of Allahabad High Court in the case filed by Teachers Association Madaries Arabia against the National Human Rights Commission (NHRC). 2.The challenge before the High Court was to an order passed by NHRC directing the DG Economic Offences Wing (EOW), Govt. of UP to look into the allegations including of financial mis-management in Madarasas and file an action taken report (ATR). 3.The Counsel for Petitioner had requested for an adjournment as the arguing Counsel was not available. None was present for the NHRC as it was a new case and no notice has been served upon NHRC. 4.The adjournment was granted. 5.However, Justice Sh. Atul Sreedharan in the absence of the Counsel for the parties and without any arguments expressed his prima facie opinion that the Order was beyond the jurisdiction of NHRC. Be that as it may. 6.The Hon’ble Judge thereafter went on a tirade against NHRC. The Hon’ble Judge alleged that NHRC has never taken cognizance “in which members of the muslim community are attacked and at times lynched in some cases…. The Court is not aware of the NHRC taking suo-moto cognizance in situations where vigilantes take the law in their own hands and harass the ordinary citizens of the country…” 7.The remarks of the Hon’ble Judge were so out of place that Justice Sh. Vivek Saran, the other judge on the bench dissented. He expressed his disagreement and observed that he differed “from the order as has been dictated by brother Justice Atul Sreedharan”. 8.We do feel that the lynching of any person irrespective of his religion is condemnable, unlawful and punishable. We further feel that the persons who indulge in offences should face the consequences irrespective of the religion they belong to. Criminals do not belong to any religion and their acts are against the civil Society as a whole. 9.Therefore, in the present matter it is inappropriate to take a position that such things are happening against the adherents of a particular religion. The remarks are factually wrong and have a potential to create disharmony between the major communities of Bharat. 10.The restraint is all the more required from persons holding high Constitutional Offices. - Alok Kumar, Sr. Advocate & President Vishwa Hindu Parishad 29.04.2025
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Press Release: Day ahead of UNGA president's visit to New Delhi, VHP sent letter to raise alarm for Rising Atrocities on Religious Minorities in Pakistan and Bangladesh New Delhi, April 27, 2026. Expressing deep concern over the persistent human rights violations against religious minorities in Pakistan and Bangladesh, the Vishva Hindu Parishad (VHP) has called upon the United Nations to undertake immediate and effective intervention. A day before her visit to New Delhi, Advocate Shri Alok Kumar, International President of the Vishva Hindu Parishad, today written a letter to Ms. Annalena Baerbock, President of the United Nations General Assembly, highlighting instances of persecution, forced conversions, and violence being perpetrated against religious minorities—specifically the Hindu, Sikh, Buddhist, and Christian communities—in both the countries. Citing recent reports from UN human rights mechanisms and observations by experts, the letter notes a disturbing rise in cases of forced conversions and marriages involving minor girls in Pakistan. The majority of victims in these cases belong to the Hindu and Christian communities. Such incidents have been reported with particular frequency in the Sindh province. Victims are subjected to physical, psychological, and social abuse. The response of Pakistan's law enforcement agencies to such cases has also frequently been described as inadequate. Similarly, the letter cites numerous instances of violence and discrimination against religious minorities—particularly Hindus—in Bangladesh. According to reports, a large number of incidents of communal violence targeting minority communities were recorded during August 2024 alone. In the letter, Shri Alok Kumar stated that the persistence and widespread nature of these incidents indicate that the existing mechanisms for protecting the rights of minorities are insufficient. He further underscored that it is the responsibility of the international community and the United Nations to take concrete and effective measures to halt these grave human rights violations. Alok Kumar has primarily put forward the following demands: * An independent and impartial international investigation into forced conversions and violence against minorities. * The establishment of a special mechanism to ensure the safety of victims and secure justice. * Holding the concerned nations accountable in accordance with international human rights standards. * The implementation of strict legal and institutional measures to safeguard women and minors. The Vishva Hindu Parishad has urged the United Nations leadership to prioritize this issue and ensure concrete action, so that the lives, liberty, dignity, and rights of the affected communities may be protected. Copy of the letter has also been marked to the UN Secretary General shri António Guterres, PM shri Narendra Modi and the union minister for External affairs Shri S. Jaishankar. Released by: Vinod Bansal National spokesperson Vishva Hindu Parishad New Delhi
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प्रेस विज्ञप्ति संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षा को विहिप ने भेजा पत्र; पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों व धर्मांतरण पर रोक हेतु हस्तक्षेप की मांग नई दिल्ली, 27 अप्रैल, 2026। विश्व हिंदू परिषद ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर गहरी चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षा सुश्री अन्नालेना बेयरबॉक को पत्र लिख कर दोनों देशों में विशेष रूप से हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई समुदायों के साथ हो रहे उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और हिंसा के मामलों को उजागर किया गया है। पत्र में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र की हालिया रिपोर्टों और विशेषज्ञों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए बताया गया है कि पाकिस्तान में नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और विवाह के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इन मामलों में अधिकांश पीड़ित महिलाएं हिंदू और ईसाई समुदाय से संबंधित हैं। विशेष रूप से सिंध प्रांत में ऐसी घटनाएं अधिक सामने आई हैं। पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिक्रिया भी कई बार अपर्याप्त बताई गई है। इसी तरह, पत्र में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव के अनेक मामलों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2024 के दौरान ही बड़ी संख्या में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया गया। श्री आलोक कुमार ने कहा है कि इन घटनाओं की निरंतरता और व्यापकता यह संकेत देती है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वे इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष सुश्री अन्नालेना बेयरबॉक की मंगलवार से नई दिल्ली की यात्रा से ठीक एक दिन पूर्व ईमेल से भेजे अपने पत्र में विहिप अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने निम्नलिखित मांगें प्रमुख रूप से रखी हैं: * जबरन धर्मांतरण और अल्पसंख्यकों पर हिंसा की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच * पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष तंत्र की स्थापना * संबंधित देशों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप जवाबदेही तय करना * महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी और संस्थागत उपाय लागू करना विश्व हिंदू परिषद ने संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि प्रभावित समुदायों के जीवन, स्वतंत्रता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा की जा सके। पत्र की प्रति संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व विदेश मंत्री श्री एस जय शंकर को भी भेजी गई है। जारी कर्ता: विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद - नई दिल्ली
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जनक-नन्दिनी, जग-जननी माँ सीता के प्राकट्योत्सव 'सीता नवमी' की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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