

Adv Vivek kumar Pandey
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@vivekkumar84
Advocate, Lucknow High Court | Legal Consultant | Political Strategist & Analyst. Passionate about Justice, UP Politics, and Social Reform.





Rape ke liye phaansi dena ghalat hai,ladkon se ghalti ho jaati hai,hum satta mein aaye to kanoon mein badlav karenge-Mulayam Singh Yadav

समाजवादी पार्टी की दादरी रैली ‘सद्भावना’ नहीं, बल्कि ‘दुर्भावना’ रैली साबित हुई। यह रैली उस अराजक दौर की याद दिलाने का प्रयास थी, जब कानून-व्यवस्था सवालों के घेरे में थी, अपराधियों का मनोबल ऊंचा था और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करता था। सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की तुष्टिकरण की वही राजनीति फिर सामने आई, जिसने कभी उत्तर प्रदेश को ‘अराजकता और असुरक्षा’ के दौर में धकेला था। यह रैली 2012 से 2017 के सपा शासनकाल के उस अंधेरे अध्याय को फिर से जीवित करने की कोशिश थी, जिसे प्रदेश की जनता साफ तौर पर नकार चुकी है। लेकिन आज का उत्तर प्रदेश बदल चुका है, जनता साफ कह रही है, उसे न गुंडाराज चाहिए, न तुष्टिकरण। उसे चाहिए सुशासन, सुरक्षा और निरंतर विकास। इसलिए जनता का मन भी साफ़ है- तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार, ताकि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संकल्प और सशक्त हो तथा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के हाथ और अधिक मजबूत हों।










ये आदमी पिछले 12 सालों में अपने घिसी पिटी बातों तक में कोई इनोवेशन नहीं ला सका है और तुम सोच रहे ये देश को इनोवेटिव बनाएगा। इसको खुद शर्म नहीं आती क्या कि एक ही बात को कितनी बार दोहराएगा। कितना प्रिडिक्टेबल हो चुका है ये।




